आज कहानी एक ऐसे जासूस की जिसने अपने ही देश से गद्दारी की! हिंदी फिल्मों की कहानियों में आपने ‘बाहर वाली’ के चक्कर में मुख्य किरदार की जद्दोजहद देखी होगी। लेकिन यह असल कहानी एक जासूस की है। हां, जिसने शादीशुदा होने के बाद भी एक युवती से संबंध बनाए और बाद में ऐसा फंसा कि उसका दिवाला निकलने वाला था! नई पत्नी की फरमाइशें पूरी करने के चक्कर में उसने देश से गद्दारी की। यूं समझिए कि नई बीवी के एक पैर शॉपिंग मॉल में ही रहते थे। खर्चे पूरे करने के लिए यह जासूस दुश्मन देश का डबल एजेंट बन गया। गिरफ्तारी के बाद जब घर की तलाशी ली गई तो इस डबल एजेंट के घर से 60 पर्स, 500 से ज्यादा जोड़ी जूते मिले थे। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस जासूस की नई पत्नी कितना ज्यादा खर्चा करती थी। जैसा कि उसने दावा किया कि एक बार ‘लक्ष्मण रेखा’ लांघने के बाद कदम पीछे खींचने का मौका ही नहीं मिला। अमेरिका के इस डबल एजेंट एल्ड्रिक एम्स की गद्दारी का ही नतीजा था कि रूस के बारे में सूचनाएं देने वाले टॉप 10 सीआईए और एफबीआई सोर्स एक के बाद एक गायब होने लगे। एम्स ने उनकी पहचान रूस को दे दी थी। उसने सोचा था कि अगर इन 10 एजेंटों को मार दिया जाएगा तो उसकी गद्दारी कभी अमेरिका को पता नहीं चल पाएगी। लेकिन सब कुछ अपना सोचा होता कहां है। एल्ड्रिक रिक एम्स CIA में काउंटर इंटेलिजेंस ऑफिसर बने। पिता कॉलेज में लेक्चरर और मां अंग्रेजी की अध्यापिका थीं। एम्स की मुलाकात करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान एक लड़की से हुई। उसका नाम था नैंसी सेगेबर्थ। वह भी सीआईए अधिकारी बनी और दोनों ने शादी कर ली। बाद में सीआईए के रूल के तहत नैंसी को इस्तीफा देना पड़ा। एम्स की पोस्टिंग तुर्की में हुई, जहां उन्हें सोवियत जासूसों को भर्ती करने का टास्क मिला था। वह तुर्की के मार्क्सवादी यूथ ऑर्गनाइजेशन में सेंध लगाने में कामयाब रहे लेकिन उनके परफॉर्मेंस को केवल ‘संतोषजनक’ रेटिंग दी गई। इससे वह इतने हतोत्साहित हुए कि सीआईए छोड़ने का मूड बना लिया।
एम्स वापस सीआईए मुख्यालय लौटे और चार साल सोवियत-ईस्ट यूरोपियन डिविजन में काम किया। 1976 में एम्स की पोस्टिंग न्यूयॉर्क सिटी में हुई और दो सोवियत एसेट्स को अच्छी तरह से हैंडल करने के कारण उन्हें काफी प्रशंसा मिली। प्रमोशन के साथ बोनस भी मिला। इस दौरान एम्स की कुछ गलतियां भी सामने आने लगीं। दो बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया। एक बार तो वह गोपनीय सूचनाओं वाला ब्रीफकेस मेट्रो में ही छोड़ आए। इस पर उन्हें मौखिक रूप से फटकार मिली।
इसके बाद एम्स को मेक्सिको सिटी में पोस्टिंग मिली, पर उनकी पत्नी न्यूयॉर्क में ही रहीं। बताते हैं कि शादीशुदा एम्स के कम से कम तीन एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रहे। 1982 में उसने मारिया रोसारियो के साथ नजदीकी बढ़ानी शुरू की। वह कोलंबिया दूतावास में काम करती थी और सीआईए की इन्फॉर्मर थी। एक साल बाद दोनों ने शादी कर ली और उनका एक बेटा हुआ। सीआईए के रूल के बावजूद एम्स ने विदेशी नागरिक के साथ अपने रोमांस के बारे में जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद एम्स को मेक्सिको सिटी में पोस्टिंग मिली, पर उनकी पत्नी न्यूयॉर्क में ही रहीं। बताते हैं कि शादीशुदा एम्स के कम से कम तीन एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रहे। 1982 में उसने मारिया रोसारियो के साथ नजदीकी बढ़ानी शुरू की। वह कोलंबिया दूतावास में काम करती थी और सीआईए की इन्फॉर्मर थी। एक साल बाद दोनों ने शादी कर ली और उनका एक बेटा हुआ। सीआईए के रूल के बावजूद एम्स ने विदेशी नागरिक के साथ अपने रोमांस के बारे में जानकारी नहीं दी थी। हालांकि उसके कुछ साथियों को सब पता था। वह काफी पीने लगा था। एक क्यूबाई अधिकारी के साथ उसका झगड़ा हुआ, जिसके बाद एजेंसी अलर्ट हो गई। उसके कुछ साथियों को सब पता था। वह काफी पीने लगा था। एक क्यूबाई अधिकारी के साथ उसका झगड़ा हुआ, जिसके बाद एजेंसी अलर्ट हो गई।
1983 में उसका वॉशिंगटन ट्रांसफर हो गया। इस बार उसे काफी संवदेनशील सेक्शन में तैनाती मिली। रूसी एजेंसी केजीबी और जीआरयू के खिलाफ ऑपरेशन और सीआईए के सारे प्लान के बारे में एम्स को जानकारी रहती थी। अक्टूबर में वह पहली पत्नी से अलग हुआ, तब उसने दूसरी पत्नी के बारे में सीआईए को सूचना दी। उसे काफी पैसा पहली पत्नी को देना पड़ा। यूं कहिए कि तलाक के चक्कर में एम्स दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया। बाद में उसने पूछताछ में 1983 में उसका वॉशिंगटन ट्रांसफर हो गया। इस बार उसे काफी संवदेनशील सेक्शन में तैनाती मिली। रूसी एजेंसी केजीबी और जीआरयू के खिलाफ ऑपरेशन और सीआईए के सारे प्लान के बारे में एम्स को जानकारी रहती थी। अक्टूबर में वह पहली पत्नी से अलग हुआ, तब उसने दूसरी पत्नी के बारे में सीआईए को सूचना दी। उसे काफी पैसा पहली पत्नी को देना पड़ा। यूं कहिए कि तलाक के चक्कर में एम्स दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया। बाद में उसने पूछताछ में बताया था कि माली हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह सोवियत के लिए जासूसी करने का कदम उठा लिया। था कि माली हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह सोवियत के लिए जासूसी करने का कदम उठा लिया।