आज हम आपको बताएंगे कि 6800 सोने की ईंटो की चोरी कैसे हुई! दुनिया के बेहद बिजी रहने वाले एयरपोर्ट्स में से एक लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट, हर रोज़ की तरह उस दिन भी वहां भीड़-भाड़ लगी हुई थी। सुबह के छह बजे वो छह लोग भी एयरपोर्ट पहुंच चुके थे, लेकिन उनकी मंजिल बिल्कुल अलग थी। न उन्हें कोई फ्लाइट पकड़नी थी और न ही वो एयरपोर्ट पर किसी को रिसीव करने आए थे। उन छह लोगों की नज़र थी एयरपोर्ट के एक गोदाम में रखे गए अरबों रुपये की सोने की ईंटों पर। उनकी नज़र थी उस गोदाम में ही मौजूद करोड़ों के डायमंड्स पर। उन्हें चुराने थे एयरपोर्ट से करोड़ रुपये का कैश।ब्रायन रॉबिन्सन और मिकी मैकएवोय और उनके गैंग के चार और साथी तैयार थे हीथ्रो एयरपोर्ट की सुरक्षाकर्मियों की ड्रेस पहनकर। आज वो दिन था जब उन्हें अपने सबसे बड़े प्लान को पूरा करना था। ‘मिकी हम शार्प 6.45 पर गोदाम में पहुचेंगे, अभी हमारे पास 45 मिनट का वक्त है, इतनी देर में हमें एयरपोर्ट से निकलकर अंदर तक जाना होगा’ ब्रायन ने मिकी को हिदायतें दी। हीथ्रो एयरपोर्ट में सुबह-सुबह ही अच्छी खासी भीड़ थी, हालांकि दिन के मुकाबले वो काफी कम थी और इसलिए साउथ लंदन के इस गैंग ने चुना सुबह का वक्त।

ब्रायन और मिकी समेत गैंग के सभी लोग हथियारों से लैस थे। ‘हम सब अलग-अलग चलेंगे ताकि किसी कोई शक न हो। 6.45 पर ब्रिंक्स मैट के वेयरहाउस में यूनिट नंबर 7 में सबको मिलना है’। मिकी ने सबको कमांड दी और फिर वो चारों इधर-उधर बिखर गए। इस एयरपोर्ट पर दुनियाभर से लाखों लोग आते हैं। रोज सैकड़ों फ्लाइट यहां से उड़ान भरती हैं। इन सब यात्रियों के बीच अब हथियारों से लैस ब्रायन के साथियों को पहचानना नामुमकिन था। हीथ्रो एयरपोर्ट करीब साढे बारह स्कवायर किलोमीटर में फैला हुआ है। तमाम लेटेस्ट सुरक्षा उपकरणों से लैस इस एयरपोर्ट में लूट को अंजाम देना बेहद खतरनाक था, लेकिन ब्रायन और मिकी ने बावजूद इसके ये काम को हाथ में लिया।

ब्रायन के गैंग के सभी सदस्य ठीक 6.45 पर एक-एक कर गोदाम के गेट पर पहुंच गए। ‘आर यू रेडी’… ब्रायन ने अपने साथियों से पूछा। इतनी देर में सामने गोदाम का एक सिक्योरिटी गार्ड पहुंचा। ‘ब्लैक जल्दी चाभी निकालो और कोड बताओ’… एंथनी ब्लैक, इस गोदाम का एक सुरक्षाकर्मी ब्रायन के गैंग के साथ मिला हुआ था। 6.45 पर एंथनी ब्लैक ने ही ब्रायन और उसके साथियों को चाबी देनी थी। एंथनी ब्लैक, ब्रायन की बहन का बॉयफ्रेंड था और उसी ने ही ब्रायन को एयरपोर्ट के सारे सुरक्षा उपकरणों की जानकारी दी थी।

चाबी मिलते ही पूरा गैंग गोदाम के अंदर घुसता है। इनके हाथ में हथियार के अलावा पेट्रोल होता है। अंदर घुसते ही ये लोग पेट्रोल का डिब्बा खोलकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के ऊपर डाल देते हैं और उन्हें पेट्रोल से पूरा गिला कर देते हैं। मिकी के हाथ में माचिस का बॉक्स है। वो हाथ में माचिस की तिल्ली लेकर अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को धमकाता है- ‘जल्दी से इस सीक्रेट गेट का कोड बताओ नहीं तो मैं अभी आग लगा दूंगा’… वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड्स माचिस देखकर घबरा जाते हैं। वो तुरंत सिक्योरिटी कोड गैंग को देते हैं। इसी दौरान ब्रायन का एक अन्य साथी वहां लगा हुआ इलैक्ट्रिक सिक्योरिटी सिस्टम निष्क्रिय करता है।

अब कोई अलार्म नहीं बजेगा, सबकुछ ठीक है। अब हम इस रूम को खोल सकते हैं’… जैसे ही ब्रायन गैंग का एक सदस्य ये बोलता है मिकी सेफ रूम को कोड्स से डोर ओपन करता है। जैसे ही दरवाज़ा खुलता है सामने चमचमाती सोने की ईंटें देखकर हर कोई दंग रह जाता है। सामने ढेर सारा सोना, हीरे और कैश देखकर खुद ब्रायन और मिकी भी कुछ पल के लिए चौंक जाते हैं। हर तरफ सोने की ईंटें फैली हुई होती हैं। दरअसल ब्रायन को ये पता ही नहीं था कि यहां इतनी ज्यादा सोना मौजूद है। वो सिर्फ यहां पर मौजूद कैश चुराने आया था, लेकिन अब मिकी और ब्रायन तय करते हैं कि वो यहां से सारा सोना लेकर जाएंगे।

ये तय हो जाता है कि वेयरहाउस से सबकुछ चुरा लिया जाएगा, लेकिन कैसे ये बड़ा सवाल था। ब्रायन के दो साथियों की बंदूक की नोंक पर वहां मौजूद सारे सुरक्षाकर्मी थे। जिन्हें न हिलने का आदेश दिया गया था। मिकी और ब्रायन ने तय किया वो गोदाम के ही एक ट्रक में सारा सोना भरेंगे। इनका एक साथी बाहर से ट्रक लेकर आता है और फिर चार लोग मिलकर फटाफट पूरे गोदाम का सोना ट्रक में भरते हैं। इस काम में इन्हें करीब दो घंटे का वक्त लगता है। इतनी देर तक सुरक्षाकर्मी अंदर ही बंद होते हैं। जैसे ही ट्रक में सोना भर जाता है। ये सभी ट्रक लेकर फरार हो जाते हैं।

ब्रायन गैंग के जाने के बाद सुरक्षाकर्मी तुरंत सुरक्षा अलार्म बजाते हैं। पूरे एयरपोर्ट में हंगामा मच जाता है। पुलिस वेयरहाउस में पहुंचती है, लेकिन वहां तो सबकुछ साफ हो चुका था। इस वेयरहाउस में जॉनसन मैथी बैंक के 3000 हज़ार किलो की सोने की ईंटे रखी गईं थी, जो उसी दिन कहीं और के लिए रवाना होनी थीं। इन सोने की ईंटों पर बैंक की मुहर भी लगी थी। इसके अलावा वेयरहाउस में काफी अनकट डायमंड्स थे और साथ ही करोड़ों रुपये कैश भी वहां मौजूद था। जो अब ब्रायन और मिकी गैंग के लोग लेकर फरार हो चुके थे।

कहते हैं जहां पर ये सोना पिघलाने का काम हो रहा था, वहां पड़ोस में रह रहे एक कपल ने कुछ समय बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पर आई भी, लेकिन ये कहकर कार्रवाई नहीं की गई ये उनके इलाके में नहीं आता। इसी जगह पर एक साल बाद एक बार फिर पुलिस ने रेड डाली, कहते हैं वहां से कई सोने की ईंटे बरामद हुईं। केस को सुलझाने में पुलिस की तरफ से काफी ढिलाई बरती गई थी। हालांकि कुछ समय बाद गोदाम के सिक्योरिटी गार्ड एंथनी ब्लैक को गिरफ्तार कर लिया गया था। एंथनी ने ही पुलिस को ब्रायन और मिकी का नाम बताया। जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। लंबे समय तक जब पुलिस को लुटेरों का कोई पता नहीं चला तो, लुटेरों का पता बताने वाले के लिए ईनाम भी तय किया गया था। वो ईनाम की रकम थी 1.7 अरब रूपये। सोचिए पता बताने वाले को जब इतनी रमक देना तय हुआ तो चोरी किया गया सामान कितने का होगा।

26 नवंबर 1983 में हुई इस घटना का सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा ललॉयड्स ऑफ लंदन कंपनी को। ये एक इंश्योरेंस कंपनी थी और वेयरहाउस में रखा गया तमाम सामान इसी कंपनी के साथ इन्शोयर्ड था। कंपनी को सोने की ईंटों की कीमत पे करनी पड़ी। ये कोई छोटी मोटी रकम नहीं थी। कहते हैं इस इंश्योरेंस कंपनी ने अरबों रुपये का भुगतान बैंक को किया। ब्रिंक्स मैट रॉबरी को लंदन की सबसे बड़ी रॉबरी माना जाता है। इसे क्राइम ऑफ सेंचुरी के नाम से भी जाना जाता है।