कांग्रेस का बचा कुचा गठबंधन भी अब टूट सकता है! महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल के मकसद से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत करने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का दांव उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। जनसमर्थन और पार्टी के विस्तार की जगह कांग्रेस के सहयोगी दल भी कांग्रेस से जुदा होने का मन बना रहे हैं। दरअसल महाराष्ट्र में कांग्रेस के सहयोगियों में शामिल उद्धव गुट की शिवसेना ने राहुल गांधी के सावरकर पर दिए बयान पर नाराजगी जताई है। राहुल के बयान के बाद शिवसेना के महा विकास आघाड़ी गठबंधन से बाहर निकलने की संभावना बढ़ गई है। एमवीए के घटक दलों में कांग्रेस के अलावा शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी राकांपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना शामिल है।

भारत जोड़ो यात्रा के तहत महाराष्ट्र पहुंचे राहुल गांधी ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिससे महाराष्ट्र और देश की सियासत गरमा गई है। राहुल ने आरोप लगाया है कि सावरकर ने तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की मदद की और उनके डर से दया याचिका क्षमा याचना पर हस्ताक्षर किया था। कांग्रेस नेता इससे पहले भी कह चुके हैं कि सावरकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ RSS के प्रतीक हैं। राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद प्रदर्शन हो रहे हैं और उद्धव ठाकरे ने यहां तक कह दिया है कि वह स्वतंत्रता सेनानी पर कांग्रेस नेता के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते हैं।

शिवसेना की विचारधारा के तहत सावरकर महान क्रांतिकारी थे। बीजेपी भी अपनी हिंदुत्व विचारधारा के तहत सावरकर का समर्थन करती है। ऐसे में बीजेपी को बैठे-बिठाए एक और मुद्दा मिल गया है। बीजेपी राहुल के बयान को कांतिकारियों के खिलाफ दिया गया बयान बताकर लोगों से बीजेपी को वोट देने की मांग करेगी। इससे कांग्रेस के खाते से हिंदू वोट कटने की संभावना बढ़ गई है। महाराष्ट्र और गुजरात में सावरकर के समर्थक भी काफी है, ऐसे में कांग्रेस की चुनाव में बड़ी फजीहत होने की संभावना बढ़ गई है। उधर भारत जोड़ो यात्रा को भी भारी नुकसान पहुंचने की संभावना भी बढ़ गई है।कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह और सही फैसलों के अभाव के चलते गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल जैसे दिग्गज नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। ऐसे में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से कांग्रेस के नेताओं को उम्मीद थी कि पार्टी के अंदर सरकार को घेरने के लिए एकराय बनेगी और पार्टी के भीतर का कलह समाप्त होगा। मगर सावरकर पर दिए राहुल के बयान के बाद तो कांग्रेस के सहयोगियों के दूर जाने का खतरा भी बढ़ गया है। सावरकर पर दिए बयान के बाद कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनता नजर आ रहा है। शुक्रवार को कई जगहों पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए।

इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा था कि वह स्वतंत्रता सेनानी के बारे में पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल को चेतावनी देते हुए कहा कि वीर सावरकर के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र के लोग हिंदू विचार के किसी भी शख्स का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हिन्दुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर निशाना नहीं साधा है बल्कि सिर्फ ऐतिहासिक फैक्ट्स को सामने रखा है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के महाराष्ट्र में बुल्ढाणा जिले के शेगांव पहुंचने पर रमेश ने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना भले ही सावरकर पर राहुल गांधी के विचारों का समर्थन नहीं करती है, लेकिन इसका महा विकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन पर कोई प्रभाव नहीं होगा।

जयराम रमेश ने कहा, ‘महानतम भारतीयों में से एक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक 1908 से 14 तक, छह साल मांडला जेल में बंद रहे। तिलक ने दया याचिका पर हस्ताक्षर नहीं किये।’ उन्होंने कहा, ‘हम ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर बहस नहीं करना चाहते हैं, फिलहाल के मुद्दे में पुराने दस्तावेजों के आधार पर भावनाओं को परे रखकर बुद्धिमतापूर्ण चर्चा की जरूरत है।’ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यह तथ्य है कि (महात्मा गांधी की हत्या करने वाले) नाथूराम गोडसे, सावरकर से प्रभावित थे। उन्होंने दावा किया कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे सावरकर की विचारधारा थी। उन्होंने कहा कि सावरकर जिस विचारधारा को मानते थे वही उनकी (गांधी की) हत्या का कारण थी। रमेश ने कहा कि सावरकर पर कांग्रेस और ठाकरे नीत शिवसेना के विचार अलग-अलग हैं, लेकिन इसका एमवीए गठबंधन पर कोई प्रभाव नहीं होगा।