लो ब्लड प्रेशर

इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सेहत का ध्यान रखना भूल ही गए हैं। सेहत के प्रति हमारी लापरवाही बढ़ती जा रही है ना ही हमें अच्छे स्वास्थ्य का ध्यान है। इसलिए कोई ना कोई बीमारी लगी रहती है। हमारे शरीर में पाई जाने वाली कई ऐसी बीमारी है। जिनको हम सोच कर नजरअंदाज कर देते हैं कि आम बीमारी है। ऐसी ही एक बीमारी है “लो ब्लड प्रेशर”। लो ब्लड प्रेशर को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ब्लड प्रेशर हद से ज्यादा कम होने पर आर्गन फेलियर से लेकर दिल का दौरा पड़ने जैसी खतरनाक स्थिति भी पैदा कर सकता है। आपको बता दें कि दुनिया में बहुत बड़ी तादाद में लोग लो ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित होती है।लोग को इसके लक्षणों के बारे में किसी को नहीं पता चलता है और इसे कोई और शारीरिक बदलाव से या आम चीजों से जोड़ लेते हैं। लो ब्लड प्रेशर उनकी सिर्फ हेल्थ का ही नहीं जिंदगी का भी खतरा है।

लो ब्लड प्रेशर के कारण-

किसी भी व्यक्ति के रक्तचाप के सामान्य मात्रा 130/80 होनी चाहिए। जब किसी भी इंसान का ब्लड प्रेशर 90/7 से नीचे चला जाता है तो उसे लो बीपी या हाइपोटेंशन कहते हैं। कभी किसी की ब्लड प्रेशर की रीडिंग अगर इस साधारण मात्रा से कम हो जाए तो उसे लो बीपी की श्रेणी में गिना जाता है। यह कोई भी इंसान को किसी भी कारण से हो सकते हैं। जैसे शरीर में पानी की कमी, दवाई का असर, सर्जरी या गंभीर चोट, अनुवांशिक या जेनेटिक्स लेना, ड्रग्स का सेवन, खान पीन की बुरी आदतें, ज्यादा समय तक भूखा रहना या अनियमित खान-पान आदि। लो ब्लड प्रेशर हाइपोटेंशन किसी को भी हो सकते हैं हालांकि कुछ प्रकार के लो ब्लड प्रेशर आपकी उम्र के आधार पर या अन्य कारणों के आधार पर होते हैं।
उम्र
खड़े होने पर या खाने के बाद ब्लड प्रेशर में गिरावट मुख्य रूप से 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में होती हैं आमतौर पर नेउरेली मेडिएट हाइपोटेंशन बच्चों और छोटे व्यस्को को भी प्रभावित करती है।
दवाइयां
जो लोग कुछ विशेष रोग या बीमारियों के दवाइयां खाते हैं उदाहरण के लिए हाई ब्लड प्रेशर वाली दवाइयां लेने से लो ब्लड प्रेशर हो जाने का खतरा होता है।
बीमारियां
पार्किंसंस रोग, मधुमेह और कुछ दिल की स्थितियों ने आपको निम्न रक्तचाप के विकास के अधिक जोखिम में डाल दिया है।
शारीरिक स्थिति
प्रेगनेंसी, ह्रदय रोग, एंडोक्राइन प्रॉब्लम्स, डिहाईड्रेशन,दस्त, संक्रमण, ब्लड लॉस, खून की कमी,एलर्जी, डाइट की समस्या जैसी स्थितियों में लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।

निम्नलिखित उपाय करेंगे लो ब्लड प्रेशर को दूर

1. लो ब्लड प्रेशर के लिए कॉफी-

कॉफी लो ब्लड प्रेशर बढ़ाने का तरीका हो सकता है। पोस्टपेंडियल ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन यानी खाने के ठीक बाद होने वाली लो ब्लड प्रेशर की परेशानी के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। काफी को कैफीन का समृद्ध स्रोत माना गया है। जो लो ब्लड प्रेशर में उपयोगी हो सकता है। इसके साथ ही कॉपीऊ और्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन यानी अचानक पोजीशन बदलने की वजह से होने वाले लो ब्लड प्रेशर के लिए भी असरदार घरेलू उपाय हो सकती है। कॉफी का जरूरत से अधिक सेवन करना डिहाइड्रेशन की वजह बन सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह पर ही इसकी मात्रा तय करनी चाहिए।

2. तुलसी का सेवन

तुलसी का प्रयोग कई वर्षों से ना सिर्फ पूजा पाठ में बल्कि औषधि के रूप में भी किया जाता रहा है लो ब्लड प्रेशर के लिए तुलसी का उपयोग करना बेहद ही लाभदायक हो सकता है इसकी पुष्टि 18 से 30 वर्ष की महिलाओं पर किए गए शोध में हुई है। तुलसी लो ब्लड प्रेशर के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में भी सहायक हो सकती हैं तुलसी मुख्य रूप से रक्तचाप को संतुलित रखने का कार्य करती है।

3. रोजमेरी का सेवन

लो ब्लड प्रेशर को ठीक करने के लिए आप रोज मेरी तेल को शामिल कर सकते हैं। रोजमेरी तेल को हाइपोटेंशन के लिए लाभकारी सिद्ध किया गया है। रोजमेरी तेल अपने एंटी हाइपोटेंसिव गुण से लो ब्लड प्रेशर को ठीक कर सकता है। ब्लड प्रेशर लो होने के लक्षण और नुकसान से बचने के लिए इस तेल का प्रयोग किया जा सकता है। रोजमेरी तेल से एरोमा थेरेपी भी ली जा सकती है।