पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ देश के नए राष्ट्रपति होंगे। विपक्ष की ओर से बनाई गई उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को करारी हार का सामना करना पड़ा। जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले जिसमें से 15 वोट अमान्य रहे। वही बात करें मार्गरेट अल्वा की तो मार्गरेट अल्वा को कुल 182 वोट मिले। इस प्रकार जगदीप धनखड़ ने विपक्षी उम्मीदवार को 346 वोटों के अंतर से हरा दिया। आपको बता दें कि उनकी जीत का औपचारिक ऐलान लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया था। द्रौपदी मुर्मू की तरह ही जगदीप धनखड़ की जीत के कयास शुरू से ही लगाए जा रहे थे। और ऐसे में यह कयास भी सही सिद्ध हुए। जगदीप धनखड़ देश के उपराष्ट्रपति चुने गए। आज शनिवार को संसद में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 780 में से 725 सांसदों ने अपने वोट दिए। टीएमसी के 34 सांसदों एसपी और शिवसेना के दो और बीएसपी के 1 सांसद ने वोटिंग नहीं की। शाम के 5:00 बजे तक मतदान चला और 1 घंटे बाद 6:00 बजे काउंटिंग शुरू हो गई थी।
जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति बनने पर उनको बधाई देने का तांता शुरू हो गया। पीएम मोदी ने जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति बनने पर बधाई दी। वहीं गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने भी उनको बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनके राष्ट्रपति बनने पर दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जश्न मनाया गया। ढोल नगाड़ों के साथ भाजपा कार्यकर्ता नाचते हुए नजर आए।
आइए जानते हैं ऐसे कौन से सांसद हैं जिन्होंने वोटिंग नहीं की?
किन सांसदों ने वोटिंग नहीं की?
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 55 सांसदों ने वोटिंग नहीं की जिनमें से टीएमसी के 34 सांसद शामिल थे। तो वहीं टीएमसी के दो सांसदों ने पार्टी के प्रमुख नेता ममता बनर्जी के आदेश के बावजूद भी वोटिंग में हिस्सा लिया। शिशिर और दिव्येंदु ने ममता बनर्जी के आदेश के बावजूद भी वोटिंग में हिस्सा लिया। भाजपा के दो सांसदों सनी देओल और संजय धोत्रे ने भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए वोटिंग में शामिल नहीं हुए।
हार के बाद क्या रही मार्गरेट अल्वा की प्रतिक्रिया?
उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की ओर से चुनी गई उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को करारी मात दी। जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति चुने जाने पर मार्गरेट अल्वा ने जगदीप धनखड़ को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई। मैं विपक्ष के सभी नेता और सभी दलों के सांसदों को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने इस चुनाव में मुझे वोट दिया।
साथ ही मार्गरेट अल्वा ने कहा कि यह चुनाव विपक्ष के लिए एक साथ काम करने का था। अतीत को पीछे छोड़ने का और एक दूसरे के बीच विश्वास बनाने का अवसर था। परंतु दुर्भाग्यवश कुछ विपक्षी दलों ने एकजुट विपक्ष के विचार को पटरी से उतारने के प्रयास किया। उन सांसदों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा का समर्थन करना चुना। ऐसा करके इन पार्टियों और उनके नेताओं ने अपनी साख को नुकसान पहुंचाया है। यह चुनाव खत्म हो गया है। हमारे संविधान की रक्षा, हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने और संसद की गरिमा बहाल करने की लड़ाई जारी रहेगी। “जय हिंद”
कौन है जगदीप धनखड़?
जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के छोटे से जिले झुंझुनू के के थाना गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम गोकल चंद और मां का नाम केसरी देवी है। जगदीप अपने चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर आते हैं। उन्होंने गांव के ही सरकारी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और फिर सैनिक स्कूल में पढ़ाई के बाद उन्होंने राजस्थान की प्रतिष्ठित महाराज कॉलेज जयपुर से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। फिजिक्स में बीएससी की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने साल 1978 में जयपुर यूनिवर्सिटी में एलएलबी कोर्स में एडमिशन लिया। जगदीप धनखड़ ने एलएलबी की डिग्री लेने के बाद वकालत शुरू कर दी थी। साल 1990 में उन्हें राजस्थान हाई कोर्ट में सीनियर एडवोकेट का पद दिया गया। धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश के कई हाईकोर्ट में वकालत की है। सन 1988 तक वे देश के प्रतिष्ठित वकीलों में शुमार थे।
राजनीतिक करियर की शुरुआत-
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक करियर करीब 30 वर्षों का है। साल 1989 में वह राजनीति में और सक्रिय हुए इसी वर्ष नौवीं लोकसभा के लिए झुंझुनू से जनता दल के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार सांसद चुने गए थे।1990 में वे चंद्रशेखर की सरकार में संसदीय कार्य मंत्री भी रह चुके हैं। 1993 से 1998 तक विधायक भी रह चुके हैं।
केंद्र सरकार ने 20 जुलाई 2019 को धनखड़ को पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनके 36 के आंकड़े हैं और उनके साथ उनके बीच खुलकर मतभेद भी नजर आए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार बतौर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को राज्य के निजी विश्वविद्यालयों में अतिथि या विजिटर के तौर पर हटाने के लिए कानून में संशोधन करने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।