इस बार का IPL झारखंड के लिए खास होने वाला है। राज्य के आठ प्लेयर IPL 2025 में नजर आ सकते हैं। इसमें एक पाकिस्तानी बल्लेबाज जावेद मियांदाद का रिकॉर्ड तोड़ने वाला कुमार कुशाग्र हैं तो दूसरा सेल्समैन का बेटा सुशांत मिश्रा है। तीसरा खिलाड़ी न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में अलग पहचान रखता है। वह देश का पहला आदिवासी खिलाड़ी रॉबिन मिंज है। इसके अतिरिक्त ईशान किशन, अनुकूल राय, उत्कर्ष सिंह, विराट सिंह और रवि यादव की बोली लगेगी। इनमें क्रिकेटर ईशान किशन, अनुकूल राय झारखंड से भले खेलते हैं, लेकिन बाहर के हैं। इनमें से ईशान किशन का बेस प्राइस सबसे अधिक दो करोड़ रुपए है। बाकी प्लेयर का 30 लाख रुपए है। पिछली बार बिकने के बाद भी IPL नहीं खेल पाए थे रॉबिन पिछली बार रॉबिन को गुजरात टाइटंस ने 3.6 करोड़ रुपए में खरीदा था। लेकिन वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। इसक कारण IPL से दूर रहे। इसी तरह कुमार कुशाग्र को दिल्ली कैपिटल्स ने कुल 7.2 करोड़ रुपए की मोटी रकम दी थी। सुशांत मिश्रा की बात करें तो पिछले ऑक्शन में गुजरात टाइटंस ने 2.2 करोड़ रुपए दिए थे। झारखंड से निकला पहला आदिवासी IPL प्लेयर देश का पहला आदिवासी क्रिकेटर रॉबिन मिंज हैं। वह झारखंड की राजधानी रांची से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर दूर गुमला जिले के रायडीह प्रखंड के पन्दन टोली के रहने वाले हैं। रॉबिन मिंज का पूरा परिवार फिलहाल रांची के नामकुम में रहता है। रॉबिन के पिता फ्रांसिस जेवियर मिंज फौज से रिटायर हैं। वर्तमान में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में गार्ड की नौकरी करते हैं। जबकि, मां एलिस मिंज गृहणी हैं। रॉबिन के पिता फ्रांसिस जेवियर मिंज चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। लेकिन उसका पान्दनटोली गांव आना जाना लगा रहता है। रॉबिन का पूरा परिवार भारतीय सेना में रह चुका है। रॉबिन मिंज का क्रिकेट के प्रति दिवानगी गुमला से शुरू होती है। उसने कई मैच गांव के मैदान में खेले हैं। यहां से लगातार आठ साल तक प्रैक्टिस कर आईपीएल तक का सफर तय किया है। वह जिला लेबल पर कई डिस्ट्रिक गेम खेल चुके हैं। साथ ही राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। साल 2020-21 में अंडर-19 के ओपन ट्रायल के दौरान उसने अपने पहले ही ट्राई मैच में 60 रन बनाए थे। इसके बाद वह झारखंड की अंडर 23 टीम की ओर से खेलते हुए दोहरा शतक लगाया। फिर विदर्भ के खिलाफ 130 रन जड़ दिए। इन्हीं पारियों की बदौलत रॉबिन आज यहां पहुंचा है। पिता सेल्समैन, क्रिकेट को मानते हैं भगवान रांची के कटहल मोड़ इलाके में रहने वाला सुशांत मिश्रा क्रिकेट को भगवान मानते हैं। उसके पिता समीर मिश्रा पेशे से सेल्समैन हैं। जबकि मां ममता मिश्रा गृहणी हैं। बेटे के आईपीएल तक के सफर को लेकर पिता कहते हैं वह क्रिकेट को खेल नहीं भगवान की तरह समझाता है। यही वजह था कि वह खेल के दौरान घायल भी हुआ या बीमार पड़ा तब भी वह खेल के मैदान में ही नजर आता था। वह बताते हैं कि जितना समय खेल के दौरान देता था, उतना ही समय तब भी बिताता था जब वह घायल या बीमार रहता था। कोच भी जब कहते थे कि तुम्हें रेस्ट करने की जरूरत है, तुम क्यों आ गए तब वह कहता था कि घर में बोर हो जाऊंगा, इसलिए यहां चला आता हूं। वह हमेशा कहता था कि मुझे नंबर वन रहना है। माता-पिता से मिली जानकारी के अनुसार क्रिकेट के प्रति लगाव बचपन से रहा है। इसे देखते हुए हमने शशिकांत पाठक के अरगोड़ा कोचिंग में भेजा। साल 2012-13 में वह रांची जिला के लिए खेलना शुरू किया। इसी साल वह खड्गपुर में हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। बतौर खिलाड़ी यह उसका पहला टुर्नामेंट था। वह बताते हैं कि जब वह 13 साल का था तभी अंडर 14 खेलने लगा था। इसी तरह 14 साल होते-होते वह अंडर 16 खेलने लगा था। यह क्रम आगे तक चलता रहा। पिता के मुताबिक क्रिकेट की जर्नी लगातार रही है। इंडिया ए टीम और बी टीम में रहा। वह बताते हैं कि सुशांत को राहुल द्रविड़ का सानिध्य मिला है।
कुशाग्र ने तोड़ा है पाकिस्तानी बल्लेबाज जावेद मियांदाद का रिकॉर्ड जमशेदपुर के रहने वाले कुमार कुशाग्र क्रिकेट जगत में तेजी से उभर रहे हैं। वह विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। कुशाग्र का पैतृक आवास पटना जिले के बाढ़ स्थित वाजिदपुर में है, लेकिन उनका परिवार पिछले 30 वर्षों से जमशेदपुर में रह रहा है। कुमार कुशाग्र ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित लोयोला स्कूल से की है। वह वर्तमान में वे कोल्हान विश्वविद्यालय से संबद्ध जेकेएस कॉलेज, मानगो से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स ने उन पर 7.20 करोड़ रुपए खर्च किए थे। आईपीएल 2024 में 7.20 करोड़ की भारी भरकम बोली लगने के बाद इंटरनेट पर छा जाने वाले कुमार कुशाग्र ने क्रिकेट जगत में अपनी पहचान पहले ही बना ली थी। साल 2022 के रणजी ट्रॉफी के प्री-क्वार्टर फाइनल में नगालैंड के खिलाफ खेली गई उनकी ऐतिहासिक पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। इस मुकाबले में कुशाग्र ने महज 17 साल और 141 दिनों की उम्र में 266 रन बनाकर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में यह कारनामा करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद के नाम था, जिन्होंने 17 साल और 311 दिनों की उम्र में 250 रनों की पारी खेली थी। इन खिलाड़ियों को भी जानिए बिहार के पटना में जन्मे ईशान किशन सात साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। साल 2016 के अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के लिए भारत की टीम के कप्तान के रूप में ईशान किशन को नोमिनेट किया गया था। मार्च 2021 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया है। जमशेदपुर सोनारी के रहने वाले युवा क्रिकेटर विराट सिंह ने 17 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। विराट के बड़े भाई विशाल सिंह भी क्रिकेटर हैं। विराट सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। विराट बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं जो मिडिल ऑर्डर में खेलते हैं। अनुकूल सुधाकर रॉय फिलहाल झारखंड के लिए खेलते हैं। वो मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं। बायें हाथ के स्पिनर हैं और अच्छी बल्लेबाज़ी भी करते हैं। अनुकूल के पिता सुधाकर रॉय के मुताबिक मुंबई में इंग्लैंड के जूनियर कोल्ट टीम के साथ मैच के दौरान राहुल द्रविड़ की नजर अनुकूल पर पड़ी और जूनियर टीम इंडिया में एंट्री मिली थी। झारखंड से खेलने वाले उत्कर्ष सिंह मूल रूप से असम के रहने वाले हैं। घरेलू क्रिकेट में उत्कर्ष सिंह झारखण्ड के लिए 18 फर्स्ट क्लास मैचों में 737 रन बना चुके हैं जबकि 114 रनों की पारी सर्वश्रेष्ठ है। जबकि 25 विकेट भी उनके नाम दर्ज हैं। वहीं वनडे टूर्नामेंट के 14 मैचों में उनके नाम 230 रन और 16 विकेट हैं, इसमें एक शतक भी लगा चुके हैं। बोकारो के रहने वाले रवि यादव बेहतरीन बॉलर हैं। इन्हें लेग स्पीन में महारत हासिल है। फिलहाल झारखंड टीम के लिए खेल रहे हैं।
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