यह सवाल उठना लाजिमी है कि जम्मू कश्मीर में अभी भी आतंकियों से मुठभेड़ क्यों जारी है! जम्मू-कश्मीर में चुनावी माहौल के बीच शनिवार को बड़ी खबर सामने आई है। कुलगाम के आदिगाम देवसर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में तीन जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक अधिकारी घायल हो गया। सेना के अधिकारियों ने बताया कि जिले के आदिगाम गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ समेत सुरक्षाबलों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। यहां जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर लिया। जब आतंकियों ने खुद को घिरा देखा तो उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से सेना के तीन जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक अधिकारी घायल हो गया।आतंकवादियों को मार गिराया गया है और इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और समूह का पता लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी भागने के रास्ते बंद कर दिए हैं कि छिपे हुए आतंकवादी भागने में असमर्थ हों। मुठभेड़ स्थल पर पहले ही अतिरिक्त बल पहुंच चुके हैं। घायल सुरक्षाकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
माना जा रहा है कि ये आतंकवादी कट्टर विदेशी भाड़े के आतंकवादी हैं। इन आतंकवादियों ने पिछले तीन-चार महीनों के दौरान जम्मू डिवीजन के डोडा, कठुआ, राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों में सेना, स्थानीय पुलिस और नागरिकों पर हमला कर उन्हें मार गिराया है। पहाड़ी इलाकों में सेना और अन्य लोगों पर घात लगाकर हमला करने के बाद आतंकवादी इन पहाड़ी जिलों के घने जंगलों और वन क्षेत्रों में भाग जाते हैं।
दरअसल हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच कई मुठभेड़ हुई हैं। इनमें कई आतंकवादी मारे गए हैं। 15 सितंबर को कठुआ जिले के बानी इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। आतंकी गतिविधियां पुंछ और राजौरी जिलों तक ही सीमित थी। लेकिन अब ये जम्मू के अन्य क्षेत्रों में फैल रही हैं। चिनाब घाटी, उधमपुर और कठुआ में भी आतंकी सक्रिय हैं। आतंकवादी वाहनों पर घात लगाकर हमला कर रहे हैं और ग्रेनेड, कवच-भेदी गोलियों के साथ-साथ एम4 असॉल्ट राइफलों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। कश्मीर में लगातार चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों ने आतंकवादियों को पहाड़ों की ओर धकेल दिया है, जहां वह छिप जाते हैं और सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए सही समय का इंतजार करते हैं।
बता दे कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो अज्ञात आतंकवादी मारे गए और एक अधिकारी सहित पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। देवसर इलाके के आदिगाम गांव में सुरक्षा बलों ने सुबह तलाशी अभियान शुरू किया था, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) मुमताज अली को मुठभेड़ स्थल के पास एक गोली लगी, जिससे वह मामूली रूप से घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि आतंकवाद विरोधी अभियान में शामिल चार अन्य सुरक्षाकर्मी भी मुठभेड़ में घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है और इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और समूह का पता लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तलाशी अभियान शुरू किया।
तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में दो अज्ञात आतंकवादी मारे गए हैं। सुरक्षा बलों को अभी तक मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके समूह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।ये आतंकवादी कट्टर विदेशी भाड़े के आतंकवादी हैं। इन आतंकवादियों ने पिछले तीन-चार महीनों के दौरान जम्मू डिवीजन के डोडा, कठुआ, राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों में सेना, स्थानीय पुलिस और नागरिकों पर हमला कर उन्हें मार गिराया है। सभी घायल सुरक्षाकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है।


