पीएम मोदी के लिए क्या बोले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह?

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हाल ही में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी के लिए एक बयान दिया है! पंजाबी योद्धा हैं। हमें हमारी बलिदान भावना के लिए जाना जाता है। हमारा अदम्य साहस, और समावेशन तथा भाईचारे के लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास हमारे महान राष्ट्र को सुरक्षित रख सकता है। पिछले 10 साल में, भाजपा सरकार ने पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ये लाइनें देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तरफ से कही गई हैं। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण है इन लाइनों को कहे जाने की टाइमिंग। पूर्व प्रधानमंत्री ने देश के मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है। पूर्व पीएम ने कहा कि मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सार्वजनिक संवाद की गरिमा को गिराया है। 1 जून को लोकसभा चुनाव का आखिरी चरण है। आखिरी चरण में 8 राज्यों की 57 सीटों पर चुनाव होना है। खास बात है कि इन राज्यों में पंजाब और केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी वोट डाले जाएंगे। ऐसे में पीएम मोदी का पंजाब के गौरव और पीएम मोदी पर हमले का सीधा-सीधा लोकसभा की 14 सीटों से कनेक्शन है। कांग्रेस पंजाब में बीजेपी को कोई मौका नहीं देना चाह रही है। दरअसल, बीजेपी पहली बार अपनी पारंपरिक सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के बिना चुनाव मैदान में उतरी है। दोनों दलों के बीच किसानों के मुद्दे पर मतभेद के कारण चुनावी तालमेल नहीं हो पाया था। डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश के हर वर्ग को लाभ मिला। चाहे वह जवान हो, नौजवान हो, महिलाएं हो, किसान हो, मजदूर हो, दलित, पिछड़ा, शोषित वर्ग हो, सबको उनकी सरकार के समय समान लाभ मिला। लेकिन पिछले 10 वर्षों में तमाम वर्गों के साथ जो हुआ, वह भी आप सबके सामने है।राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन होने के बावजूद पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस की कोशिश है कि राज्य की 13 और चंडीगढ़ की 1 सीट में बीजेपी के खाते में एक भी सीट ना मिले।

पिछले 10 साल में, भाजपा सरकार ने पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। 750 किसान, जिनमें से ज्यादातर पंजाब से थे, दिल्ली की सीमाओं पर महीनों तक इंतजार करते हुए शहीद हो गए। जब लाठी और रबर की गोलियों से भी मन नहीं भरा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में हमारे किसानों को ‘आंदोलन जीवी’ और ‘परजीवी’ कहकर उनका अपमान किया। किसानों की सिर्फ यही मांग थी कि उनसे चर्चा किए बिना उन पर थोपे गए कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। राजनीति विश्लेषकों और चुनावी पंडितों का मानना है कि कांग्रेस ने पंजाबी वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए मनमोहन सिंह के बयान वाला दाव खेला है। मनमोहन सिंह के बयान में पंजाब के मतदाताओं से अपील करते हुए दावा किया कि केवल कांग्रेस ही है जो ऐसा विकासोन्मुख प्रगतिशील भविष्य सुनिश्चित कर सकती है, जहां लोकतंत्र और संविधान की रक्षा होगी। पूर्व पीएम का यह लेटर 28 जून का है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दो दिन बार गुरुवार को इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे शेयर किया है। कांग्रेस ने अपने हैंडल से राहुल के इस पोस्ट को रीट्वीट किया है। मनमोहन सिंह के लेटर में कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में किसान न्याय के तहत पांच गारंटी का भी जिक्र किया गया है।

कांग्रेस इस चुनाव में मनमोहन सिंह के नाम को भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। कांग्रेस के चंडीगढ़ से उम्मीदवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी के पक्ष में मनमोहन सिंह प्रचार करने पहुंचे थे। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने पंजाब सूबे का नाम पूरे देश ही नहीं पूरी दुनिया में रोशन किया। बता दें कि कांग्रेस पंजाब में बीजेपी को कोई मौका नहीं देना चाह रही है। दरअसल, बीजेपी पहली बार अपनी पारंपरिक सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के बिना चुनाव मैदान में उतरी है। दोनों दलों के बीच किसानों के मुद्दे पर मतभेद के कारण चुनावी तालमेल नहीं हो पाया था। खेड़ा ने कहा, 2004 से 2014 के 10 साल के यूपीए सरकार के कालखंड में डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश के हर वर्ग को लाभ मिला। चाहे वह जवान हो, नौजवान हो, महिलाएं हो, किसान हो, मजदूर हो, दलित, पिछड़ा, शोषित वर्ग हो, सबको उनकी सरकार के समय समान लाभ मिला। लेकिन पिछले 10 वर्षों में तमाम वर्गों के साथ जो हुआ, वह भी आप सबके सामने है।