वर्तमान में कई लोग यूट्यूब ब्लॉगिंग से पैसे कमा रहे हैं! वायरल वीडियो के सहारे कब किसकी किस्मत चमक जाएगी कहा नहीं जा सकता। हाल के दिनों में सिक्युरिटी गार्ड से लेकर सब्जीवाले के कई वीडियो वायरल हुए। कुछ समय पहले तक इनके काम को नोटिस नहीं किया जाता था लेकिन अब वो अब बीते दिनों की बात है। डिलीवरी ब्वॉय राहुल का कहना है कि उनके काम में मेहनत और समर्पण दोनों की जरूरत है। कई बार लोगों को यह दिखता नहीं है। राहुल ने दो साल पहले अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। इसमें राहुल ने अपने जॉब और डिलीवरी ब्वॉय की सच्चाई को दिखाया। इससे जुड़े कई वीडियो पोस्ट किए। राहुल ने कहा कि वास्तव में उस सच्चाई को दिखाना चाहता था कि डिलीवरी को लेकर क्या परेशानियां आती हैं। इस काम को लोग ज्यादा तरजीह नहीं देते थे और कमतर आंकते थे। लेकिन मेरे वीडियो के बाद से लोग इस पर बात करते हैं और डिलीवरी ब्वॉय को सम्मान के साथ देखते हैं।

यूट्यूब पर शुरुआती दिनों में ब्लू कॉलर जॉब और वर्कर्स के वीडियो दिखते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। भारत में जैसे-जैसे इंटरनेट की पहुंच आम लोगों तक पहुंची है उसके बाद ट्रक ड्राइवर, सब्जीवाला, डिलीवरी ब्वॉय, घरों में काम करने वाले नौकर इनके वीडियो भी सामने आते हैं। इस कार्य से जुड़े लोग भी अपना यूट्यूब चैनल बनाकर अच्छा कर रहे हैं और यह इनकम का जरिया भी बन गया है। बिजनस, शेयर मार्केट, एजुकेशन के वीडियो की यूट्यूब पर भरमार है लेकिन अब फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर भी अपने काम से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री बनाकर वीडियो अपलोड कर रहे हैं। 25 वर्षीय सब्जी विक्रेता चंद्र प्रकाश पटेल के यूट्यूब चैनल Chandu the Villager पर 36 लाख व्यूज हैं। छत्तीसगढ़ के चंद्र प्रकाश का कहना है कि वाकई मैं यह दिखाना चाहता था कि एक सब्जी बेचने वाले को दिनभर कड़ी मेहनत के बाद कितने पैसे बचते हैं। सब्जीवालों से हर कोई 2-3 रुपये के लिए मोलभाव करता है लेकिन कड़ी मेहनत कोई नहीं देखता।

चंद्रप्रकाश के वीडियो में दिखता है कि एक सब्जीवाले की दिन की शुरुआत कैसे होती है। कहां से वह सब्जी लाता है। मंडी पहुंचने के बाद क्या होता है। दिन में कब बोहनी होती है। वीडियो के कमेंट में कुछ लोगों ने यह पूछा कि कितनी कमाई होती है उसके बाद चंद्रप्रकाश ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें दिखता है कि चंद्रप्रकाश ने 3800 रुपये की सब्जी खरीदी और दिनभर की मेहनत के बाद जब सारी सब्जी बिकी तब उसके पास 5500 रुपये थे। इस वीडियो के बाद कई लोगों ने कमेंट किया कि कड़ी मेहनत के बाद भी इतने कम पैसे बचे।

राहुल का कहना है कि वो सिनेमा में काम करना चाहता था लेकिन मौका नहीं मिला। अब वह अपने काम के अलावा ऐसे वीडियो अपलोड करते हैं जिससे लोगों का मनोरंजन हो सके। राहुल के यूट्यूब चैनल का मोनेटाइजेशन भी है। राहुल का कहना है कि उसके माता-पिता का जोर सरकारी नौकरी पर रहता है और उनको यूट्यूब के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सतीश पन्ना की जर्नी कुरियर राइडर के तौर पर शुरू होती है। सतीश पन्ना का कहना है कि शुरू में वह वीडियो देखते थे और खुद भी वीडियो बनाना चाहते थे। कुछ दिनों बाद सतीश हर दिन जो काम करते थे उसका वीडियो बनाकर अपलोड करना शुरू कर दिया। डिलीवरी जॉब को लेकर कस्टमर से पूछते और जवाब का वीडियो अपलोड करते। शुरुआत में लोगों से सवाल पूछने में डर लगता था लेकिन जल्द ही यह डर दूर हो गया। सतीश का कहना है कि शुरुआत में मुझसे जुड़े लोग मेरे वीडियो का मजाक उड़ाते थे। कहते थे कौन देखेगा। सतीश का वीडियो धीरे-धीरे लोग देखना पसंद करने लगे। लोग सतीश के काम, कहां रहते हैं ऐसे सवाल पूछने लगे। कोरोना के बाद इससे 10 से 20 हजार रुपये की आय होने लगी। अभी त्योहारों के वक्त वीडियो से 55 हजार रुपये महीने तक की कमाई हो रही है।

एक और पॉपुलर यूट्यूबर आर राजेश पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं इनके चैनल पर 40 लाख सब्सक्राइबर हैं। कई वीडियो पर एक मिलियन से अधिक व्यूज हैं। राजेश देश के कई हिस्सों में जाते हैं। इस दौरान वह लोगों से बात करते हैं। कहीं चायवाले से तो कहीं पानवाले से। ट्रक के भीतर चिकन करी तो कभी सब्जी बनाते वह वीडियो बनाते और उसे अपलोड करते। ऐसे वीडियो देखना लोग खूब पसंद कर रहे हैं। बारिश के वक्त ट्रक ड्राइवर के सामने क्या चुनौती आती है यह वीडियो में देखने को मिलता है। खराब रास्तों पर कैसे आगे बढ़ना यह सब वीडियो में दिखाई पड़ता है। लोगों को राजेश के वीडियो पसंद आते हैं। राजेश को वीडियो बनाना पसंद है। सबसे खास बात है कि सब्जी विक्रेता, डिलीवरी ब्वॉय, ट्रक ड्राइवर इनके बनाए वीडियो इस वक्त लोग काफी पसंद कर रहे हैं और इन्हें देखने वालों में अधिकांश शहरी क्षेत्र के लोग हैं। इसका मतलब है कि यूट्यूब पर आम आदमी हिट है।