हाल ही में बीजेपी ने अदानी रिपोर्ट पर कांग्रेस के लिए अपनी टिप्पणी दी है! अडानी ग्रुप के लिए शुक्रवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। सुप्रीम कोर्ट के एक्‍सपर्ट पैनल की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद उसके शेयर दौड़ पड़े। पैनल ने कह दिया है कि वह समूह के शेयरों में तेजी को लेकर किसी तरह के रेगुलेटरी फेलियर की बात नहीं कह सकता है। आसान शब्‍दों में कहें तो जांच में उसे किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मुद्दे को उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खूब टारगेट करते रहे हैं। एक्‍सपर्ट पैनल की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी हमलावार हो गई है। पार्टी ने कहा है कि राहुल गांधी की स्‍पीच लिखने वालों को उनके लिए झूठ की मशीन को चालू रखने की खातिर कुछ और अजीबोगरीब सोचना होगा। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के ल‍िए छह सदस्‍यीय समिति गठित की थी। विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए एम सप्रे ने की थी। इसमें ओपी भट्ट, केवी कामथ, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेसन शामिल थे। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में उद्योगपति गौतम अडानी की अगुवाई वाले समूह पर शेयरों में गड़बड़ी और लेखा धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। समूह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से आधारहीन बताया था।

सुप्रीम कोर्ट की विशेषज्ञ समिति ने अब कहा है कि वह अडानी समूह के शेयरों में हुई तेजी को लेकर किसी तरह की नियामकीय विफलता का निष्कर्ष नहीं निकाल सकती है।विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए एम सप्रे ने की थी। इसमें ओपी भट्ट, केवी कामथ, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेसन शामिल थे। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में उद्योगपति गौतम अडानी की अगुवाई वाले समूह पर शेयरों में गड़बड़ी और लेखा धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। समूह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से आधारहीन बताया था। समिति ने यह भी कहा है कि सेबी विदेशी संस्थाओं से धन प्रवाह के उल्लंघन की अपनी जांच में कोई सबूत नहीं जुटा सका है। इस साल की शुरुआत में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद अडानी समूह की कंपनियों की मार्केट वैल्‍यू में 100 अरब डॉलर से ज्‍यादा की गिरावट आई थी।

बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने गौतम अडानी के साथ पीएम मोदी की नजदीकी को जोड़कर बीजेपी को आड़े हाथों लिया था। पूरा विपक्ष इस मामले पर संयुक्‍त संसदीय समिति से जांच कराने पर अड़ा था। सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया था।विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए एम सप्रे ने की थी। इसमें ओपी भट्ट, केवी कामथ, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेसन शामिल थे। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में उद्योगपति गौतम अडानी की अगुवाई वाले समूह पर शेयरों में गड़बड़ी और लेखा धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। समूह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से आधारहीन बताया था। लेकिन, 2 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक्‍सपर्ट कमेटी का गठन किया था। इस मकसद यह देखना था कि कहीं कोई रेगुलेटरी फेलियर तो नहीं हुआ है। शीर्ष अदालत ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया था।

पैनल की रिपोर्ट आने के बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया। उन्‍होंने कहा, ‘भारत के लोगों ने ‘चौकीदार चोर है’ के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस को किनारे कर दिया। राफेल के खिलाफ अभियान चलाने के लिए भी लोगों ने यही किया। अब सुप्रीम कोर्ट के एक्‍सपर्ट पैनल ने भी साफ कर दिया है कि अडानी मामले में यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि कीमतों में हेराफेरी के आरोप में नियामकीय विफलता रही है।’विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए एम सप्रे ने की थी। इसमें ओपी भट्ट, केवी कामथ, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेसन शामिल थे। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में उद्योगपति गौतम अडानी की अगुवाई वाले समूह पर शेयरों में गड़बड़ी और लेखा धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। समूह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से आधारहीन बताया था। अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण लिखने वालों को अब कुछ और सोचना होगा ताकि उनकी झूठ की मशीन चलती रही।

बाजार नियामक सेबी अडानी समूह के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहा था। उसके समानांतर शीर्ष अदालत ने समिति की नियुक्ति की गई थी। हिंडनबर्ग के आरोपों के बाद अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। अडानी समूह ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था।