जनरल असीम मुनीर पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ बन सकते हैं! पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा 29 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। जनरल बाजवा के बाद सेना प्रमुख कौन बनेगा, यह तो समय ही बतायेगा लेकिन जो स्थितियां अभी देश में हैं, वह परेशान करने वाली हैं। जो नाम रेस में हैं, उनमें एक नाम इंटेलीजेंस सर्विस आईएसआई के मुखिया रह चुके लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर का भी है। मुनीर अक्‍टूबर 2018 में इंटेलीजेंस चीफ बने थे लेकिन सिर्फ आठ महीने बाद ही उनकी छुट्टी कर दी गई थी। जनरल मुनीर वही शख्‍स हैं जिन्‍होंने पूर्व पीएम इमरान खान को उनके आसपास मौजूद भ्रष्‍टाचार के बारे में बताया था। इन आरोपों के बाद ही जनरल मुनीर को उनके पद से हटा दिया गया था। लेकिन अगर वह आर्मी चीफ बनते हैं तो निश्चित तौर पर इमरान की वापसी बहुत मुश्किल हो जायेगी।

जनरल बाजवा की जगह ले. जनरल मुनीर का नाम सबका फेवरिट बना हुआ है। मुनीर इस समय सबसे सीनियर हैं। माना जा रहा है कि उनका नाम प्रधानमंत्री के पास भेजी जाने वाली लिस्‍ट में सबसे ऊपर हो सकता है। वह इस समय रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्‍वार्ट्स में क्‍वार्टर मास्‍टर जनरल के पद पर हैं। उन्‍हें इस साल सितंबर 2022 में रिटायर होना था लेकिन उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया। अब वह नवंबर में रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में उनका आर्मी चीफ बनना सिर्फ और सिर्फ जनरल बाजवा पर निर्भर करेगा। ले. जनरल असीम मुनीर ने पाकिस्‍तान की ओपेन ट्रेनिंग सर्विस (OTS) के जरिये सेना को ज्‍वॉइन किया था।

फ्रंटियर फोर्स रेजीमेंट के जनरल मुनीर सबसे सीनियर थ्री स्‍टार जनरल और जनरल बाजवा के फेवरिट हैं। जिस समय जनरल बाजवा X कोर के कमांडर थे तो ले. जनरल मुनीर वहां ब्रिगेडियर के तौर पर तैनात थे। साल 2017 में जनरल बाजवा ने उन्‍हें मिलिट्री इटेंलीजेंस का डायरेक्‍टर जनरल यानी मुखिया बना और एक साल के अंदर वह आईएसआईए के चीफ भी बन गए। लेकिन आठ महीने बाद ही उन्‍हें इस पद से तत्‍कालीन पीएम इमरान खान के कहने पर हटा दिया। यहां से ले. जनरल मुनीर गुंजरावाला कोर कमांडर के पद पर पहुंचे और दो साल तक इस पोस्‍ट पर सेवायें दीं। जनरल मुनीर को टू-स्‍टार बनने में काफी समय लग गया और सितंबर 2018 में वह इस पद पर आ सके। माना जा रहा है कि इस वजह से सेना प्रमुख बनने में उन्‍हें कुछ मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं।

ले. जनरल मुनीर को आईएसआई के पद से क्‍यों हटाया गया इस बारे में पाकिस्‍तान के सीनियर जर्नलिस्‍ट नजम सेठी ने खुलासा किया था। उन्‍होंने अपने सूत्रों के हवाले से एक इंटरव्‍यू में बताया था कि जिस समय जनरल मुनीर, डीजी आईएसआई थे तो उस समय उन्‍होंने इमरान से कहा था कि पंजाब प्रांत के अंदर हालात बेहद खराब हैं। यहां पर उन्‍होंने, इमरान को सारी स्थिति के बारे में विस्‍तार से बताया था।ले. जनरल मुनीर ने पूर्व पीएम से कहा था कि अगर यहां पर नेतृत्‍व में परिवर्तन नहीं किया गया तो फिर सेना और सरकार के लिए परेशानियां पैदा हो सकती हैं। ले. जनरल मुनीर ने इमरान को स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा था कि जो हालात हैं उनकी वजह से सेना का नाम भी खराब हो रहा है क्‍योंकि वह इमरान के साथ है। इमरान ने यह सबकुछ सुनने के बाद पहले तो कुछ नहीं कहा फिर जनरल बाजवा से कहा कि उन्‍हें यह व्‍यक्ति पसंद नहीं है। ऐसे में इसे इसके पद से हटाया जाये। इसके बाद ही जनरल मुनीर को गुंजरावाला भेज दिया गया।

जिस समय इमरान खान को पाकिस्‍तान का प्रधानमंत्री पद मिलाया उसके पहले से ही आईएसआई एक प्रभावशाली बिजनेसमैन मलिक रियाज हुसैन पर नजर रख रही थी। उन पर हाई लेवल के भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे थे। इस साल सितंबर में पीएम हाउस की फोल कॉल्‍स के लीक होने पर बहुत बवाल मचा था। पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग-नवाज ने इन फोन कॉल्‍स के हवाले से कहा कि इमरान की पत्‍नी बुशरा बीबी ने तीन कैरेट वाली डायमंड रिंग को मलिक रियाज से लेने से इनकार कर दिया था।

इन टेप्‍स में यह भी खुलासा हुआ था कि रियाज की बेटी अंबर रियाज ने अपने पिता को उस योजना के बारे में बताया था जिसके तहत पीएम हाउस में 10 लाख रुपए और चार कैरेट की डायमंड रिंग भेजी जानी थी। हालांकि रियाज ने इन आरोपों से साफ इनकार कर दिया था। बुशरा बीबी की तरफ से होने वाले भ्रष्‍टाचार का खुलासा भी जनरल मुनीर ने इमरान खान के सामने कर दिया था। यह बात भी इमरान को नागवार गुजरी और उन्‍होंने जनरल मुनीर को उनके पद से हटा दिया।