सिविल सेवा परीक्षा भारत सरकार की उच्च सिविल सेवाओं में भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारत में एक राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षा है।भारतीय प्रशासनिक सेवा सहित भारतीय विदेश सेवा और भारतीय पुलिस सेवा भी। सरल शब्दों में इसे यूपीएससी परीक्षा के रूप में संदर्भित किया जाता है और तीन चरणों में आयोजित की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा होती है जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के पेपर होते हैं सामान्य अध्ययन पेपर 1, सामान्य अध्ययन पेपर 2 में इसे सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट या CSAT के रूप में भी जाना जाता है।एक मुख्य परीक्षा जिसमें पारंपरिक प्रकार के 9 पेपर होते हैं जिसमें दो पेपर क्वालिफाइंग होते हैं और केवल 7 के अंकों की गणना व्यक्तित्व परीक्षण के बाद की जाती है।
प्रीलिम्स, मैंस, इंटरव्यू इन तीनों ही चरणों का एक अपना अलग उद्देश्य होता है जो विभिन्न प्रकार से उम्मीदवारों की बुद्धि को परखता है। प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने का प्राथमिक उद्देश्य इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था की वर्तमान मुद्दों आदि जैसे सामान्य रुचि के विषयों में उम्मीदवारों के बेसिक मौलिक ज्ञान का परीक्षण करना है। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा में सीएस पेपर द्वारा योग्यता का परीक्षण करने की भी मांग की जाती है।
परंतु मुख्य परीक्षा कई मायनों में प्रारंभिक परीक्षा से बहुत ही अलग है। मुख्य परीक्षा के लिए आप अध्ययन के उन क्षेत्रों को अच्छी तरह से टटोलते हैं जहां से प्रश्न पूछे जाने वाले हैं। मुख्य प्रश्न पत्र के बारे में कोई रहस्य पहले से नहीं होता और प्रारंभिक परीक्षा के विपरीत मुख्य परीक्षा होती है। मुख्य परीक्षा में कोई आश्चर्यजनक तत्व शामिल नहीं है। चार जीएस पेपर सि
यानी GS 1,GS 2, GS 3, GS4 के अलावा एक अलग निबंध पेपर भी है इस प्रकार जीएस पेपर और निबंध पेपर मुख्य परीक्षा में 1250 अंकों के लिए आयोजित किए जाते हैं।
यूपीएससी की परीक्षा में अनिवार्य भाषा परीक्षा भी होती है जिसमें अंग्रेजी और संविधान की आठवीं सूची में शामिल कोई भी भारतीय भाषा की परीक्षा हो सकती है। इस भाषा के प्रश्न पत्रों में योगयता प्रतिशत में प्राप्त करना होता है अर्थात आपको भाषा परीक्षा में 35% अंको को प्राप्त करना होता है। भाषा के प्रश्न पत्रों में प्राप्त अंकों की गणना अन्य पत्रों के साथ नहीं की जाती है। यह अंत में एक वैकल्पिक पेपर होता है जिसे एक उम्मीदवार को यूपीएससी द्वारा दिए गए विकल्पों में से चुनना होता है। कंप्यूटर और विज्ञान जैसे विषयों को छोड़कर भारतीय विश्वविद्यालय में पढ़ाए जाने वाले लगभग सभी लोकप्रिय विषय चुनने के लिए उपलब्ध होते हैं।
उपरोक्त बताए हुए लेख के अनुसार मुख्य परीक्षा की योजना में चार जीएस पेपर, 1 निबंध पेपर 2 भाषा टेस्ट पेपर और एक विकल्प पेपर भी शामिल है इन सभी पेपरों के लिए कुल 1750 अंक वितरण किए गए हैं। परंतु फिर भी मुख्य परीक्षा सिविल सेवाओं में निर्णय परीक्षा है क्योंकि इसमें अधिकतम अंक होते हैं
साक्षात्कार
यूपीएससी की तीनों चरणों की परीक्षा देने के बाद अंतिम चरण साक्षात्कार अर्थात इंटरव्यू का होता है। अंतिम चरण में इंटरव्यू का आयोजन किया जाता है इंटरव्यू का आयोजन तभी होता है जब आप मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाते हैं। मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद उम्मीदवारों को साक्षात्कार बोर्ड के सामने उपस्थित होना होता है। आईएएस इंटरव्यू में 275 अंक होते हैं। आपको बता दें कि अंतिम परिणाम मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण में प्राप्त अंकों के आधार पर घोषित किए जाते हैं इस प्रकार देखा जाए तो कुल अंकों का योग 1750 + 275 = 2025 है। एक उम्मीदवार को चयनित होने के लिए इस में से कम 40 से 45% अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है और आईएएस, आईपीएस, आईएफएस के शीर्ष पदों के लिए आपको लगभग 45% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने होते हैं।
तैयारी शुरू करने का सही समय
आपको बता दें कि यूपीएससी की परीक्षा अपने आप में ही बहुत बड़ी और कठिन भी है और इस परीक्षा की तैयारी के लिए कोई सटीक समय नहीं है। इस परीक्षा में रुचि रखने वाले उम्मीदवारों को अपनी तैयारी अपनी सुविधा के समय अनुसार शुरू कर देनी चाहिए। यदि एक्सपर्ट की राय मानी जाए तो यूपीएससी उम्मीदवार को स्कूल स्तर पर ही इस परीक्षा में बैठने का निर्णय लेना चाहिए और उसकी तैयारी उसी समय से शुरू कर देनी चाहिए क्योंकि स्कूल समय के दौरान उन्हें इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति, विज्ञान जैसे विषयों के स्कूल स्तर के सिलेबस पढ़ाए जाते हैं और यह विषय यूपीएससी द्वारा परीक्षण की गई सामग्री की रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। इसलिए तैयारी करने के लिए यह एक ठोस नींव रखने में मदद करता है।
साथ ही करंट अफेयर्स पर भी आवश्यक ध्यान अनिवार्य है। क्योंकि करंट अफेयर्स सिविल सेवा परीक्षा की रीढ़ है और करंट अफेयर्स को समझने में भी बहुत लंबा समय लगता है। ऐसे में शुरुआत से ही समाचार पत्र पढ़ना, पत्रिका पढ़ना और दैनिक आधार के मुद्दों पर नोट्स बनाने जैसी आदतें शुरू से शुरू कर देनी चाहिए। ठीक इसी प्रकार आप इंटरव्यू के लिए भी रातों-रात अपना व्यक्तित्व नहीं बदल सकते इसके लिए भी आपको पहले से तैयारी शुरू करनी चाहिए क्योंकि साक्षात्कार नेतृत्व गुण और संचार, कौशल, व्यक्तित्व आदि गुण लगातार और नियमित अभ्यास के माध्यम से ही विकसित किए जा सकते हैं। सिविल सेवा परीक्षा के लिए आपको करीबन 18 से अधिक घंटे पढ़ने की आवश्यकता होती है। सरल शब्दों में कहा जाए तो सिविल सेवा की तैयारी जल्द से जल्द शुरू करने की आवश्यकता होती है और इसके लिए सही समय स्कूल से ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।