ईडी अर्थात प्रवर्तन निदेशालय आजकल सुर्खियों में बना हुआ है क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय एक के बाद एक बड़े कार्य कर रहा है। बीते दिन ही ईडी ने शिवसेना के नेता संजय राउत को गिरफ्तार कर लिया है।पात्रा चॉल घोटाले में गिरफ्तार शिवसेना नेता संजय राउत को सोमवार को पीएम एमएलए कोर्ट ने 4 अगस्त तक के रिमांड पर भेज दिया है। परंतु पीएमएलए प्रवर्तन निदेशालय को कुछ निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहां है। कोर्ट में ईडी से कहा है कि वह रात के 10:00 बजे के बाद संजय राउत से पूछताछ नहीं करेंगे। उन्हें रात को उनके वकील से मिलने दिया जाएगा। इसके अलावा उनकी दवाई भी समय से देनी होगी क्योंकि उन्हें हार्ट की बीमारी है।
आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने कोर्ट से राउत के लिए 8 दिनों की कस्टडी मांगी थी। परंतु कोर्ट के द्वारा सिर्फ 4 दिनों की रिमांड पर संजय राउत को भेजा गया। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में कहा कि हमने संजय राउत को तीन बार समन भेजा था। परंतु राउत जानबूझकर पेश नहीं हुए तथा उन्होंने मामले से संबंधित सबूतों से भी छेड़खानी की है। वहीं दूसरी और संजय राउत के वकील ने कोर्ट में कहा कि संजय राउत हर्ट के मरीज हैं और उनको 6 स्टेंट लगे हुए हैं। हम यह चाहते हैं कि राउत को वकील से मिलने की इजाजत दिया जाए। तो इस पर ईडी ने भी कोर्ट में अपनी सहमति पेश की।
क्या है पात्रा चॉल घोटाला-
पत्रा चॉल घोटाला 2007 का है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी म्हाडा, प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की मिलीभगत से यह घोटाला होने का आरोप लगाया जाता है। 2007 में म्हाडा ने पात्रा चॉल के रीडेवलपमेंट का काम गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया था। यह कंस्ट्रक्शन गोरेगांव के सिद्धार्थनगर में होना था। म्हाडा की 47 एकड़ जमीन में कुल 672 घर बने हैं। रीडेवलपमेंट के बाद गुरु आशीष कंपनी को साढ़े 3 हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर देने थे। म्हाडा के लिए फ्लैट बनाने के बाद बची हुई जमीन को प्राइवेट डेवलपर्स को बेचना था। 14 साल के बाद भी कंपनी ने लोगों को फ्लैट बनाकर नहीं दिए। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत गुरुआशीष को साढे़ तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाने थे। पात्रा चॉल के किराएदारो उनके 672 फ्लैट फिर से बनाए जाने थे और करीब 3000 फ्लैट बनाकर म्हाडा को दिए जाने थे। यह सभी फ्लैट म्हाडा की 47 एकड़ जमीन पर बनाए जाने थे।
जानिए संजय राउत का कनेक्शन
गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन नए फ्लैट रीडेवलपमेंट काम करने के बजाए इस 47 एकड़ जमीन को आठ अलग-अलग बिल्डरों को 1034 करोड़ रुपए में बेच दिया। मार्च 2018 में म्हाडा ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के खिलाफ केस दर्ज करवाया इसी मामले में आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू) ने फरवरी 2020 में प्रवीण राउत को गिरफ्तार कर लिया। प्रवीण राउत को संजय राउत का करीबी माना जाता है। इसके अलावा प्रवीण राउत एचडीआईएल में सारंग वधावन और राकेश वधावन के साथ डायरेक्टर था। यही वधावन बंधु पीएमसी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी रहे हैं। गिरफ्तार के कुछ दिन बाद प्रवीण को जमानत मिल गई थी लेकिन पिछले दिनों में प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया।
क्या क्या हुआ संजय राउत के संग-
प्रवर्तन निदेशालय के अपर निदेशक सत्यव्रत कुमार ने रविवार को राउत से पूछताछ की। 2 घंटे की पूछताछ में पात्रा चॉल के एफएसआई घोटाले से कमाई गई मनी ट्रेल के बारे में पूछताछ हुई। राउत के घर से करीब साढ़े 11.5 लाख कैश, अलीबाग और दादर फ्लैट के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और पैसों के बारे में भी जानकारी की मांग की।
सूत्रों के मुताबिक रविवार की पूछताछ में राउत ने कुछ सवालों के जवाब के नहीं दिए। उन्होंने बहाना किया कि उन्हें कुछ याद नहीं यि कहा कि वह नहीं जानते। राउत से मिली हुई जानकारी से ईडी फिर भी संतुष्ट नहीं हुई।
11 करोड़ की संपत्ति हुई जब्त–
पात्रा चॉल महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। जिसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप लगाया जा रहा है। इसके इसमें प्रवीण राउत की 9 करोड़ रुपए और संजय राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपए की संपत्ति को जप्त किया जा चुका है। प्रवीण राउत पर आरोप है कि पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से उन्होंने धोखा किया है।
जैसा कि उपरोक्त आपको बताया कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था जिसमें से 672 फ्लैट पहले से है रहने वालों को देने थे। शेष म्हाडा और उक्त कंपनी को दिए जाने थे लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था