Saturday, March 21, 2026
Home Blog Page 483

मणिपुर में 2 बच्चों समेत तीन लोगों का शव मिला:लापता मैतेई परिवार के होने की संभावना; 5 दिन पहले मुठभेड़ के बाद से 6 लोग लापता हैं

मणिपुर में एक महिला और दो बच्चों के शव शुक्रवार को जिरी नदी में बहते मिले। इन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ये शव सोमवार को मुठभेड़ के बाद से लापता हुए लोगों के हो सकते हैं। सोमवार को वर्दी पहने हथियारबंद उग्रवादियों ने बोरोब्रेका थाना परिसर और सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया था। इसमें 10 उग्रवादी मारे गए थे। इस दौरान जिरीबाम जिले के बोरोब्रेका थाना परिसर स्थित राहत शिविर से 6 लोग लापता हो गए थे। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि हमला करने वाले उग्रवादियों ने महिलाओं और बच्चों का अपहरण किया है। इनकी तलाश की मांग को लेकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। अभियान की निगरानी के लिए शुक्रवार को इंफाल से आईजी और डीआईजी रैंक के अफसरों को जिरीबाम भेजा गया है। न्याय की मांग को लेकर कुकी समुदाय का प्रदर्शन
कुकी समुदाय से जुड़े लोग मुठभेड़ में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को चुराचांदपुर में सैंकड़ों लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि मुठभेड़ की न्यायिक जांच हो। कुकी संगठन बोले- मरने वाले उग्रवादी नहीं, वॉलिंटियर्स थे
कुकी संगठनों ने दावा किया है कि मरने वाले उग्रवादी नहीं थे। सभी कुकी गांव के वॉलिंटियर्स थे। साथ ही कहा था कि CRPF को मंगलवार को हुई घटना को ध्यान में रखते हुए अपना कैंप नहीं छोड़ना चाहिए। संगठनों के इस दावे को आईजीपी ऑपरेशन आईके मुइवा खारिज किया। उन्होंने कहा कि मारे गए सभी लोगों के पास एडवांस हथियार थे। ये सभी यहां उपद्रव मचाने आए थे। इससे साबित होता है कि वे सभी उग्रवादी ही थे। उन्होंने कुकी समुदाय की CRPF पर गई टिप्पणी पर कहा- पुलिस और सुरक्षाबल भारत सरकार के अधीन काम कर रहे हैं। वे हमेशा अलग-अलग एजेंसियों के मार्गदर्शन में काम करते हैं। पुलिस और सीआरपीएफ जैसी सुरक्षा एजेंसियां ​​अपने कर्तव्य के मुताबिक काम करना जारी रखेंगी। उग्रवादियों ने पुलिस स्टेशन-CRPF कैंप पर हमला किया था जिरिबाम जिले के जकुराडोर करोंग इलाके में मौजूद बोरोबेकेरा पुलिस स्टेशन पर 11 नवंबर को कुकी उग्रवादियों दोपहर करीब 2.30 से 3 बजे के बीच हमला किया था। जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने 10 उग्रवादियों को मार गिराया था। पुलिस स्टेशन के नजदीक ही मणिपुर हिंसा में विस्थापित लोगों के लिए एक राहत शिविर है। यहां रह रहे लोग कुकी उग्रवादियों के निशाने पर बने हुए हैं। शिविर पर पहले भी हमले हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक उग्रवादी सैनिकों जैसी वर्दी पहने थे। इनके पास से 3 AK राइफल, 4 SLR , 2 इंसास राइफल, एक RPG, 1 पंप एक्शन गन, बीपी हेलमेट और मैगजीन बरामद हुई। सुरक्षाबलों ने बताया था कि पुलिस स्टेशन पर हमला करने के बाद उग्रवादी वहां से एक किलोमीटर दूर छोटी सी बस्ती की ओर भागे थे। वहां घरों-दुकानों में आग भी लगाई थी। सुरक्षाबलों ने उग्रवादियों पर गोलियां बरसाई थीं। किसान की हुई थी हत्या
11 नवंबर को ही मणिपुर के याइंगंगपोकपी शांतिखोंगबन इलाके में खेतों में काम कर रहे किसानों पर उग्रवादियों ने पहाड़ी से गोलीबारी की थी, जिसमें एक किसान की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। पुलिस ने बताया कि इस इलाके में उग्रवादी पहाड़ी से निचले इलाकों में फायरिंग करते हैं। खेतों में काम कर रहे किसानों को निशाना बनाया जा रहा है। हमलों के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। मणिपुर के 6 इलाकों में AFSPA फिर से लागू
मणिपुर के 5 जिलों के 6 थानों में फिर से आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल प्रोटेक्शन एक्ट (AFSPA) लागू कर दिया गया है। यह 31 मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगा। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को इसका आदेश जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि इन इलाकों में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के चलते फैसला लिया गया। AFSPA लागू होने से सेना और अर्ध-सैनिक बल इन इलाकों में कभी भी किसी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकते हैं। गृह मंत्रालय के आदेश में इम्फाल पश्चिम जिले का सेकमई और लमसांग, इम्फाल पूर्व जिले का लाम्लाई, जिरिबाम जिले का जिरिबाम, कांगपोकपी का लेइमाखोंग और बिष्णुपुर जिले का मोइरंग थाना शामिल है। पूरी खबर पढ़ें … इंफाल में 3 दिन में भारी गोला-बारूद जब्त
असम राइफल्स ने बताया था कि मणिपुर के पहाड़ी और घाटी जिलों में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने कई हथियार, गोला-बारूद और IED जब्त हुआ। 9 नवंबर को असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की जॉइंट टीम ने चुराचांदपुर जिले के एल खोनोम्फई गांव के जंगलों से एक.303 राइफल, दो 9 एमएम पिस्टल, छह 12 सिंगल बैरल राइफल, एक.22 राइफल, गोला-बारूद और सामान जब्त किया था। इसके अलावा एस चौंगौबंग और कांगपोकपी जिले के माओहिंग में एक 5.56 मिमी इंसास राइफल, एक प्वाइंट 303 राइफल, 2 एसबीबीएल बंदूकें, दो 0.22 पिस्तौल, दो इंप्रोवाइज्ड प्रोजेक्टाइल लांचर, ग्रेनेड, गोला-बारूद जब्त किए गए थे। 10 नवंबर असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और बीएसएफ की जॉइंट टीम ने काकचिंग जिले के उतांगपोकपी के एरिया में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। इसमें एक 0.22 राइफल, गोला-बारूद और सामान शामिल था। 9-10 नवंबर: महिला की हत्या, पहाड़ी से गोलीबारी
इंफाल पूर्वी जिले के सनसाबी, सबुंगखोक खुनौ और थमनापोकपी इलाकों में 10 नवंबर को गोलीबारी की घटना हुई थी। 9 नवंबर को बिष्णुपुर जिले के सैटन में उग्रवादियों ने 34 साल की महिला की हत्या कर दी थी। घटना के वक्त महिला खेत में काम कर रही थी। उग्रवादियों ने पहाड़ी से निचले इलाकों में गोलीबारी की थी। 8 नवंबर: उग्रवादियों ने फूंक डाले 6 घर, 1 महिला की मौत
8 नवंबर को जिरीबाम जिले के जैरावन गांव में हथियारबंद उग्रवादियों ने 6 घर जला दिए थे। ग्रामीणों का आरोप था कि हमलावरों ने फायरिंग भी की थी। घटना में एक महिला की मौत हुई थी। मृतक महिला की पहचान जोसंगकिम हमार (31) के रूप में हुई थी। उसके 3 बच्चे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावर मैतेई समुदाय के थे। घटना के बाद कई लोग घर से भाग गए। 7 नवंबर को बलात्कार के बाद महिला को जिंदा जलाया
7 नवंबर को हमार जनजाति की एक महिला को संदिग्ध उग्रवादियों ने मार डाला था। उन्होंने जिरीबाम में घरों को भी आग लगा दी। पुलिस केस में उसके पति ने आरोप लगाया कि उसे जिंदा जलाने से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया था। एक दिन बाद, मैतेई समुदाय की एक महिला की संदिग्ध कुकी विद्रोहियों ने गोली मार दी थी। मणिपुर में हिंसा को लगभग 500 दिन हुए
कुकी-मैतेई के बीच चल रही हिंसा को लगभग 500 दिन हो गए। इस दौरान 237 मौतें हुईं, 1500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए, 60 हजार लोग घर छोड़कर रिलीफ कैंप में रह रहे हैं। करीब 11 हजार FIR दर्ज की गईं और 500 लोगों को अरेस्ट किया गया। इस दौरान महिलाओं की न्यूड परेड, गैंगरेप, जिंदा जलाने और गला काटने जैसी घटनाएं हुईं। अब भी मणिपुर दो हिस्सों में बंटा हैं। पहाड़ी जिलों में कुकी हैं और मैदानी जिलों में मैतेई। दोनों के बीच सरहदें खिचीं हैं, जिन्हें पार करने का मतलब है मौत। स्कूल- मोबाइल इंटरनेट बंद किए गए। मणिपुर में अचानक बढ़ी हिंसक घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने 10 सितंबर को 5 दिन के लिए इंटरनेट पर बैन लगाया था। हालांकि 12 सितंबर को ब्रॉडबेन्ड इंटरनेट से बैन हटा लिया गया था। 4 पॉइंट्स में समझिए मणिपुर हिंसा की वजह…
मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए। मैतेई का तर्क क्या है: मैतेई जनजाति वाले मानते हैं कि सालों पहले उनके राजाओं ने म्यांमार से कुकी काे युद्ध लड़ने के लिए बुलाया था। उसके बाद ये स्थायी निवासी हो गए। इन लोगों ने रोजगार के लिए जंगल काटे और अफीम की खेती करने लगे। इससे मणिपुर ड्रग तस्करी का ट्राएंगल बन गया है। यह सब खुलेआम हो रहा है। इन्होंने नागा लोगों से लड़ने के लिए आर्म्स ग्रुप बनाया। नगा-कुकी विरोध में क्यों हैं: बाकी दोनों जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। ऐसे में ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों का बंटवारा होगा। सियासी समीकरण क्या हैं: मणिपुर के 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई और 20 विधायक नगा-कुकी जनजाति से हैं। अब तक 12 CM में से दो ही जनजाति से रहे हैं।

कन्हैया के ‘इंस्टाग्राम रील’ वाले बयान पर फडणवीस का जवाब:कहा- मेरी पत्नी पर हमले कर रही कांग्रेस की ट्रोल आर्मी, उनको डूब मरना चाहिए

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कन्हैया कुमार ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी पर टिप्पणी की है। इस पर फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके कन्हैया कुमार पर निजी हमले करने का आरोप लगाया है। मेरी पत्नी को लेकर मीम्स बनाए गए और उनके बारे में बुरी बातें लिखी गईं। जिस तरह से मेरी पत्नी के बारे में अपमानजनक बातें लिखी गईं, उसे देखकर ट्रोलर्स को शर्म आनी चाहिए. ऐसे लोगों को पानी में डूब मरना चाहिए। अगर आप लड़ना चाहते हैं, तो सामने आकर लड़िए। आखिर यह कौन सा युद्ध आप लड़ रहे हैं? मैं उनकी लड़ाई को समझता हूं और उन्हें हराऊंगा। दरअसल, कन्हैया कुमार ने फडणवीस के ‘वोट जिहाद’ और ‘धर्म-युद्ध’ वाले एक पुराने बयान की आलोचना की थी। उन्होंने एक रैली में कहा था किजो नेता धर्म बचाने की बात कहे, उससे पूछिए कि ऐसा तो नहीं होगा न कि धर्म बचाने की जिम्मेदारी हमारी होगी और ऑक्सफोर्ड-कैम्ब्रिज में पढ़ने की जिम्मेदारी आपके बच्चों की होगी। अगर धर्म बचाना है तो सब मिलकर बचाएंगे। ऐसा तो नहीं होगा न कि हम धर्म बचाएंगे और डिप्टी सीएम की पत्नी इंस्टाग्राम पर रील्स बनाएंगीं। दरअसल, फडणवीस ने 9 नवंबर को औरंगाबाद में कहा था कि राज्य में अब ‘वोट जिहाद’ शुरू हो गया है। अगर वे वोट जिहाद कर रहे हैं, तो हमें ‘धर्म-युद्ध’ के लिए तैयार रहना चाहिए। कन्हैया कुमार का पूरा भाषण पढ़ें… इस देश का नागरिक होने के नाते लोकतंत्र को बचाना हमारा धर्म है। जिस लोकतंत्र के चलते आज मैं यहां खड़े होकर भाषण दे रहा हूं, उसकी रक्षा करना मेरा धर्म है। अगर यह धार्मिक युद्ध है और धर्म की रक्षा दांव पर है, तो जो भी नेता आपके सामने धर्म बचाने की बात कहता है, उस नेता से एक सवाल पूछना चाहिए- एक्सक्यूज मी सर, आप धर्म बचाना चाहते हैं, बस एक बात बता दीजिए, इस धर्म बचाने की लड़ाई में आपके बेटा-बेटी भी हमारे साथ चलेंगे न? ऐसा तो नहीं होगा न कि धर्म बचाने की जिम्मेदारी हमारी और ऑक्सफोर्ड-कैम्ब्रिज में पढ़ने की जिम्मेदारी आपके बच्चों की। अगर धर्म बचाना है तो सब मिलकर बचाएंगे। ऐसा तो नहीं होगा न कि हम धर्म बचाएंगे और डिप्टी सीएम की पत्नी इंस्टाग्राम पर रील्स बनाएंगीं। यही बात मैंने भाजपा के एक दोस्त को हीं। मैंने कहा दोस्त धर्म बचाना है। तो चलो, नेताओं के बच्चे भी धर्म बचाएंगे। तो मेरा दोस्त बोला कि मोदी जी और योगी जी को बेटा-बेटी नहीं हैं। मैंने कहा- भतीजा है न, वो चलेगा न हमारे साथ धर्म बचाने के लिए। हम इस होशियारी को समझने लगे हैं। बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा संगठित हो, शिक्षित हो, संघर्ष करो। हमने आपका नमक खाया है, आपके टैक्स के पैसे से हमने पढ़ाई की है, आंख फोड़कर हमने पीएचडी की है। अब हमको ये सियासत समझ में आती है, ये खेल समझ में आता है। उनके बच्चे BCCI में IPL में टीम बना रहे हैं, और हमें Dream 11 पर टीम बनाने को कहा जा रहा है। क्रिकेटर बनने के सपना दिखा के जुआरी बना दिया है। अब हमें समझ में आ रहा है कि देश में चल क्या रहा है। चल ये रहा है कि हम भारत के लोग बहुत भावुक होते हैं, हमारी भावनाओं को भड़का के, हमारी भावनाओं का गलत इस्तेमाल करके हमसे हमारा अधिकार छीना जा रहा है। फडणवीस के बयान पर ओवैसी बोले- लोकतंत्र में वोट जिहाद और धर्मयुद्ध कहां से आया फडणवीस के धर्म युद्ध वाले बयान पर ओवैसी ने 10 नवंबर को छत्रपति संभाजीनगर में एक जनसभा में कहा, हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद किया और अब फडणवीस हमें जिहाद के बारे में सिखा रहे हैं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, और देवेंद्र फडणवीस मिलकर भी मुझसे बहस में जीत नहीं सकते। लोकतंत्र में ‘वोट जिहाद और धर्मयुद्ध’ की बातें कहां से आ गईं? आपने विधायकों को खरीदा, तो क्या हम आपको चोर कहें? यहां फडणवीस जिहाद की बात कर रहे हैं, जबकि उनके आदर्श अंग्रेजों को ‘प्रेम पत्र’ लिख रहे थे, जबकि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने विदेशी हुक्मरानों से कभी समझौता नहीं किया।
————————————- फडणवीस के बयानों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… फडणवीस बोले- अरे ओ ओवैसी सुन ले: कुत्ता भी न पेशाब करेगा औरंगजेब की पहचान पर, तिरंगा लहराएगा पूरे पाकिस्तान पर महाराष्ट्र के वर्सोवा में प्रचार के दौरान AIMIM चीफ ओवैसी ने 10 नवंबर को डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस पर मुसलमानों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। इसके 24 घंटे बाद ही फडणीस ने पलटवार करते हुए कहा कि ओवैसी महाराष्ट्र में औरंगजेब का महिमामंडन कर रहे हैं। फडणवीस ने मुंबई में एक रैली के दौरान कहा- आज कल तो औवेसी भी यहां आने लगा है। मेरे हैदराबादी भाई, तू यहां मत आ। तू उधर ही रह, क्योंकि यहां तेरा कोई काम नहीं है। सुन ले औवेसी…कुत्ता भी ना पेशाब करेगा औरंगजेब की पहचान पर। अब तो तिरंगा लहराएंगे पूरे पाकिस्तान पर। पूरी खबर यहां पढ़ें… EC ने उद्धव और खड़गे के बैग की जांच की:अब तक शिंदे-अजित समेत 8 बड़े नेताओं की चेकिंग हो चुकी, फडणवीस बोले थे- इसमें गलत क्या महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग (EC) की सख्ती जारी है। अफसरों ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, गोवा के CM प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और उद्धव ठाकरे के सामानों की चेकिंग की। इस तरह चुनाव के बीच देश के 8 बड़े नेताओं की जांच हो चुकी है। उद्धव ठाकरे की चेकिंग का वीडियो सामने आने के बाद 12 नवंबर को फडणवीस ने कहा था कि कोल्हापुर में मेरा भी बैग चेक किया गया, इसके बाद 7 नवंबर को भी चेकिंग हुई। उद्धव जांच का विरोध करके लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। वे रोकर-चिल्लाकर वोट हासिल करना चाहते हैं। बैग चेकिंग में गलत क्या है। चुनाव प्रचार के दौरान हमारे भी बैग चेक होते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

भारत ने सा. अफ्रीका में हाईएस्ट टी-20 स्कोर बनाया:संजू साल में 3 शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज, तिलक के साथ सबसे बड़ी पार्टनरशिप की

साउथ अफ्रीका को भारत से चौथे मुकाबले में 135 रन की मिली, यह टीम के टी-20 इतिहास की सबसे बड़ी हार है। भारत से पहली बार किसी टी-20 में दो बल्लेबाजों ने शतक लगाया। तिलक वर्मा और संजू सैमसन दोनों ने सेंचुरी लगाकर स्कोर 283 रन तक पहुंचाया। यह साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ा टी-20 स्कोर भी रहा। जवाब में साउथ अफ्रीका टीम 148 रन पर सिमट गई। इस मैच में कई रिकॉर्ड्स बनें…संजू टी-20 इंटरनेशनल के एक साल में तीन शतक मारने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए, बतौर विकेटकीपर संजू एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। सैमसन और तिलक ने भारत के लिए सबसे बड़ी साझेदारी भी की। फैक्ट्स- 1. सैमसन ने 4 फिफ्टी प्लस स्कोर बनाए टी-20 इंटरनेशनल में बतौर भारतीय विकेटकीपर संजू सैमसन सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके नाम 18 इनिंग में 4 फिफ्टी हैं। दूसरे नंबर पर के एल राहुल है, उनके नाम 8 इनिंग में तीन 50 प्लस स्कोर हैं। 2. टी-20i में एक इनिंग में 8+ सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज भारत की तरफ से किसी भी एक मैच में 8 या उससे ज्यादा सिक्स लगाने वाले रिकॉर्ड में तिलक वर्मा ने भी अपना नाम शामिल कर लिया। रोहित-संजू ने यह कारनामा 3-3 बार किया है। जबकि सूर्यकुमार यादव ने 2 और तिलक वर्मा ने पहली बार यह उपलब्धि हासिल की। 3. सैमसन एक साल में सबसे ज्यादा टी-20 रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर बतौर इंडियन विकेटकीपर एक साल में संजू सैमसन ने सबसे ज्यादा रन बना लिए हैं। उनके नाम 12 इनिंग में 436 रन हैं। दूसरे पायदान पर ऋषभ पंत हैं, जिन्होंने 2022 में 21 इनिंग में 364 रन बनाए थे। 4. टी-20 के एक साल में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट (750+ रन) टी-20 में अभिषेक शर्मा किसी भी साल में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले प्लेयर हैं। उन्होंने 2024 में 193.4 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर आंद्रे रसेल हैं, जिन्होंने इसी साल 185.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। 5. साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ा टी-20 स्कोर भारत ने 283 रन बनाकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ा टी-20 स्कोर बना दिया। इससे पहले वेस्टइंडीज ने 2023 में 5 विकेट खोकर 258 रन बनाए थे। 6. संजू-तिलक की पार्टनरशिप की खास बातें भारत के लिए आज संजू सैमसन और तिलक वर्मा ने रिकॉर्ड ब्रेकिंग नाबाद 210 रन की साझेदारी की। टी-20 में यह भारत के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। 7. टेस्ट प्लेइंग टीमों में टी-20i का दूसरा सबसे बड़ा टोटल जोहान्सबर्ग में भारत का 283/4 का स्कोर किसी भी फुल मेंबर साइड द्वारा बनाए गए हाईएस्ट स्कोर में दूसरे नंबर पर आ गया है। इससे पहले इसी साल टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ 297/6 का स्कोर बनाया था, यह स्कोर पहले नंबर पर है। 8. टी-20i में भारत के लिए 10 सिक्स तिलक वर्मा भारत के लिए टी-20 इंटरनेशनल की किसी एक पारी में 10 छक्के लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले रोहित और संजू यह कारनामा कर चुके हैं। 9. टी-20i के विदेश में भारत के लिए सबसे बड़ा स्कोर चौथे टी-20 में तिलक वर्मा ने नाबाद 120 रन बनाए, यह किसी भी भारतीय प्लेयर का टी-20i में बनाया गया हाईएस्ट स्कोर है। दूसरे नंबर पर सूर्यकुमार यादव हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 117 रन बनाए थे। 10. टी-20i में भारत के लिए सबसे बड़ी साझेदारी संजू-तिलक की 210 रन की साझेदारी भारत के लिए टी-20 में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा और रिंकू सिंह के नाम था। दोनों प्लेयर्स ने अफगानी टीम के खिलाफ इसी साल नाबाद 190 रन जोड़े थे। 11. टी-20i की लगातार दो इनिंग में शतक टी-20 इंटरनेशनल की लगातार इनिंग में शतक लगाने के रिकॉर्ड में तिलक वर्मा ने अपना नाम शामिल कर लिया है। इसी सीरीज के पहले टी-20 में ओपनर संजू सैमसन ने यह कारनामा हासिल किया था। 12. टी-20i में सा. अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी संजू और तिलक ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी की है। दोनों ने मिलकर नाबाद 210 रन जोड़े। इनसे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान के नाम था, दोनों ने 2021 में 197 रन जोड़े थे। 13. टी-20i में भारतीय बॉलर के द्विपक्षीय सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट टी-20 इंटरनेशनल की बाइलेट्रल सीरीज में किसी भी भारतीय द्वारा सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में वरुण चक्रवर्ती पहले नंबर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने 4 मैच में 12 विकेट लिए। 2016 में अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ 9 विकेट लिए थे। 14. टी-20i में सा. अफ्रीका की सबसे बड़ी हार भारत ने चौथा टी-20 मैच 135 रन से अपने नाम किया। टी-20 फॉर्मेट में यह साउथ अफ्रीका की किसी भी टीम के खिलाफ सबसे बड़ी हार है। इससे पहले 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें 111 रन से हराया था। 15. टी-20i में सा. अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत भारत टी-20 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है। उन्होंने अब तक 18 मैच अपने नाम किए हैं। जबकि ऑस्ट्रेलिया के नाम साउथ अफ्रीका के खिलाफ 17 जीत है। 16. टी-20i की द्विपक्षीय सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन टी-20 इंटरनेशनल में किसी भी बाइलेट्रल सीरीज में सबसे ज्यादा रन तिलक वर्मा के हो गए हैं। उन्होंने अफ्रीका के खिलाफ 280 रन बनाए। इससे पहले विराट कोहली ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ 231 रन बनाए थे।

संजू का सिक्स फैन के चेहरे पर लगा:रिवर्स स्वीप पर तिलक का सिक्स, मिलर ने 110 मीटर लंबा छक्का जड़ा; मोमेंट्स

भारत ने साउथ अफ्रीका को चौथे टी-20 में 135 रन से हरा दिया। इसी के साथ टीम ने चार मैच की सीरीज 3-1 से जीत ली। भारत से तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने सेंचुरी लगाकर स्कोर 283 रन तक पहुंचाया। जवाब में अफ्रीका टीम 148 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच में कई मोमेंट्स देखने को मिले…अभिषेक शर्मा ने स्टेडियम के बाहर बॉल मारी, मिलर ने 110 मीटर का सिक्स लगाया, संजू का सिक्स फैन को लगा, बिश्नोई ने जगल करते हुए कैच लपका। जोहान्सबर्ग टी-20 के टॉप-12 मोमेंट्स 1.सूर्या ने सीरीज में पहली बार टॉस जीता टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जोहान्सबर्ग में टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी। उन्होंने सीरीज में पहली बार टॉस जीता, लेकिन टीम ने लगातार चौथे टी-20 में बैटिंग ही की। साउथ अफ्रीका और भारत दोनों ने अपनी प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया। 2. हेंड्रिक्स ने अभिषेक को जीवनदान दिया मैच के पहले ओवर में अभिषेक शर्मा को जीवनदान मिला। यहां ओवर की चौथी बॉल पर अभिषेक शर्मा ने फुल लेंथ बॉल पर ड्राइव खेला। बॉल, बैट का बाहरी किनारा लेकर स्लिप पर मौजूद रीजा हेंड्रिक्स के हाथों में पहुंची। उन्होंने अभिषेक का शून्य के स्कोर पर आसान सा कैच छोड़ दिया। इसी ओवर की आखिरी बॉल अभिषेक के हेलमेट पर जा लगी। यानसन की शॉर्ट ऑफ लेंथ बॉल को अभिषेक पुल करने गए, लेकिन बॉल उनके हेलमेट पर जा लगी। फिजियो मैदान पर आए और उन्होंने अभिषेक की जांच की। 3. अभिषेक ने ग्राउंड के बाहर बॉल मारी इंडियन इनिंग के पांचवें ओवर की पहली बॉल पर अभिषेक शर्मा ने ग्राउंड के बाहर बॉल मार दी। यहां अभिषेक ने आगे निकलकर एंडिले सिमेलाने की बॉल पर इनसाइड आउट शॉट खेला। बॉल कवर बॉउंड्री के ऊपर से स्टेडियम के बाहर चली गई। इस ओवर में अभिषेक ने 3 सिक्स और 1 चौके की मदद से 24 रन बनाए। 4. चोटिल कूट्जी मैदान से बाहर गए पावरप्ले का आखिरी ओवर डालने आए जेराल्ड कूट्जी पैर में हेमस्ट्रिंग की वजह से ओवर में एक भी बॉल नहीं डाल पाए। कूट्जी को बॉलिंग रन-अप के समय मांसपेशियों में खिचाव आ गया। जिसकी वजह से वह मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह एंडिले सिमेलाने ने ओवर डाला। डोनोवन फरेरा बतौर सब्स्टिट्यूट उनकी जगह फील्डिंग करने आए। 5. संजू का सिक्स फैन को लगा संजू सैमसन ने 10वें ओवर की पहली बॉल पर सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की। उन्होंने ट्रिस्टन स्टबस को लगातार बॉल पर सिक्स लगाए। ओवर की दूसरी बॉल पर उन्होंने डीप मिड-विकेट की ओर सिक्स लगाया। बॉल स्टेडियम में बैठी महिला फैन के चेहरे पर जा लगी। इसके बाद संजू ने क्रीज से ही फैन से माफी मांगी। इस ओवर में 21 रन आए। संजू ने 28 बॉल पर अर्धशतक पूरा किया। 6. सिमेलाने की बाउंसर तिलक के कंधे पर लगी 11वें ओवर की चौथी बॉल तिलक वर्मा के कंधे पर जा लगी। यहां सिमेलाने ने बाउंसर बॉल डाली, तिलक ने आगे निकलकर पुल किया। बॉल उनके कंधे पर जा लगी। इसके बाद वह मैदान पर बैठ पड़े, फिजियो ने आकर उनकी जांच की। 7. रिवर्स स्वीप पर तिलक का सिक्स 14वें ओवर में मार्करम ने 22 रन खर्चे। इस ओवर में तिलक वर्मा ने मार्करम के खिलाफ आखिरी की 3 बॉल पर हैट्रिक बाउंड्री लगाई। उन्होंने चौथी बॉल पर डीप स्क्वायर लेग पर चौका लगाया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो रिवर्स स्वीप लगाए। पहले रिवर्स स्वीप से उन्होंने थर्ड मैन के ऊपर सिक्स लगाया, इसके बाद उसी दिशा में चौका लगा दिया। 8. यानसन ने 95 रन पर तिलक का कैच छोड़ा पारी के 18वें ओवर में यानसन ने पॉइंट बाउंड्री पर तिलक वर्मा का कैच छोड़ दिया। यहां कूट्जी के ओवर की पहली बॉल पर तिलक ने पॉइंट पर शॉट खेला। डीप पॉइंट पर खड़े यानसन ने आसान-सा मौका गंवा दिया। इस समय तिलक 95 रन पर थे। 9. बिश्नोई का जगलिंग कैच अफ्रीकी पारी के तीसरे ओवर की आखिरी बॉल पर ऐडन मार्करम आउट हुए। उन्हें अर्शदीप सिंह ने 8 रन के स्कोर पर कैच आउट कराया। यहां अर्शदीप की बॉल पर मार्करम ने हवाई शॉट खेला। बॉल के नीचे आकर रवि बिश्नोई ने जगल करके शानदार कैच लिया। 10. मिलर ने 110 मीटर का सिक्स लगाया प्रोटियाज लेफ्ट हैंडर डेविड मिलर ने वरुण चक्रवर्ती की बॉल पर 3 सिक्स ग्राउंड के बाहर मारे। इसके बाद वह उन्हीं के ओवर में बिश्नोई को कैच दे बैठे। उन्होंने 12वें ओवर की आखिरी बॉल पर डीप-मिडविकेट के ऊपर से 110 मीटर का सिक्स भी लगाया था। इसी ओवर की दूसरी बॉल पर उन्होंने 104 मीटर का सिक्स लगाया था। इससे पहले 10वें ओवर की आखिरी बॉल पर मिलर ने लॉन्ग ऑन और डीप-मिडविकेट के बीच 109 मीटर का सिक्स लगाया। उन्होंने 36 रन की पारी खेली। 11. बिश्नोई ने महाराज का कैच ड्रॉप किया लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने 17वें ओवर में केशव महाराज को जीवनदान दिया। रमनदीप के ओवर की तीसरी बॉल पर केशव ने हवाई शॉट खेला, डीप मिडविकेट पर खड़े रवि बिश्नोई आगे की तरफ आए, लेकिन उनके हाथ से कैच छूट गया। बॉल, उनके कान पर जा लगी। यहां फिजियो ने उनकी जांच की। 12. तिलक का डाइविंग कैच 18वें ओवर में लॉन्ग ऑफ पर तिलक वर्मा ने शानदार कैच लिया। यहां ओवर की पहली बॉल पर केशव महाराज ने कवर के ऊपर से शॉट खेलना चाहा, लेकिन बॉल को दूरी नहीं मिली। तिलक वर्मा ने लॉन्ग ऑफ से दौड़ लगाते हुए आगे की तरफ डाइव लगाकर शानदार कैच लपका।

तिलक-सैमसन की सेंचुरी से भारत ने जीती सीरीज:टीम ने चौथे टी-20 में 283 रन बनाए, साउथ अफ्रीका को सबसे बड़ी हार थमाई; एनालिसिस

भारत ने साउथ अफ्रीका को चौथे टी-20 में 135 रन से हरा दिया। इसी के साथ टीम ने सीरीज भी 3-1 से जीत ली। जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। टीम ने तिलक वर्मा और संजू सैमसन की सेंचुरी के दम पर 283 रन बनाए। तिलक ने 120 और सैमसन ने 109 रन बनाए। 284 रन के टारगेट के सामने साउथ अफ्रीका ने 10 ही रन पर 4 विकेट गंवा दिए। ट्रिस्टन स्टब्स और डेविड मिलर ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन टीम 18.2 ओवर में 148 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। 135 रन की हार टी-20 में साथ अफ्रीका की सबसे बड़ी हार है। वह फोटो, जिसने मैच पलटा… 5 पॉइंट्स में मैच एनालिसिस 1. प्लेयर ऑफ द सीरीज टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने पावरप्ले में 73 रन बना दिए। अभिषेक शर्मा 36 रन बनाकर आउट हुए, उनके बाद तिलक वर्मा उतरे। जिन्होंने तेजी से बैटिंग की और 41 गेंद पर ही सेंचुरी लगा दी। तिलक ने 47 बॉल पर 9 चौके और 10 छक्के लगाकर 120 रन बनाए। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड मिला। 2. जीत के हीरो 3. फाइटर ऑफ द मैच साउथ अफ्रीका को दूसरा टी-20 जिताने वाले ट्रिस्टन स्टब्स चौथे मैच में भी फाइट दिखाते नजर आए। उन्होंने डेविड मिलर के साथ पांचवें विकेट के लिए 86 रन की पार्टनरशिप की। वह 29 गेंद पर 43 रन बनाकर आउट हुए, उनकी पारी में 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। उन्होंने सीरीज में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 113 रन भी बनाए। 4. टर्निंग पॉइंट भारत ने दूसरी पारी के पावरप्ले में ही मैच अपनी झोली में डाल लिया। अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या ने पावरप्ले के 6 ओवरों में 4 विकेट लिए और टीम को 30 ही रन बनाने दिए। पावरप्ले के बाद तो होम टीम चेज में बहुत ज्यादा ही पिछड़ गई। 5. मैच रिपोर्ट: भारत की विस्फोटक शुरुआत टीम इंडिया ने 5वें ओवर में ही अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। अभिषेक शर्मा ने एंडिले सिमेलाने के खिलाफ ओवर में 24 रन बटोरे। अभिषेक के विकेट के बाद सैमसन और तिलक ने तेजी से रन बनाए। दोनों ने 210 रन की रिकॉर्ड पार्टनरशिप की और स्कोर 283 तक पहुंचा दिया। पावरप्ले में ही बिखर गई होम टीम 284 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी प्रोटियाज टीम की शुरुआत खराब रही। टीम ने 3 ओवर में 10 रन के अंदर 4 विकेट गंवा दिए। रीजा हेंड्रिक्स और हेनरिक क्लासन खाता भी नहीं खोल सके। रायन रिकेलटन ने 1 और ऐडन मार्करम ने 8 रन बनाए। टीम ने पावरप्ले के 6 ओवरों में 30 रन बनाए। स्टब्स, मिलर और यानसन ने कुछ देर फाइट दिखाई, लेकिन दूसरे एंड से साथ नहीं मिल सका। टीम 18.2 ओवर में 148 रन ही बना सकी और मैच 135 रन के बड़े अंतर से गंवा दिया। भारत से अर्शदीप सिंह ने 3 विकेट लिए, 2-2 विकेट वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल को मिले। आखिर में सीरीज के टॉप परफॉर्मर…

रोहित शर्मा दूसरी बार पिता बने:पत्नी रितिका ने बेटे को जन्म दिया; ऑस्ट्रेलिया में पहला टेस्ट खेल सकते हैं भारतीय कप्तान

टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान रोहित शर्मा दूसरी बार पिता बन गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी पत्नी रितिका सजदेह ने 15 नवंबर को देर रात बेटे को जन्म दिया। हालांकि, रोहित या रितिका की ओर से अब तक इस बात को कन्फर्म नहीं किया गया है। रोहित ने अपने बच्चे के जन्म के लिए टीम इंडिया से ब्रेक लिया था। वह टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया भी नहीं पहुंचे। हालांकि, बेटे के जन्म के बाद माना जा रहा है कि वह 22 नंवबर को शुरू होने वाले पर्थ टेस्ट में खेल सकते हैं। 2015 में की थी शादी रोहित ने 13 दिसंबर 2015 को रितिका सजदेह से शादी की थी। 30 दिसंबर 2018 को रितिका ने बेटी समायरा को जन्म दिया। समायरा अब 5 साल की हो चुकी है और उन्हें भाई की खुशी भी मिल गई। केएल राहुल भी बनने वाले हैं पिता टीम इंडिया के बैटर केएल राहुल भी जल्द ही पिता बनने वाले हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्ट्रेस आथिया शेट्टी से पिछले साल जनवरी में शादी की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल जनवरी 2025 में पिता बन सकते हैं। इसी साल जनवरी में विराट कोहली भी दूसरी बार पिता बने थे। उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने बेटे अकाय को जन्म दिया। ऑस्ट्रेलिया जा सकते हैं रोहित रोहित ने दूसरे बच्चे के जन्म के लिए ही क्रिकेट से ब्रेक लिया था। उन्होंने सीरीज शुरू होने से पहले ही कह दिया था कि बच्चे के जन्म के चलते वह पहला या दूसरा टेस्ट मिस कर सकते हैं। अब बेटे के जन्म के बाद माना जा रहा है कि रोहित कुछ दिनों बाद ही ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएंगे। शमी भी जा सकते हैं ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेलने गई 18 सदस्यीय टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम नहीं है। वह स्क्वॉड अनाउंस होने से पहले तक फिटनेस साबित नहीं कर सके थे। हालांकि, उन्होंने 13 नवंबर से मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच खेला और दोनों पारियों में 5 विकेट भी लिए। उनकी फिटनेस में इम्प्रूवमेंट नजर आया है, जिस कारण वह भी ऑस्ट्रेलिया जा सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में 5 टेस्ट खेलेगी टीम इंडिया टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में 32 साल बाद 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने गई है। सीरीज का पहला मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा, टीम फिर 6 दिसंबर से एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट खेलेगी। सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट 3 जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को ऑस्ट्रेलिया में 4 टेस्ट जीतने ही होंगे।

झांसी मेडिकल कॉलेज में 10 नवजात जिंदा जले:NICU में भर्ती थे, 37 बच्चे खिड़की तोड़कर बाहर निकाले गए; योगी ने डिप्टी सीएम को भेजा

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शिशु वार्ड (SNCU) में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। जिसमें झुलस कर 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई। वार्ड की खिड़की तोड़कर अभी तक 10 शवों को निकाला जा चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मौके पर जिलाधिकारी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं। सेना का दमकल वाहन भी मौके पर पहुंच चुका है। अब तक करीब 37 बच्चों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। अंदर 50 से ज्यादा बच्चों के फंसे होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। सीएम योगी ने हादसे पर संज्ञान लिया। सीएम योगी ने कमिश्नर और DIG को 12 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संजय प्रसाद झांसी के लिए रवाना हो चुके हैं। डीएम समेत तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। घटना रात करीब साढ़े 10 बजे की है। पहले देखिए घटना की 4 तस्वीरें… डीएम ने कहा- अंदर फंसे बच्चों को नहीं बचाया जा सका
डीएम अविनाश कुमार ने कहा- बाहर की तरफ जो बच्चे थे, वो बचा लिए गए हैं। अंदर की तरफ जो बच्चे थे, वो काफी झुलस गए हैं। 10 बच्चों की मौत हो गई है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। जितने बच्चे घायल हैं, उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। घटना 10.30 बजे से 10.45 के बीच की है। एक जांच टीम बना दी गई है। जो इसकी रिपोर्ट देगी। कमिश्नर बोले- अंदर की तरफ से लगी आग
कमिश्नर विमल दुबे ने बताया कि अधिकांश बच्चों को बचा लिया गया है। एनआईसीयू वार्ड की दो यूनिट हैं, एक अंदर और दूसरी बाहर की तरफ। आग अंदर की ओर से लगी है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। कुछ देर तक समझ नहीं आया कि क्या हुआ। लेकिन अस्पताल कर्मचारियों ने जब एसएनसीयू वार्ड से धुंआ निकलते देखा तो वहां अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के कर्मचारी शिशु वार्ड की तरफ भागे। रोते-बिलखते बच्चों के परिजन भी उनके पीछे-पीछे भागे। हालांकि, आग की लपटों और धुएं की वजह से कोई वार्ड में नहीं घुस पाया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने खिड़की का शीशा तोड़कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। आग लगने के बाद भी नहीं बजा सेफ्टी अलार्म
दमकल कर्मी मुंह पर रुमाल बांधकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। वार्ड में आग लगने के बावजूद सेफ्टी अलार्म नहीं बजा। अगर समय से सेफ्टी अलार्म बज जाता तो इतनी बड़ी घटना होने से रोकी जा सकती थी। झांसी के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) सचिन माहोर ने कहा, ‘NICU वार्ड में 54 बच्चे भर्ती थे, अचानक से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लग गई, आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन आग तुरंत फैल गई थी। 10 बच्चों की अभी तक मृत्यु हो गई है, बाकी बच्चों का इलाज चल रहा है।’ डिप्टी सीएम झांसी के लिए रवाना
मेडिकल कॉलेज में आग लगने के बाद से चारो ओर अफरा-तफरी का माहौल है। परिजन रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं। कानपुर से बड़ी डॉक्टरों की बड़ी टीम को झांसी के लिए रवाना किया गया है। सीएम के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य भी झांसी के लिए रवाना हो चुके हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र के ज्यादातर लोग मेडिकल कॉलेज में डिलीवरी और इलाज के लिए आते हैं। कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए भारी मात्रा में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। अब पढ़िए परिजनों ने क्या कुछ बताया… परिजन बोले- डॉक्टर की कमी से बच्चे की मौत रोते-बिलखते एक बदहवास दंपती ने कहा- 9 तारीख से मेरा बच्चा भर्ती था, डॉक्टर की कमी से मेरे बच्चे की मौत हो गई। मेरा बच्चा यहीं जन्मा, जिसे ऑक्सीजन में रखा गया था। मेरा बच्चा नहीं मिला। कम से कम 50 बच्चे भर्ती थे, आधे बचे-आधे मर गए हैं। अचानक हल्ला मचा…बच्चा बचाओ, कोई कुछ बचा नहीं सका संतरा ने कहा- मेरे बेटे राज किशन सविता का बेटा हुआ था। वह वार्ड में भर्ती था। हम दवा लेने गए थे। तभी आग लग गई। हम उसे उठा नहीं पाए। सभी लोग चिल्लाने लगे आग लग गई, आग लग गई। हम अंदर नहीं जा पाए। हमारा बच्चा हमें नहीं मिल पाया है। डॉक्टर अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। आग लगने ही डॉक्टर भाग गए महोबा के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टर भाग गए। अगर ऐसा नहीं होता तो डॉक्टर या नर्स भी मरने चाहिए थे। 10-12 बच्चे हमें खुद जले हुए देखे। हम तो अस्पताल के ही बाहर थे, धुआं देखकर आग का पता चला। ये आग कैसे लगी, ये हमें नहीं पता। झांसी हादसे की 3 बड़ी लापरवाही ————————- हादसे से जुड़ी ये भी एक खबर पढ़ें: मऊ में हादसे के बाद बवाल और लाठीचार्ज:भीड़ ने अस्पताल पर पथराव किया, पुलिस जीप तोड़ी; सीओ-कोतवाल घायल मऊ के घोसी में शुक्रवार देर शाम बवाल हो गया। दो बाइकों की आपस में भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद दोनों बाइक सवार युवक एक-दूसरे को पीटने लगे। चाकू से हमला करते हुए एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। पुलिस ने बीच-बचाव कराते हुए दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया…(पढ़ें पूरी खबर)

झांसी मेडिकल कॉलेज में 10 नवजात जिंदा जले:SNCU में भर्ती थे, खिड़की तोड़कर बाहर निकाले 37 बच्चे; डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक रवाना

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शिशु वार्ड (एसएनसीयू) में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। जिसमें झुलस कर 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई। चाइल्ड वार्ड की खिड़की तोड़कर अभी तक 10 शवों को निकाला जा चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मौके पर जिलाधिकारी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं। सेना का दमकल वाहन भी मौके पर पहुंच चुका है। अब तक करीब 37 बच्चों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। अंदर 50 से ज्यादा बच्चों के फंसे होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। सीएम योगी ने हादसे पर संज्ञान लिया है। राहत बचाव कार्य के आदेश दिए हैं। डिप्टी सीएम झांसी के लिए रवाना हो गए हैं। डीएम समेत तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। घटना रात करीब साढ़े 10 बजे की है। पहले देखिए घटना की 4 तस्वीरें… डीएम ने कहा- अंदर फंसे बच्चों को नहीं बचाया जा सका
डीएम अविनाश कुमार ने कहा- बाहर की तरफ जो बच्चे थे, वो बचा लिए गए हैं। अंदर की तरफ जो बच्चे थे, वो काफी झुलस गए हैं। 10 बच्चों की मौत हो गई है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। जितने बच्चे घायल हैं, उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। घटना 10.30 बजे से 10.45 के बीच की है। एक जांच टीम बना दी गई है। जो इसकी रिपोर्ट देगी। कमिश्नर बोले- अंदर की तरफ से लगी आग
कमिश्नर विमल दुबे ने बताया कि अधिकांश बच्चों को बचा लिया गया है। एनआईसीयू वार्ड की दो यूनिट हैं, एक अंदर और दूसरी बाहर की तरफ। आग अंदर की ओर से लगी है। सिलेंडर ब्लास्ट के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। कुछ समय तक समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने जब एसएनसीयू वार्ड से धुंआ निकलते देखा तो वहां अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के कर्मचारी शिशु वार्ड की तरफ भागे। रोते-बिलखते बच्चों के परिजन भी उनके पीछे-पीछे भागे। हालांकि आग की लपटों और धुंआ की वजह से कोई वार्ड में नहीं घुस पाया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने खिड़की का शीशा तोड़कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। आग लगने के बाद भी नहीं बजा सेफ्टी अलार्म
दमकल कर्मी मुंह पर रुमाल बांधकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। चाइल्ड वार्ड में आग लगने के बावजूद सेफ्टी अलार्म नहीं बजा। अगर समय से सेफ्टी अलार्म बज जाता तो इतनी बड़ी घटना होने से रोकी जा सकती थी। डिप्टी सीएम झांसी के लिए रवाना
मेडिकल कॉलेज में आग लगने के बाद से चारो ओर अफरा-तफरी का माहौल है। परिजन रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं। कानपुर से बड़ी डॉक्टरों की बड़ी टीम को झांसी के लिए रवाना किया गया है। सीएम के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य भी झांसी के लिए रवाना हुए। बुंदेलखंड क्षेत्र के ज्यादातर लोग मेडिकल कॉलेज में डिलीवरी और इलाज के लिए आते हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए भारी मात्रा में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। खबर अपडेट की जा रही है…

भास्कर अपडेट्स:राजस्थान और गुजरात में भूकंप के झटके, 4.2 की रही तीव्रता

गुजरात और राजस्थान में शुक्रवार रात करीब 10.15 मिनट पर भूकंप के झटके लगे। गुजरात के मेहसाना में इसकी तीव्रता 4.2 रही। भूकंप जमीन के 10 किमी अंदर आया। इसका असर राजस्थान तक रहा। जोधपुर में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। आज की अन्य बड़ी खबरें… कोलकाता आरजी कर रेप-मर्डर केस में जांच जल्द पूरे करने की मांग, CPI (M) 21 नवंबर को CBI दफ्तर तक रैली निकालेगी कोलकाता के आरजी अस्पताल में महिला डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले की जांच जल्द से जल्द पूरा करने की मांग को लेकर CPI (M) 21 नवंबर को कोलकाता में मौजूद CBI कार्यालय तक मार्च निकालेगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच CBI को सौंपी थी। 21 नवंबर को जांच सौपे जाने को 100 दिन पूरे हो जाएंगे। सीबीआई इस मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जिसमें आरोपी संजय रॉय पर आरोप तय किए गए हैं। UNESCO ने ओडिशा के 24 गावों को ‘सुनामी रेडी’ का दर्जा दिया ओडिशा के 24 गांवों को UNESCO के ‘इंटरगवर्नमेंटल ओशनोग्राफिक कमीशन’ द्वारा ‘सुनामी रेडी’ यानी सुनामी के लिए तैयार रहने वाले गांव का दर्जा मिला है। इंडोनेशिया में 11 नवंबर को आयोजित दूसरे ग्लोबल सुनामी सिम्पोजियम कार्यक्रम के दौरान इन गांवों का ऐलान हुआ। ओडिशा के जिन गांवों के नाम की घोषणा की गई है, उनमें बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और गंजम जिले के गांव शामिल हैं। ओडिशा के दो गांवों नोलियासाही और वेंकटरायपुर को भी सुनामी रेडी का टैग मिला है। इन दो गांवों को साल 2020 में ही घोषित कर दिया गया था। ‘सुनामी रेडी’ क्या होता है- सुनामी रेडी एक इंटरनेशनल प्रोग्राम है, जिसका मकसद सुनामी से जुड़े खतरे को कम करना और समुदायों को सुनामी से निपटने के लिए तैयार करना है। झारखंड के देवघर में PM मोदी के प्लेन में तकनीकी खराबी, दिल्ली लौटने में देरी झारखंड के देवघर में PM नरेंद्र मोदी के प्लेन में गुरुवार को तकनीकी खराबी आ गई है। इस कारण उनके दिल्ली लौटने में देर हो रही है। मोदी का विमान देवघर एयरपोर्ट में ही खड़ा है। यहां से वे बिहार के जमुई गए थे। पीएम प्लेन में ही बैठकर उसके ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेष विमान भारतीय वायुसेना का है। PM के दिल्ली लौटने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें… श्रद्धा वालकर हत्याकांड का आरोपी लॉरेंस गैंग की हिट लिस्ट में, तिहाड़ में बंद आफताब की सुरक्षा बढ़ाई गई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि दिल्ली के चर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला का नाम लॉरेंस गैंग की हिट लिस्ट में है। ​तिहाड़ जेल में बंद आफताब की सुरक्षा और बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा सिद्दकी हत्याकांड में पकड़े गए शिव कुमार गौतम ने पुलिस के सामने कहा है कि वो आफताब को मारना चाहता है। ​​​​​​दरअसल, दिल्ली के महरौली इलाके में 18 मई 2022 को श्रद्धा के लिवइन पार्टनर आफताब पूनावाला ने उसकी गला घोटकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद उसने श्रद्धा की लाश को अलग-अलग टुकड़ों में काटकर ठिकाने लगा दिया था। गुजरात के पोरबंदर से 500 KG ड्रग्स जब्त, इसकी कीमत 700 करोड़ रुपए से ज्यादा इंडियन कोस्ट गॉर्ड और गुजरात एटीएस ने शुक्रवार को गुजरात के पोरबंदर तट से 500 किलो ड्रग्स जब्त की है। इसकी कीमत 700 करोड़ रुपए से ज्यादा होने का अनुमान है। टीम ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। फिलहाल बोट को पोरबंदर लाया जा रहा है। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी जाएगी। बिरसा मुंडा की 150 जयंति पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने श्रद्धांजलि दी, केंद्र आज जनजाति गौरव दिवस मना रहा है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘जनजाति गौरव दिवस’ के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की। अजित बोले- 2019 में BJP-NCP की सरकार बनाने से जुड़ी बैठक में मौजूद थे अडाणी; बाद में पलटे NCP प्रमुख अजित पवार ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि 2019 में बीजेपी-एनसीपी के गठबंधन की महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर बैठक हुई थी। इसमें अमित शाह, गौतम अडाणी, देवेंद्र फडणवीस और शरद पवार मौजूद थे। हालांकि, बाद में वह अपने बयान से पलट गए और कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। AAP के महेश कुमार खींची दिल्ली के नए मेयर चुने गए; भाजपा सिर्फ 3 वोट से हारी, 2022 में पहली बार BJP को हराया था आम आदमी पार्टी (AAP) के महेश कुमार खींची गुरुवार को दिल्ली के नए मेयर चुने गए। करोल बाग के देव नगर वार्ड से पार्षद खींची ने भाजपा के किशन लाल (शकूरपुर वार्ड) को तीन वोटों के मामूली अंतर से हरा दिया। कुल 265 वोटों में से खींची को 133 और लाल को 130 वोट मिले। वहीं, दो वोट अवैध घोषित कर दिए गए। खींची ने AAP की शैली ओबेरॉय का स्थान लेंगे। शैली ने 2023 में पद संभाला था। AAP दिसंबर, 2022 में MCD पर भाजपा के 15 साल का शासन समाप्त कर अपना मेयर बनाने में कामयाब रही थी।

श्रद्धा वालकर के हत्यारे की तिहाड़ में सिक्योरिटी बढ़ाई गई:बाबा सिद्दीकी के मर्डर के आरोपी का दावा- लॉरेंस गैंग की हिट लिस्ट में आफताब पूनावाला

बाबा सिद्दीकी मर्डर केस के मुख्य आरोपी शिव कुमार गौतम ने आफताब पूनावाला का नाम लिया है। आफताब वही है जिसने साल 2022 में दिल्ली के महरौली इलाके में अपनी प्रेमिका श्रद्धा वालकर की हत्या की थी और शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंके थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुंबई पुलिस की पूछताछ के दौरान शिव कुमार ने आफताब की हत्या की बात कही। उसने कहा- आफताब का नाम लॉरेंस गैंग की हिट लिस्ट में है। आफताब तिहाड़ जेल में बंद है। उसकी जेल में ही हत्या की प्लानिंग है। सूत्रों के मुताबिक जेल प्रशासन को अभी तक इस संबंध में मुंबई पुलिस से आधिकारिक खबर नहीं मिली है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में आए शिव कुमार के बयान के बाद से तिहाड़ की 4 नंबर जेल में बंद आफताब पूनावाला की सिक्योरिटी बढ़ा दी है। श्रद्धा वालकर की 18 मई 2022 को महरौली इलाके में आफताब ने हत्या कर दी थी। उसके शरीर के अंगों को छतरपुर पहाड़ी इलाके के जंगल में फेंक दिया गया था। उसे नवंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने आफताब के खिलाफ हत्या और सबूत गायब करने के लिए धारा 302 और 201 (IPC) के तहत आरोप तय किए थे, जिसने खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे का दावा किया था। जुलाई में हुई आफताब की याचिका खारिज
इसी साल 23 जुलाई को दिल्ली की साकेत जिला कोर्ट ने आफताब की याचिका खारिज की थी। आफताब ने मांग की थी कि उसके वकील को ज्यादा समय दिया जाए, महीने में केवल दो सुनवाई हों। ऐसा इसलिए कि वकील आफताब की बचाने के लिए ज्यादा तैयारी कर सके। अदालत ने कहा था- आरोपी जानबूझकर मुकदमे में देरी करने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट ने कहा था कि जून 2023 तक इस केस के 212 गवाहों में से केवल 134 की ही जांच की गई है। इसलिए मुकदमे को तेजी से समाप्त करने के लिए लगातार तारीखों की आवश्यकता है। बाबा सिद्दीकी का शूटर 30 मिनट अस्पताल के पास रहा, मौत की पुष्टि होने तक इंतजार किया था एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के शूटर ने मौत की पुष्टि तक अस्पताल के पास इंतजार किया। शूटर ने पुलिस को बताया कि फायरिंग के बाद उसने तुरंत अपनी शर्ट बदल ली और करीब आधे घंटे तक भीड़ के बीच अस्पताल के बाहर खड़ा रहा। वह यह जानने के लिए खड़ा रहा कि सिद्दीकी की मौत हो गई या वे हमले में बच गए। जैसे ही उसे यह पता चला कि सिद्दीकी की हालत बहुत गंभीर है, वह वहां से चला गया। पूरी खबर पढ़ें…