दिल्ली में प्रदूषण गुरुवार को बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। यहां 39 पॉल्यूशन मॉनिटरिंग स्टेशंस में से 32 ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को गंभीर बताया है। इस हवा में सांस लेना भी मुश्किल होता है। यहां सभी प्राइमरी (5वीं क्लास तक) स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। बच्चे ऑनलाइन क्लास में पढ़ेंगे। एयर कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने NCR यानी हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आने वाली बसों के दिल्ली आने रोक लगा दी है। CNG और इलेक्ट्रिक व्हीकल के साथ BS-4 डीजल बसों को इससे छूट दी गई है। दिल्ली में प्रदूषण और धुंध की 6 तस्वीरें इस बीच, अमेरिकी साइंटिस्ट हीरेन जेठवा ने 14 नवंबर को दिल्ली की सैटेलाइट इमेज शेयर की हैं। इसमें दिल्ली में घना स्मॉग दिखाई दे रहा है। हीरेन अमेरिका की मॉर्गन स्टेट यूनिवर्सिटी में एरोसोल रिमोट सेंसिंग साइंटिस्ट हैं। हीरेन की फोटोज NASA ने भी शेयर की हैं। दिल्ली-NCR में तोड़फोड़ पर रोक, डीजल गाड़ियों पर पाबंदी आगे क्या: UP, पंजाब, हिमाचल में रहेगा बहुत घना कोहरा
पंजाब-चंडीगढ़ में धुंध का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में दो दिन घने कोहरे का अलर्ट है। UP और पंजाब में 15 नवंबर तक, हिमाचल में 18 नवंबर तक रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाएगा। हरियाणा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड में 16 नवंबर तक धुंध छाने का अनुमान है। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने ग्रेडेड एक्शन प्लान लागू
राजधानी में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए प्रदूषण के स्तर को 4 कैटेगरी में बांटकर देखा गया है। हर स्तर के लिए लिए पैमाने और उपाय तय हैं। इसे ग्रेडेड एक्शन प्लान यानी GRAP कहते हैं। इसकी 4 कैटेगरी के तहत सरकार पाबंदियां लगाती है और प्रदूषण कम करने के उपाय जारी करती है। दिल्ली सरकार ने कहा था- प्रतिबंध नहीं लगाएंगे
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने गुरुवार सुबह ही कहा था, ‘GRAP-3 के प्रतिबंध लागू नहीं किए जाएंगे।’ इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आतिशी सरकार की निष्क्रियता के कारण प्रदूषण की स्थिति दिल्ली के आसपास के इलाकों से भी बदतर हो गई है। राजपथ जैसे इलाकों में भी AQI 450 से ज्यादा है। उन्होंने कहा- दिल्ली के लोग चाहते हैं कि गोपाल राय अपना पद छोड़ दें। इस पर गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली की खराब एयर क्वालिटी में 35% योगदान भाजपा शासित हरियाणा और उत्तर प्रदेश के NCR में आने वाले जिलों का है। दिल्ली में 14 अक्टूबर को GRAP-1 लागू किया गया था
दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 200 पार होने के बाद 14 अक्टूबर को दिल्ली NCR में GRAP-1 लागू कर दिया गया था। इसके तहत होटलों और रेस्तरां में कोयला और जलाऊ लकड़ी के उपयोग पर बैन है। कमीशन ऑफ एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट ने एजेंसियों को पुराने पेट्रोल और डीजल गाड़ियों (BS -III पेट्रोल और BS-IV डीजल) के संचालन पर सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं। आयोग ने एजेंसियों से सड़क बनाने, रेनोवेशन प्रोजेक्ट और मेन्टेनेन्स एक्टिविटीज में एंटी-स्मॉग गन, पानी का छिड़काव और डस्ट रिपेलेंट तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने के लिए भी कहा है। AQI क्या है और इसका हाई लेवल खतरा क्यों
AQI एक तरह का थर्मामीटर है। बस ये तापमान की जगह प्रदूषण मापने का काम करता है। इस पैमाने के जरिए हवा में मौजूद CO (कार्बन डाइऑक्साइड ), OZONE, (ओजोन) NO2 (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) , PM 2.5 (पार्टिकुलेट मैटर) और PM 10 पोल्यूटेंट्स की मात्रा चेक की जाती है और उसे शून्य से लेकर 500 तक रीडिंग में दर्शाया जाता है। हवा में पॉल्यूटेंट्स की मात्रा जितनी ज्यादा होगी, AQI का स्तर उतना ज्यादा होगा। और जितना ज्यादा AQI, उतनी खतरनाक हवा। वैसे तो 200 से 300 के बीच AQI भी खराब माना जाता है, लेकिन अभी हालात ये हैं कि राजस्थान, हरियाणा दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ये 300 के ऊपर जा चुका है। ये बढ़ता AQI सिर्फ एक नंबर नहीं है। ये आने वाली बीमारियों के खतरे का संकेत भी है। क्या होता है PM, कैसे नापा जाता है
PM का अर्थ होता है पर्टिकुलेट मैटर। हवा में जो बेहद छोटे कण यानी पर्टिकुलेट मैटर की पहचान उनके आकार से होती है। 2.5 उसी पर्टिकुलेट मैटर का साइज है, जिसे माइक्रोन में मापा जाता है। इसका मुख्य कारण धुआं है, जहां भी कुछ जलाया जा रहा है तो समझ लीजिए कि वहां से PM2.5 का प्रोडक्शन हो रहा है। इंसान के सिर के बाल की अगले सिरे की साइज 50 से 60 माइक्रोन के बीच होता है। ये उससे भी छोटे 2.5 के होते हैं। मतलब साफ है कि इन्हें खुली आंखों से भी नहीं देखा जा सकता। एयर क्वालिटी अच्छी है या नहीं, ये मापने के लिए PM2.5 और PM10 का लेवल देखा जाता है। हवा में PM2.5 की संख्या 60 और PM10 की संख्या 100 से कम है, मतलब एयर क्वालिटी ठीक है। गैसोलीन, ऑयल, डीजल और लकड़ी जलाने से सबसे ज्यादा PM2.5 पैदा होते हैं। मौसम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… दावा- दिल्ली में 69% परिवार प्रदूषण से प्रभावित NDTV के मुताबिक, प्राइवेट एजेंसी लोकल सर्कल के सर्वे में दावा किया गया कि दिल्ली-NCR में 69% परिवार प्रदूषण से प्रभावित हैं। 1 नवंबर को जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली-NCR में 62% परिवारों में से कम से कम 1 सदस्य की आंखों में जलन है। 46% फैमिली में किसी न किसी मेंबर को जुकाम या सांस लेने में तकलीफ (नेजल कंजेशन) और 31% परिवार में एक सदस्य अस्थमा की परेशानी है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब-चंडीगढ़ में धुंध का अलर्ट, बारिश की संभावना:तापमान में गिरावट जारी; चंडीगढ़ में 400 पहुंचा AQI पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद से ही चंडीगढ़ और पंजाब के तापमान में बदलाव देखने को मिल रहा है। अधिकतम के साथ-साथ दिन के न्यूनतम तापमान में भी अब गिरावट देखने को मिल रही है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर पैदा हुए साइक्लोन का असर पंजाब पर भी पड़ रहा है। पूरा पंजाब व चंडीगढ़ धुंध की चपेट में है। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान में दो दिन घने कोहरे का अलर्ट:17 नवंबर से सर्दी तेज होने के आसार; माउंट आबू में पारा 10 डिग्री से नीचे उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण राजस्थान में सर्दी बढ़ गई है। श्रीगंगानगर में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार सुबह घना कोहरा रहा। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और चूरू में दो दिन घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 17 नवंबर के बाद से राजस्थान में सर्दी तेज होने की संभावना जताई है। पूरी खबर पढ़ें… हवाओं के रुख से बढ़ी एमपी में सर्दी:पचमढ़ी में टेम्प्रेचर 8.8° पहुंचा; भोपाल, इंदौर-जबलपुर में भी पारा लुढ़का हवाओं के रुख ने मध्यप्रदेश में सर्दी बढ़ा दी है। पचमढ़ी में रात का टेम्प्रेचर 8.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत प्रदेश के कई शहरों में पारा लुढ़क गया है। अमरकंटक, मंडला और शहडोल में भी तापमान 11 डिग्री के आसपास आ गया है। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन मौसम ड्राई:सरगुजा संभाग में गिरने लगा तापमान, 12 डिग्री के साथ अंबिकापुर सबसे ठंडा छत्तीसगढ़ में अगले तीन से चार दिन मौसम ड्राई रहेगा। कल से रात के तापमान में हल्की गिरावट का दौर शुरू हो सकता है। गुरुवार को सबसे ठंडा अंबिकापुर रहा, यहां न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री रहा। सुकमा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली में हवा बेहद जहरीली, 5वीं तक स्कूल बंद:हरियाणा, UP और राजस्थान की बसों पर रोक; अमेरिकी सैटेलाइट से भी दिखा प्रदूषण
राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को झारखंड के गोड्डा में रोका:डेढ़ घंटे के बाद मिली उड़ान भरने की अनुमति, कांग्रेस बोली- ये बर्दाश्त नहीं
झारखंड के गोड्डा में चुनावी सभा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर डेढ़ घंटे तक रुका रहा।बताया जा रहा है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल ( ATC) से गोड्डा के बेलबड्डा से हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली थी। पूरी घटना के दौरान राहुल गांधी हेलिकॉप्टर में ही बैठे रहे और मोबाइल देखते रहे। कांग्रेस ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है। महगामा क्षेत्र से विधायक और कांग्रेस कैंडिडेट दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि हेलिकॉप्टर को सिर्फ इसलिए रोका गया कि प्रधानमंत्री देवघर में हैं। राहुल गांधी को उस क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई। प्रोटोकॉल है, जिसे हम समझते हैं लेकिन कांग्रेस ने 70 वर्षों तक देश पर शासन किया और किसी भी विपक्षी नेता के साथ ऐसी घटना कभी नहीं हुई। यह स्वीकार्य नहीं है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के जमुई से सभा कर देवघर एयरपोर्ट आने वाले हैं, इस कारण राहुल के हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली थी। कांग्रेस नेता को गोड्डा से बोकारो के बेरमो जाना है, जहां उनकी चुनावी सभा है। हेलिपैड के आसपास राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात कर्मचारी भी खड़े हुए हैं। इससे पहले महगामा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने कहा- मुंबई के धारावी की जमीन एक लाख करोड़ रुपए की है। इसको महाराष्ट्र सरकार और नरेंद्र मोदी, गौतम अडाणी को देना चाह रहे हैं। वहां हमारी सरकार थी, ऐसा नहीं हो पा रहा था तो उन्होंने सरकार गिरा दी। राहुल गांधी का 20 मिनट का भाषण 6 पॉइंट्स में… 1. मोदी जी ने संविधान नहीं पढ़ा राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी कहते हैं कि राहुल गांधी लाल किताब दिखा रहा है। मैं कहता हूं कि इसका रंग जरूरी नहीं है। इसमें जो लिखा है, वह जरूरी है। इसे आपने जिंदगी भर नहीं पढ़ा है। आप इसे एक बार खोल लेते तो देश में हिंसा फैलाने का काम नहीं करते। आप ऐसा इसलिए करते हो क्योंकि आपने यह नहीं पढ़ा। 2. मोदी क्या, दुनिया की कोई ताकत नहीं हटा सकती संविधान राहुल बोले- देश में बंद कमरे में नफरत फैलाने का काम BJP-RSS के लोग करते हैं। संविधान को नरेंद्र मोदी, क्या दुनिया की कोई ताकत नहीं मिटा सकती है। अगर मिटाना है तो सामने आइए, फिर पता चलेगा कि जनता क्या करती है। 3. हम किसी से नहीं डरते उन्होंने कहा- हम नरेंद्र मोदी से नहीं डरते हैं। हम 56 इंच की छाती और मन की बात से भी नहीं डरते। इंडिया गठबंधन संविधान की रक्षा कर रहा है। संविधान में अंबेडकर, गांधी और बिरसा मुंडा की सोच है। यह हिंदुस्तान की जनता की आत्मा है। 4. मन की बात कर अंबानी की शादी में जाते हैं राहुल गांधी बोले- नरेंद्र मोदी अरबपतियों की कठपुतली हैं। वह वही करते हैं जो अरबपति कहते हैं। मोदी जी पहले मन की बात सुनाते हैं। फिर अंबानी की शादी में चले जाएंगे। खाना खाएंगे, नाच गाना सुनेंगे। 5. पैसा आपका है, अडाणी का नहीं कांग्रेस नेता ने कहा- आप जितनी जीएसटी देते हैं उतना ही अडाणी भी देते हैं। पांच हजार कमाने वाला 18 फीसदी जीएसटी दे रहा, अडाणी भी उतना ही देगा। जीएसटी दिल्ली सरकार को जाती है। यह आपका पैसा है, अडाणी का नहीं है। 6. झारखंड और दिल्ली में होगी जाति जनगणना
राहुल गांधी ने कहा- पहले झारखंड में, फिर दिल्ली में जाति जनगणना होगी। देश में पिछड़े की आबादी की बात करें तो यह कम से कम 50 फीसदी है। यह बात कोई जानता नहीं है, क्योंकि जाति जनगणना नहीं हुई है। नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं पिछड़े वर्ग की इज्जत करता हूं और भूखा मार देते हैं। करोड़ों रुपए बिजनेसमैन को दे देते हैं। झारखंड में दूसरे फेज में 38 सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग होनी है। —————————————————————– ये भी पढ़ेंः राहुल बोले-प्रधानमंत्री को मेरी बातें देश तोड़ने वाली लगती हैं:देश में इस समय दो विचारधाराएं, हम संविधान के रक्षक तो वे खत्म करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 8 नवंबर को सिमडेगा से कहा था- हम आदिवासियों, दलितों और पिछड़े की हक की बात करते हैं। इस पर मोदी जी कहते हैं कि राहुल गांधी देश तोड़ने वाली बात करता है। इस समय देश में दो विचारधाराएं हैं। हम संविधान की रक्षा कर रहे हैं, जबकि वे खत्म करना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने लोहरदगा में भी जनसभा की। पढ़ें पूरी खबर…
फडणवीस बोले-अजित पवार दशकों तक हिंदू विरोधियों के साथ रहे:’बंटेंगे तो कटेंगे’ नारे में कुछ भी गलत नहीं, उन्हें समझने में थोड़ा वक्त लगेगा
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बीच डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उद्धव ठाकरे के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हो चुके हैं। महाराष्ट्र में पार्टी भविष्य में उनके साथ नहीं जाएगी। शिंदे को CM बनाने की जानकारी मुझे पहले से थी। मैं मुख्यमंत्री या अध्यक्ष किसी भी रेस में नहीं हूं। फडणवीस ने न्यू एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि NCP (SP) चीफ शरद पवार परिवार और पार्टी तोड़ने के मामले में महारथी हैं। NCP और शिवसेना अपनी अति महत्वाकांक्षाओं के कारण टूटीं। उद्धव CM बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने हमसे नाता तोड़ लिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे आदित्य ठाकरे को आगे लाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने एकनाथ शिंदे को सफोकेट करने की कोशिश की। उन्होंने बंटेंगे तो कटेंगे नारे का महायुति और भाजपा में हो रहे विरोध पर कहा- मुझे योगी जी के नारे में कुछ भी गलत नहीं लगता। इस देश का इतिहास देख लीजिए, जब-जब इस देश को जातियों, प्रांतों और समुदायों में बांटा गया, यह देश गुलाम हुआ है। फडणवीस के इंटरव्यू की प्रमुख बातें… सवाल: महायुति के सत्ता में आने पर क्या आप मुख्यमंत्री होंगे?
जवाब: न तो मैं मुख्यमंत्री की दौड़ में हूं, न ही मैं अध्यक्ष की दौड़ में हूं। मैं ऐसी किसी दौड़ में नहीं हूं। भाजपा मेरा घर है, जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां। देवेंद्र फडणवीस ऐसा नट है जो कहीं भी फिट होता है, जहां भी पार्टी इस नट को फिट कर दे यह वहां फिट हो जाएगा। फडणवीस ने कहा, ‘हमें पूरा भरोसा है कि हम अपनी सरकार बनाएंगे। जैसे ही नतीजे आएंगे, तीनों पार्टियां एक साथ बैठेंगी और तय करेंगी कि मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए। मैं इस प्रक्रिया में नहीं हूं। मैं अपनी पार्टी में एक क्षेत्रीय नेता हूं, यह सब राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे।’ सवाल: शिंदे को CM बनाया गया, आप क्यों नहीं बनें?
जवाब: मुझे पहले दिन से पता था कि हम शिंदे जी को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। हम यह दिखाना चाहते थे कि उद्धव जी के साथ जो हुआ, वह सत्ता के लिए नहीं था। उस समय मैंने पार्टी से कहा था कि अगर मैं इस सरकार में शामिल होऊंगा तो लोग सोचेंगे कि यह आदमी पदों का इतना लालची है कि 5 साल मुख्यमंत्री रहा और वापस किसी और पद पर जा रहा है। मेरी पार्टी भी सहमत थी, लेकिन बाद में जब शपथ ग्रहण समारोह का समय आया तो मेरे नेताओं ने मुझसे कहा कि अभी यह बहुत नाजुक सरकार है और ऐसे समय में एक अनुभवी व्यक्ति का सरकार में होना बहुत जरूरी है। इसलिए मैंने इसे अपना सम्मान समझा और सरकार में चला गया। सवाल: क्या शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे के लिए महायुति का दरवाजा बंद हो चुका है?
जवाब: निश्चित ही बंद हो गया है और इसकी जरूरत भी नहीं पड़ने वाली है। 2019 के चुनाव ने मुझे ये सिखाया है कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है। अब आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लोग इस बार महायुति को निर्णायक बहुमत देंगे। सवाल : राज ठाकरे आपको मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं?
जवाब : राज ठाकरे हमारे मित्र भी हैं और वैचारिक रूप से जब से उन्होंने हिंदुत्व स्वीकारा है तब से वे हमारे करीब भी आए हैं। लोकसभा के चुनाव में बिना किसी शर्त के उन्होंने PM मोदी को एक प्रकार से समर्थन दिया। जहां तक उनकी शुभकामनाओं का सवाल है निश्चित रूप से मैं उनको धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने कोई अच्छी बात मेरे लिए कही। हालांकि वे जो कह रहे हैं वो सही नहीं है। सही ये है कि हमारे तीन नेता मिलकर ही तय करेंगे कि कौन मुख्यमंत्री होगा। सवाल: NCP और शिवसेना को तोड़ने का आरोप भाजपा पर लग रहा है?
जवाब: मुझे नहीं लगता कि इसका कोई असर होगा। अगर महाराष्ट्र में परिवार तोड़ने, जोड़ने, पार्टियों को तोड़ने, जोड़ने और फिर तोड़ने में कोई महारथी है तो वह शरद पवार हैं। अगर हम लिस्ट बनाएं कि 1978 से उन्होंने कितनी पार्टियों और परिवारों को तोड़ा है, तो उन्हें पार्टियों और परिवारों को तोड़ने का भीष्म पितामह कहना होगा। ये जो दो पार्टियां टूटीं उन्होंने नैरेटिव बनाने की कोशिश की कि भाजपा ने पार्टी तोड़ी पर लोगों को सच पता है। पार्टियां अपनी अति महत्वाकांक्षाओं के कारण टूटीं, उद्धव जी मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने हमसे नाता तोड़ लिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे आदित्य ठाकरे को आगे लाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने एकनाथ शिंदे को सफोकेट करने की कोशिश की। दूसरी तरफ शरद पवार जी ने 30 साल से पार्टी का नेतृत्व कर रहे अजित पवार को विलेन बना दिया, क्योंकि वे सुप्रिया ताई को नेतृत्व देना चाहते थे। अजित पवार के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। यह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के कारण हुआ।” सवाल: उलेमा बोर्ड ने कांग्रेस, NCP और उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर समर्थन देने की घोषणा की है?
जवाब: महा विकास अघाड़ी ने मुस्लिम उलेमाओं के तलवे चाटने शुरू कर दिए हैं। अभी उलेमा काउंसिल ने उन्हें अपना समर्थन देने की घोषणा की है, उन्होंने 17 मांगें रखी थीं और MVA ने औपचारिक पत्र दिया है कि हम उन 17 मांगों को स्वीकार करते हैं। मुझे उस पर कोई आपत्ति नहीं है, अगर कोई कोई मांग रखता है, अगर कोई कोई मांग मानता है। उनमें से एक मांग यह है कि 2012 से 2024 तक महाराष्ट्र में हुए दंगों के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों पर जो मामले दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लिया जाए। यह किस तरह की राजनीति है? सवाल: क्या अडाणी ग्रुप को लेकर महायुति में मतभेद है?
जवाब: शिवसेना (UBT) की हमेशा से नीति रही है कि सत्ता से बाहर रहो तो विरोध करो और जब सत्ता में आओ तो उसका समर्थन करो। उन्होंने विरोध किया और महाराष्ट्र में बनने वाली सबसे बड़ी रिफाइनरी को रद्द करवा दिया और जब वे मुख्यमंत्री बन गए तो उन्होंने यहां रिफाइनरी बनाने के लिए पत्र लिखा। इस धारावी प्रोजेक्ट में मैंने टेंडर जारी किया, जिस समय मैंने टेंडर अलॉट किया, उस समय अडाणी जी नहीं थे, लेकिन उस टेंडर को रद्द करने के बाद नए टेंडर की सारी शर्तें उद्धव ठाकरे ने तैयार की, उनकी कैबिनेट ने उसे मंजूरी दी। उन शर्तों के आधार पर टेंडर बनाया गया और अडाणी उसमें सफल बिडर बने, इसलिए टेंडर उनके पास चला गया, हालांकि यह टेंडर अडाणी कंपनी को नहीं मिला है, यह DRP को दिया गया है जिसमें हमारी हिस्सेदारी है। DRP में महाराष्ट्र सरकार एक हिस्सेदार है और DRP ही सब कुछ कर रही है। इसलिए वे जो कह रहे हैं कि यह अडाणी को दिया गया, यह गलत है… मैं पूरे दावे से कहता हूं कि अगर उनके समय में भी अडाणी टेंडर में सफल बिडर होते तो क्या वे टेंडर नहीं देते, क्या उनकी अडाणी के साथ बैठकें नहीं होतीं?” महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… राहुल बोले- मोदी ने संविधान नहीं पढ़ा:देश में 8% आदिवासी लेकिन संसाधनों में सिर्फ 1% हिस्सेदारी राहुल ने 14 नवंबर को महाराष्ट्र के नंदुरबार में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कभी संविधान पढ़ा नहीं है, इसलिए उन्हें लगता है कि संविधान की लाल किताब खाली है। उन्होंने कहा- भाजपा को किताब का लाल रंग पसंद नहीं, लेकिन हमें इसकी परवाह नहीं कि रंग लाल है या नीला। हम इसे (संविधान) बचाने के लिए अपनी जान भी देने को तैयार हैं। पूरी खबर पढ़ें… मोदी बोले- एक तरफ संभाजी महाराज को मानने वाले देशभक्त, दूसरी तरफ उनके कातिल को मसीहा मानने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 नवंबर को छत्रपति संभाजीनगर में कहा- महाराष्ट्र का ये चुनाव सिर्फ नई सरकार चुनने का ही चुनाव नहीं है। इस चुनाव में एक तरफ संभाजी महाराज को मानने वाले देशभक्त हैं और दूसरी ओर औरंगजेब के गुणगान करने वाले लोग हैं। कुछ लोगों को छत्रपति संभाजी के कातिलों में मसीहा नजर आता है। पूरी खबर पढ़ें…
झारखंड में मोदी के प्लेन में तकनीकी खराबी:ढाई घंटे विमान में ही रहे, दूसरे प्लेन से दिल्ली रवाना; राहुल गोड्डा में डेढ़ घंटे फंसे रहे
झारखंड के देवघर में शुक्रवार को PM मोदी के प्लेन में तकनीकी खराबी आ गई। वे दोपहर 2:20 बजे विमान में सवार हो गए थे, लेकिन वह उड़ान नहीं भर पाया। इसके बाद दिल्ली से उनके लिए स्पेशल प्लेन भेजा गया। इसके बाद शाम 4.55 बजे दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एसपीजी ने उन्हें एयरपोर्ट के लॉन्ज तक जाने की परमिशन नहीं दी। मोदी सुबह प्लेन से देवघर आए थे। यहां से वे बिहार के जमुई जनजातीय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गए। वापसी में उन्हें देवघर से ही दिल्ली जाना था, लेकिन प्लेन में खराबी आ गई थी। दिल्ली से भेजा प्लेन
पीएम के एयरपोर्ट पर रहने के दौरान बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। सीनियर पायलट ने जैसे ही तकनीकी खराबी की जानकारी दी, तो पीएमओ ने को-ऑर्डिनेट किया और दिल्ली से वायुसेना का विमान देवघर रवाना कर दिया था। गोड्डा में राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर भी डेढ़ घंटे तक फंसा झारखंड के गोड्डा में राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को एयर ट्रैफिक कंट्रोल ( ATC) की क्लियरेंस नहीं मिलने से डेढ़ घंटे तक हैलिपेड पर इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस नेता शुक्रवार को महगामा में चुनावी सभा करने पहुंचे थे। उन्हें गोड्डा से बोकारो जिले के बेरमो में जाना था। बाद में हंगामे के करीब डेढ़ घंटे बाद उड़ान भरने की अनुमति मिली। पढ़ें पूरी खबर… इनपुटः विजय सिन्हा ———————————
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जमुई में PM के सामने नीतीश बोले-अब कहीं नहीं जाऊंगा:प्रधानमंत्री ने 6 हजार 640 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की, झाल और नगाड़ा बजाया पीएम नरेंद्र मोदी तीन दिन में दूसरी बार बिहार आए। जमुई के बल्लोपुर में शुक्रवार को वो भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। पीएम ने बिरसा मुंडा के नाम पर 150 रुपए का सिक्का और 5 रुपए का स्मारक डाक टिकट जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर…
बॉम्बे हाईकोर्ट बोला-नाबालिग पत्नी से सहमति से संबंध बनाना रेप:10 साल की सजा बरकरार; ट्रायल कोर्ट ने भी दोषी माना था
बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर बेंच ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध को रेप माना जाएगा। व्यक्ति के खिलाफ रेप का मामला भी दर्ज किया जा सकता है। कोर्ट ने नाबालिग पत्नी के साथ रेप के आरोपी एक व्यक्ति की 10 साल की सजा को बरकरार रखा। अदालत ने कहा नाबालिग पत्नी के साथ सहमति से शारीरिक संबंध भी कानून के तहत बलात्कार ही माना जाएगा। अपीलकर्ता को 2019 में ट्रायल कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी ठहराया था। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में अपील की थी। कोर्ट बोला- नाबालिग से सेक्स करना रेप, 2 पॉइंट हाईकोर्ट बोला- आरोपी ही बच्चे का पिता जस्टिस सनप ने फैसले में ये भी कहा कि अभियोजन पक्ष ने साबित कर दिया कि अपराध के समय पीड़ित की उम्र 18 साल से कम थी। डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि आरोपी और पीड़ित ही बच्चे के जैविक माता-पिता हैं। जस्टिस सनप ने अपील खारिज करते हुए कहा, साक्ष्यों की दोबारा जांच करने के बाद मुझे यह समझ में आता है कि ट्रायल जज ने कोई गलती नहीं की। उनका फैसला सही है। मुझे उसे नकारने या उन पर विश्वास न करने का कोई कारण नहीं दिखता। क्या था पूरा मामला 9 सितंबर 2021 को वर्धा जिले के ट्रायल कोर्ट ने एक युवक को POCSO एक्ट के तहत दोषी पाया था। इसके बाद युवक ने हाइकोर्ट में अपील की। अपीलकर्ता को नाबालिग लड़की की शिकायत के बाद 25 मई 2019 को गिरफ्तार किया गया था। उस समय लड़की 31 हफ्ते की गर्भवती थी। पीड़ित का कहना था कि दोनों के बीच अफेयर था और अपीलकर्ता ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और शादी का झूठा वादा कर इसे जारी रखा। प्रेग्नेंट होने के बाद पीड़ित ने शख्स से शादी करने के लिए कहा। हालांकि, इसके बाद युवक ने एक घर किराए पर लिया और पड़ोसियों की मौजूदगी में नकली शादी की और विश्वास दिलाया कि वह उसकी पत्नी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद युवक ने पीड़ित पर अबॉर्शन के लिए दबाव बनाया। जब उसने मना कर दिया तो उसके साथ मारपीट की। इसके बाद पीड़ित अपने माता-पिता के घर चली गई। वहां भी आरोपी ने हंगामा किया और मारपीट की। तब पीड़ित को अहसास हुआ कि शादी का केवल दिखावा करके युवक ने उसका शोषण किया है। यहां तक कि वह बच्चे का पिता होने से भी इनकार कर रहा था। युवक ने पीड़ित पर किसी अन्य व्यक्ति से बच्चा पैदा करने का आरोप लगाया। ट्रायल कोर्ट में क्रॉस एग्जामिनेशन में पीड़ित ने स्वीकार किया कि उसने बाल कल्याण समिति में शिकायत की थी। साथ ही तस्वीरों के हवाले से अधिकारियों को बताया था कि युवक उसका पति है। इसी आधार पर युवक ने कहा था कि यौन संबंध आपसी सहमति से बने थे। …………….. कोर्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें … मैरिटल रेप पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:याचिकाकर्ता बोले- पति को सिर्फ इसलिए छूट न मिले क्योंकि पीड़ित पत्नी है; ना का मतलब न होता है सुप्रीम कोर्ट में मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने से जुड़ी याचिकाओं पर 17 अक्टूबर को 3 घंटे सुनवाई हुई थी। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने मामले की सुनवाई की थी। एडवोकेट करुणा नंदी ने कहा था, पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाने में पति को सिर्फ इसलिए छूट मिल रही, क्योंकि पीड़ित पत्नी है। यह जनता बनाम पितृसत्ता की लड़ाई है, इसलिए हम अदालत में आए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
अमित शाह के हेलिकॉप्टर की चेकिंग हुई:महाराष्ट्र में EC ने बैग की जांच की; गृह मंत्री बोले- BJP का निष्पक्ष चुनाव में विश्वास
गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को महाराष्ट्र के हिंगोली में चुनाव प्रचार के लिए आए थे। इस दौरान चुनाव आयोग (EC) के अधिकारियों ने हेलिकॉप्टर में रखे बैग और बाकी सामान की जांच की। अधिकारियों ने इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई। शाह ने अपने हेलिकॉप्टर की जांच की जानकारी X पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा- ‘आज महाराष्ट्र के हिंगोली विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मेरे हेलिकॉप्टर की जांच की। भाजपा निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ चुनाव प्रणाली में विश्वास करती है। साथ ही माननीय चुनाव आयोग के बनाए गए सभी नियमों का पालन करती है।’ उन्होंने लिखा- हम सभी को एक स्वस्थ चुनाव प्रणाली में योगदान देना चाहिए और भारत को दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र बनाए रखने में अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। 12 नवंबर को उद्धव के बैग की जांच हुई, बोले- मोदी-शाह का बैग चेक करो, वहां पूंछ मत झुकाना चुनाव आयोग के अधिकारियों ने 11 नवंबर को यवतमाल और 12 नवंबर को उस्मानाबाद में उद्धव ठाकरे का बैग चेक किया था। उद्धव ठाकरे ने कहा था- पिछली बार जब पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली गई थी, तब ओडिशा में एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था। आपने मेरे बैग की जांच की, कोई बात नहीं, लेकिन मोदी और शाह के बैग की भी जांच होनी चाहिए। उद्धव ने अधिकारियों के बैग चेक करने का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर किया था। उन्होंने कहा था- मेरा बैग चेक कर लीजिए। चाहे तो मेरा यूरिन पॉट भी चेक कर लीजिए, लेकिन अब मुझे मोदी के बैग चेक करते हुए भी आप लोगों का वीडियो चाहिए। वहां आप अपनी पूंछ मत झुका देना। यह वीडियो मैं रिलीज कर रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें… चुनाव के बीच देश के 9 बड़े नेताओं की जांच हो चुकी
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच चुनाव आयोग देश के 9 बड़े नेताओं की जांच कर चुका है। 14 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, गोवा के CM प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और उद्धव ठाकरे के हेलिकॉप्टर की जांच की गई थी। खड़गे नासिक में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। हैलिपेड पर उनकी जांच की वीडियोग्राफी भी हुई। गोंदिया में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के हेलिकॉप्टर और बैग की जांच की गई। वे गोरेगांव विधानसभा सीट पर NCP(SP) उम्मीदवार के लिए प्रचार करने जा रहे थे। उद्धव ठाकरे की तीसरी बार अहमदनगर में जांच हुई। इस तरह कराड एयरपोर्ट (सातारा) पर गोवा के CM प्रमोद सावंत का सामान भी चेक हुआ। नेताओं के सामान की जांच की तस्वीरें… शिंदे ने जांच के बाद कहा था- कपड़े हैं, यूरिन पॉट नहीं
13 नवंबर को CM एकनाथ शिंदे की भी चेंकिग हुई थी। वे पालघर में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारी से कहा था- कपड़े हैं, यूरिन पॉट वगैरह नहीं है। यह कमेंट उद्धव के बयान पर तंज था। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के हेलिकॉप्टर की भी जांच हुई थी। दरअसल, 11 और 12 नवंबर को दो बार उद्धव ठाकरे के सामान की जांच हुई थी। उद्धव ने इसका वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह कह रहे थे- मेरा बैग चेक कर लीजिए। यूरिन पॉट भी चेक कर लीजिए, लेकिन अब मुझे मोदी का बैग चेक करते हुए भी आप लोगों का वीडियो चाहिए। वहां अपनी पूंछ मत झुका देना। इससे बाद मंगलवार को लातूर में EC ने नितिन गडकरी के बैग की चेकिंग हुई थी। फडणवीस बोले- मेरा बैग भी चेक हुआ, इसमें गलत क्या है महाराष्ट्र भाजपा ने बुधवार को X पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें सुरक्षाकर्मी डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के सामान की चेकिंग करते नजर आ रहे हैं। पार्टी ने बताया था कि वीडियो 5 नवंबर को कोल्हापुर एयरपोर्ट का है। पार्टी ने दावा किया था कि इससे पहले 7 नवंबर यवतमाल जिले में भी उनके सामान की जांच हुई थी। उद्धव ठाकरे की चेकिंग का वीडियो सामने आने के बाद 12 नवंबर को फडणवीस ने कहा था कि कोल्हापुर में मेरा भी बैग चेक किया गया, इसके बाद 7 नवंबर को भी चेकिंग हुई। उद्धव जांच का विरोध करके लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। वे रोकर-चिल्लाकर वोट हासिल करना चाहते हैं। बैग चेकिंग में गलत क्या है। चुनाव प्रचार के दौरान हमारे भी बैग चेक होते हैं। अजित पवार बोले- लोकतंत्र के लिए कानून का सम्मान जरूरी NCP लीडर अजित पवार ने 5 नवंबर को बताया था, ‘आज इलेक्शन कैंपेन के दौरान मेरा बैग चेक किया गया। इलेक्शन कमीशन के अधिकारी रूटीन चेकिंग के लिए मेरे हेलिकॉप्टर तक आए थे। मैंने पूरा सहयोग किया। मैं मानता हूं कि ऐसी प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है। हमें कानून का सम्मान करना चाहिए ताकि हमारा लोकतंत्र कायम रहे।’ महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण पर एक नजर… विधानसभा चुनाव- 2019 …………………………….. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 5 साल में 3 सरकारों का रिपोर्ट कार्ड; 3 बड़े प्रोजेक्ट गंवाए, 7.83 लाख करोड़ रुपए का कर्ज 5 साल, 3 मुख्यमंत्री और 3 अलग-अलग सरकारें। महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद 5 साल सियासी उठापठक चलती रही। अब फिर से विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। चुनाव से पहले दैनिक भास्कर की टीम महाराष्ट्र पहुंची और पिछले 5 साल का लेखा-जोखा जाना। इसमें तीन बातें समझ आईं, पूरी खबर पढ़े… फडणवीस बोले- भाजपा महाराष्ट्र में अकेले नहीं जीत सकती, लोकसभा चुनाव के समय राज्य में वोट जिहाद हुआ था महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 अक्टूबर को कहा कि जमीनी हकीकत को लेकर व्यावहारिक होना पड़ेगा। भाजपा अकेले महाराष्ट्र चुनाव नहीं जीत सकती, लेकिन यह भी सच है कि हमारे पास सबसे ज्यादा सीटें और सबसे ज्यादा वोटिंग प्रतिशत है। चुनाव के बाद भाजपा राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनेगी। पूरी खबर पढ़े…
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मैटरनिटी लीव पर जवाब मांगा:याचिकाकर्ता बोली- 3 महीने से ज्यादा उम्र का बच्चा गोद लेने पर लीव नहीं मिलती, ये असंवैधानिक
सुप्रीम कोर्ट ने 12 नवंबर को केंद्र सरकार की मैटरनिटी लीव पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकारी की मैटरनिटी बेनिफिट अमेंडमेंट एक्ट के सेक्शन 5(4), 2017 की कॉन्स्टिट्यूशनल वैलिडिटी को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि 3 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चों को गोद लेने पर मैटरनिटी लीव नहीं मिलती है। ऐसे में बच्चा गोद लेने वाली माताओं को दी गई कथित 12 सप्ताह की मैटरनिटी लीव सिर्फ एक दिखावा है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस पंकज मिठल की बेंच ने इस संबंध में केंद्र सरकार से 3 हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करने का कहा है। साथ ही जवाब की कॉपी पहले याचिकाकर्ता को देने के निर्देश दिए हैं। अभी नियम ये है कि 3 महीने से कम उम्र के बच्चों को गोद लेने वाली या सरोगेट माताओं को 12 हफ्तों की छुट्टी मिलेगी। लेकिन 3 महीने से ज्यादा के बच्चों को गोद लेने पर मैटरनिटी लीव का कोई प्रावधान नहीं है। SC ने केंद्र से 3 सप्ताह के अंदर मांगा जवाब
जस्टिस पारदीवाला ने कहा- याचिका में कहा गया है कि केंद्र ने 3 महीने की उम्र को सही ठहराते हुए अपना जवाब दाखिल किया है, लेकिन सुनवाई के दौरान कई मुद्दे सामने आए हैं जिन पर विचार करने की जरूरत है। ये क्या तर्क है कि बच्चा 3 महीने या उससे कम का होना चाहिए? मैटरनिटी लीव देने का मकसद क्या है? इसको लेकर केंद्र से 3 सप्ताह के अंदर जवाब पेश करे। याचिका में ये बातें भी कही गईं – धारा 5(4) बच्चा गोद लेने वाली माताओं के साथ भेदभावपूर्ण और मनमानी के जैसी है। साथ ही 3 महीने और उससे ज्यादा उम्र के वो बच्चे जो अनाथ हैं, छोड़े गए हैं या सरेंडर (अनाथालय) किए गए हैं, उनके साथ भी मनमाना व्यवहार करती है। ये मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के मोटिव के साथ पूरी तरह से न्याय नहीं करती है। – धारा 5(4) बायोलॉजिकल माताओं को दिए जाने वाले 26 सप्ताह की मैटरनिटी लीव की तुलना बच्चा गोद लेने वाली माताओं को मिलने वाली 12 सप्ताह की लीव से करना संविधान के भाग III की बुनियादी जांच में भी नहीं टिक पाती है। इसमें मनमानी नजर आती है। मैटर्निटी बेनिफिट एक्ट (संशोधित) 2017 की मुख्य बातें जो आपको जाननी चाहिए… ………………………………. मैटरनिटी लीव से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़ें… संविदाकर्मी भी मैटरनिटी लीव की हकदार:सिविल सर्विसेज ट्रिब्यूनल ने दिए आदेश, फिर से नौकरी जॉइन कराने को कहा दिल्ली हाईकोर्ट ने 24 अगस्त को कहा कि सभी प्रेग्नेंट वर्किंग विमेन मैटर्निटी बेनिफिट (गर्भावस्था के दौरान मिलने वाले लाभ) की हकदार हैं। उनके परमानेंट या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने से फर्क नहीं पड़ता। उन्हें मैटर्निटी बेनिफिट एक्ट 2017 के तहत राहत देने से इनकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस चंद्र धारी सिंह की बेंच ने दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) में संविदा पर काम करने वाली एक गर्भवती महिला को राहत देते हुए यह टिप्पणियां की थीं। पूरी खबर पढ़ें…
गुरुग्राम में मोहन भागवत बोले-शोध पर लालफीताशाही भारी:आजकल सारा उद्देश्य पेट भरने का; 4% जनसंख्या वालों को 80% संसाधन चाहिए
स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को गुरुग्राम में विजन फॉर विकसित भारत-(विविभा) 2024 सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आज शोध करने वाले बहुत हैं, लेकिन लालफीताशाही की वजह से कुछ कर नहीं पाते। आजकल सारा उद्देश्य पेट भरने का है, अगर ऐसा है, तो बहुत दुखद है। इसके अलावा प्रदर्शनी के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि सनातनी शिक्षा से लेकर आधुनिक शिक्षा तक के सफर में भारत कहां है। एसजीटी यूनिवर्सिटी में 3 दिन चलने वाले विविभा-2024 में आज वे चीफ गेस्ट थे। उन्होंने कहा कि दुनिया अब मानती है कि 16वीं सदी तक भारत हर क्षेत्र में अग्रणी था। हमने बहुत सी चीजें खोजीं, लेकिन फिर हम रुक गए और इस तरह हमारा पतन शुरू हो गया। लेकिन, उस समय तक हम सबको साथ लेकर चलने का उदाहरण दे चुके थे। उन्होंने कहा कि आज समय विकसित भारत की मांग कर रहा है। दुनिया में 4% जनसंख्या वालों को 80% संसाधन चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि आज पूरी दुनिया में चर्चा है कि विकास चुनें या पर्यावरण। विकास हुआ तो पर्यावरण की समस्या उत्पन्न हो गई। 16वीं शताब्दी तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी था, मगर, हम रुक गए और पिछड़ गए। शोध पत्रिका ‘प्रज्ञानम’ का अनावरण मोहन भागवत ने भारतीय शिक्षण मंडल की शोध पत्रिका ‘प्रज्ञानम’ का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि दृष्टि की समग्रता ही भारत की विशेषता है। हर भारतवासी को अपना भारत विकसित और समर्थ भारत चाहिए। विकास के कई प्रयोग 2000 सालों में हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक आनी चाहिए, लेकिन निर्ममता नहीं होनी चाहिए, हर हाथ को काम मिले। दुनिया हमसे सीखे कि ये सारी बातें साथ लेकर कैसे चलते हैं। अनुकरण करने लायक चीजें ही लें, लेकिन अन्धानुकरण नहीं करना चाहिए। विशाल प्रदर्शनी का भी किया शुभारंभ उद्घाटन समारोह के दौरान इसरो चीफ डॉ. एस सोमनाथ और नोबेल शांति विजेता कैलाश सत्यार्थी की मौजूदगी में मोहन भगवत ने एक विशाल प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया। VIVIBHA: 2024 में कणाद से कलाम तक की भारत की यात्रा का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 10 हजार शैक्षणिक संस्थानों, शोध संगठनों और सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों ने “भारतीय शिक्षा”, “विकसित भारत के लिए दृष्टि” और “भविष्य की तकनीक” जैसे विषयों पर अपने शोध और नवाचारों का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि सनातनी शिक्षा से लेकर आधुनिक शिक्षा तक के सफर में भारत कहां है। प्रदर्शनी में प्राचीन गुरुकुलों से लेकर AI, वर्तमान तकनीकी अनुकूलन समेत भारतीय शिक्षा के विकास और छत्रपति शिवाजी के समय के अस्त्र-शस्त्रों से लेकर भारतीय वायु सेना की ब्रह्मोस मिसाइल तक को प्रदर्शित किया गया।
काशी में देव दिवाली…84 घाट 25 लाख दीयों से जगमगाए:60 मिनट आतिशबाजी, लेजर शो से सजा आसमान; एक लाख लोगों ने की महाआरती
वाराणसी में देव दिवाली मनाई जा रही है। श्रद्धालुओं ने मां गंगा किनारे 84 घाटों और 700 मठों-मंदिरों में 25 लाख दीये जलाए। 8 घाटों पर करीब 60 मिनट तक ग्रीन पटाखों की आतिशबाजी हुई। आसमान सतरंगी नजर आया। लेजर शो ने सबका मन मोह लिया। इससे पहले 21 अर्चकों और 42 रिद्धि-सिद्धि ने मां गंगा की महाआरती की। आरती में रिकॉर्ड एक लाख लोग शामिल हुए। लोग इस पल को अपने कैमरे में कैद करते नजर आए। दशाश्वमेध, अस्सी घाट पर टूरिस्ट की जबरदस्त भीड़ रही। चलना मुश्किल हो रहा था। देव दिवाली देखने इंडोनेशिया, वियतनाम और फ्रांस समेत 40 देशों के मेहमान आए। अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर से 15 लाख लोग काशी पहुंचे। 3 तस्वीरें… पल-पल की अपडेट्स जानने के लिए अब नीचे ब्लॉग में चलते हैं…
गोवा के बैटर्स ने रणजी की सबसे बड़ी साझेदारी की:कश्यप-स्नेहल ने तीसरे विकेट के लिए 606 रन जोड़े; लोमरोल का तिहरा शतक
गोवा के बल्लेबाज कश्यप बेकले (300 रन) और स्नेहल कौथानकर (314 रन) ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास की सबसे बड़ी पार्टनरशिप की है। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 606 रन जोड़े हैं। इस जोड़ी ने 8 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। जो महाराष्ट्र के स्वप्निल सुगाले और अंकित बवाने ने 2016-17 के सीजन में बनाया था। इस ऐतिहासिक साझेदारी के दम पर गोवा ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पहली पारी 727/2 के स्कोर पर घोषित की। बेकले ने नाबाद 300 रन बनाए, जबकि कौथानकर ने नाबाद 314 रन बनाए। अरुणाचल की ओर से जय भवसार और निया को एक-एक विकेट मिले। गोवा में चल रहे मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश ने दूसरी पारी में 48 रन पर 6 विकेट गंवा दिए हैं। टीम पहली पारी में 84 रन पर ऑलआउट हो गई थी। गोवा की ओर से सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन ने 5 विकेट झटके थे। वहीं एक अन्य मैच में राजस्थान के लिए महिपाल लोमरोल ने भी नाबाद 300 रन की पारी खेली। 121 रन पर गंवाया था पहला विकेट
गोवा की टीम ने अपना दूसरा विकेट 121 के स्कोर पर गंवाया था। यहां खेलने उतरे स्नेहल और कश्यप ने मिलकर रिकॉर्ड साझेदारी की और टीम को 700 रन के पार पहुंचा दिया। 7 बैटर्स सिंगल डिजिट पर आउट, अरुणाचल प्रदेश 84 रन पर सिमटा
मुकाबले के पहले दिन अरुणाचल प्रदेश की टीम पहली पारी में महज 84 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी। टीम के 7 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक हासिल नहीं कर सके थे। गोवा की ओर से अर्जुन तेंदुलकर ने 25 रन देकर (पांच विकेट), मोहित रेडकर ने 15 रन देकर (तीन विकेट) और कीथ पिंटो ने 31 रन देकर दो विकेट लिए। महिपाल लोमरोल का तिहरा शतक, राजस्थान 600 पार
एलीट ग्रुप के मुकाबले में राजस्थान के लिए महिपाल लोमरोल ने भी नाबाद 300 रन की पारी खेली। टीम ने पहली पारी 660/7 को स्कोर पर डिक्लेयर की। महिपाल के साथ अजय सिंह 40 रन बनाकर नाबाद लौटे। लोमरोल की पारी में 25 चौके और 13 सिक्स शामिल रहें।

