Sunday, April 6, 2025
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भारत में क्यों होते जा रहे हैं नवजात शिशुओं के कत्ल?

भारत में बहुत समय तीन नवजात शिशुओं के कत्ल होते हुए आ रहे हैं! नौ महीने तक मां अपने बच्चे को पेट में पालती है, अपने बच्चे के लिए नए-नए सपने बुनती है लेकिन अगर वही मां बच्चे को पैदा होते ही मार डाले तो क्या आप यकीन कर पाएंगे। शायद आपका जवाब ना होगा, क्योंकि कोई ये सोच भी नहीं सकता कि एक मां अपने ही बच्चे की कातिल हो सकती है। महाराष्ट्र की एक अदालत ने इसी आधार पर एक महिला को बरी कर दिया है। महिला पर आरोप था अपने ही नवजात बच्चे के कत्ल का।

महाराष्ट्र की अदालत में चल रहा ये मामला था 2018 का, महिला पर आरोप लगा कि उसने तीसरी बेटी होने पर, नवजात बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। बच्ची के गले पर नाखुनों के निशान भी थे, लेकिन कोर्ट में ये साबित नहीं हो पाया कि हत्या महिला ने ही की। पुलिस महिला के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं जुटा पाई और आखिरकार दो साल बाद कल्याण की निचली अदालत ने महिला को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बेशक इस मामले में महिला दोषी न हो, या फिर पुलिस सबूत न जुटा पाई हो, लेकिन ऐसे मामले अक्सर सामने आ ही जाते हैं। सवाल ये नहीं है कि दोषी कौन है, सवाल है उन मासूम बच्चों का जिन्हें पैदा होते ही ऐसी भयानक मौत मिलती है।

अब जरा ध्यान दीजिए, कल्याण के कोर्ट में जिस दिन ये फैसला आया, उसी दिन देश की राजधानी दिल्ली में इससे मिलता-जुलता बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। दिल्ली के रजकोरी गांव में कूड़े के ढेर में एक नवजात बच्ची मिली। तेज बारिश में कूड़े के ढेर के बीच महज दो दिन की बच्ची पर जब पास ही रहने वाले एक शख्स की नज़र पड़ी तो उसने तुरंत पुलिस को खबर दी, बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि 2 किलो की नन्ही सी बच्ची की हालत बेहद खराब है, वो पूरी तरह से भीगी हुई थी। सांसे चल रही थीं, लेकिन शरीर तापमान काफी गिर चुका था। अब सवाल ये कि आखिर क्यों इस नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। क्यों ये बच्ची पैदा होते ही अपने माता-पिता की दुश्मन बन गई।

दिल्ली का ये मामला अकेला नहीं है, अक्सर ऐसी घटनाएं सुनने को मिल ही जाती हैं जहां नवजात बच्चों को माता-पिता ही मार डालते हैं। वो मां जो नौ महीने तक बच्चे को कोख में रखती है, आखिर कैसे वो अपनी ही औलाद को मार सकती है। दिल्ली में जो बच्ची कूड़े के ढेर में मिली शायद वो ठीक हो जाए, शायद वो बच पाए, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है। इसी साल फरवरी में अंबाला से भी एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर आयी। अंबाला में एक नवजात बच्चे को पैदा होते ही उसकी मां ने नाले में फेंक दिया। वजह चाहे जो भी रही हो लेकिन कोई मां अपने ही कलेजे के टुकड़े को पैदा होते ही कैसे कत्ल कर सकती है, ये सवाल हर किसी के जैहन में आना लाजमी है।

ऐसी घटनाएं एक दो बार नहीं अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं। अब सुनिए राजस्थान में क्यों एक नवजात बेटे को खुद मां ने पैदा करने के तुरंत बाद मार डाला। बच्चा अभी सिर्फ दो दिन का हुआ था, मां आधी रात में उठी और बच्चे को जंगल में ले जाकर पानी में फेंक आई। वजह थी इस महिला को बेटा नहीं बेटी चाहिए थी और सिर्फ इस वजह से महिला ने नवजात का कत्ल कर दिया। पुलिस पूछताछ में महिला ने अपने गुनाह कबूल किया।

पिछले साल दिसंबर में केरल के त्रिशूर में भी एक ऐसी ही घटना ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। एक महिला पर अपने नवजात बच्चे को गला दबाकर मारने का आरोप लगा। इतना ही नहीं ये भी कहा गया कि महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर बच्चे की लाश को ठिकाने लगाने के लिए पास की नहर में फेंक दिया।जरा सोचिए ये कैसी घटनाएं हैं। आरोप साबित हो या ना हों लेकिन जिस बच्चे को एक महिला इस दुनिया में लाने का फैसला करती है, क्या उसकी सुरक्षा करना उस मां की जिम्मेदारी नहीं हैं। जो बच्चा चंद घंटों पहले ही पैदा हुआ हो, वो आखिर कैसे अपने ही माता-पिता या किसी और का दुश्मन बन सकता है।

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