क्या अग्नि वीर कर रहे हैं अन्य जॉब सर्च?

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वर्तमान में अग्नि वीर अन्य जॉब सर्च कर रहे हैं! रक्षा मंत्रालय की अग्निपथ स्कीम को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। इस बीच सेना के एक शीर्ष अधिकारी की तरफ से अग्निपथ स्कीम और अग्निवीर को लेकर कई बातें कही गई हैं। लेफ्टिनेंट जनरल चन्नीरा बंसी पोनप्पा का कहना है कि अग्निवीर के साथ सेना में किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं होता है। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप का खंडन किया कि केंद्र ने सैनिकों की दो श्रेणियां बना दी हैं। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि अग्निवीर समान ही वर्दी पहनते हैं और एक ही ड्यूटी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में उनकी स्थिति थोड़ी बेहतर है। अग्निपथ योजना की वर्तमान स्थिति और नियोजित अग्निवीरों की संख्या के बारे में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल पोनप्पा ने कहा कि जून 2022 से यह योजना शुरू की गई। इसके बाद हमारे पास पहला बैच था। इस बैच को दिसंबर 2022-जनवरी 2023 में भर्ती और एनरॉल किया गया। लगभग 1 लाख अग्निवीर सेना में एनरॉल्ड किए गए हैं। इसमें लगभग 200 महिलाएं भी शामिल हैं। लेफ्टिनेंट जनरल चन्नीरा बंसी पोनप्पा ने कहा कि इस वर्ष 2024-25 में लगभग 50,000 वेकेंसी जारी की गई हैं। भर्ती प्रक्रिया जारी है।

लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि लगभग 70,000 अग्निवीरों को पहले ही यूनिट में भेजा जा चुका है। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि सभी अग्निवीर अपनी संबंधित बटालियनों में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहना होगा कि वे सभी ऐक्शन, ऑपरेशन और अन्य प्रोफेशनल ड्यूटी उसी प्रकार निभा रहे हैं, जैसे यूनिट में अन्य सिपाही या रंगरूट करते हैं। वे लोग अपनी यूनिट में पूरी तरह से घुलमिल गए हैं। अधिकारी ने कहा कि और हम देखते हैं कि कुछ क्षेत्रों में तो वे थोड़े बेहतर हैं। फिजिकल टेस्ट में लगभग 10% बेहतर हैं। और वे अपनी शिक्षा में लगभग 20% बेहतर हैं। संभवतः यह उनके केंद्रित दृष्टिकोण से संबंधित है।

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती का बड़ा कदम उठाया था। इसके तहत केंद्रीय बलों में पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण और उम्र में छूट के प्रावधान किए गए हैं। इतना ही नहीं, पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट मिलेगी। इससे पहले सरकार ने फैसला किया था कि अग्निवीर जीडी, अग्निवीर टेक, अग्निवीर ऑफिस असिस्टेंट/एसकेटी, अग्निवीर ट्रेड्समैन के जरिए युवा सेना में भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर टेक में सांइस (पीसीएम) वाले युवाओं को मौका मिलेगा। वहीं, अग्निवीरों को भारतीय वायु सेना में भी अवसर मिल रहा है। अग्निवीर की इस भर्ती में केवल अविवाहित युवा ही आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि हरियाणा सरकार ने घोषणा की है कि अग्निवीरों को कॉन्स्टेबल, माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और एसपीओ के पदों पर भर्ती में 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में ग्रुप सी और ग्रुप डी के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की छूट दी जाएगी। अग्निवीरों को चार विभागों में 10 फीसदी आरक्षण देने तथा प्राथमिकता के आधार पर आर्म्स लाइसेंस जारी करने का ऐलान किया है। हरियाणा में कांग्रेस लगातार सत्ता में आने के बाद अग्निवीर योजना को समाप्त करने का ऐलान कर रही है।

चंडीगढ़ में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह ऐलान किया कि सेना से चार साल के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल, फॉरेस्ट और माइनिंग गार्ड, जेल वार्डन व एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) की भर्ती में दस प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सीधी भर्ती में अग्निवीरों को यह सुविधा मिलेगी। सरकारी नौकरियों में प्रवेश के लिए तय उम्र सीमा में भी अग्निवीरों को छूट मिलेगी। अग्निवीरों के पहले बैच को उम्र में पांच साल की छूट दी जाएगी। इसके बाद के बैच के लिए यह छूट तीन साल के लिए होगी। सरकार ने ग्रुप-सी और ग्रुप-डी यानी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों में भी आरक्षण लागू करने का फैसला किया है।

सीएम ने कहा कि कांग्रेस केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर दुष्प्रचार कर रही है। यह पीएम नरेंद्र मोदी की लोकहित की योजना है। इसके माध्यम से स्किल और एक्टिव युवा तैयार होंगे। 14 जून, 2022 को लागू की गई इस योजना के तहत भारतीय सेनाओं में चार सालों के लिए अग्निवीर भर्ती किए जा रहे हैं। चार वर्षों की सर्विस के बाद कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत स्थायी होंगे और बाकी रिटायर हो जाएंगे। इससे पहले केंद्र सरकार ने चार वर्षों के बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों की भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की सीधी भर्ती में भी अग्निवीरों को 10 फीसदी का आरक्षण मिलेगा। एसपीओ के तहत सेना व अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को नियुक्त किया जाता है।