Thursday, April 3, 2025
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अग्निवीर के ऐतिहासिक मुद्दे पर क्या बोले पीएम मोदी?

अग्निवीर के ऐतिहासिक मुद्दे पर पीएम मोदी ने अपना भी बयान दे दिया है! लोकसभा चुनाव से लेकर सरकार बनने के बीच विपक्ष लगातार अग्निवीर के मुद्दे पर सरकार को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश में जुटा है। 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद के पहले सत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर आक्रामक नजर आए। विपक्षी दल समेत एनडीए के प्रमुख घटक जनता दल यूनाइटेड ने भी अग्निवीर योजना में संशोधन का समर्थन किया था। विपक्ष के लगातार दबाव के बीच पीएम मोदी ने इस संबंध में सरकार का रुख साफ कर दिया। पीएम में करगिल विजय दिवस के मौके पर अग्निवीर को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। पीएम मोदी के रुख से यह साफ हो गया कि राहुल गांधी की मंशा तो पूरी नहीं होने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को अग्निपथ योजना को सेना की तरफ से किए गए आवश्यक सुधारों का एक उदाहरण बताया। पीएम ने विपक्ष पर सशस्त्र बलों में औसत आयु वर्ग को युवा रखने के उद्देश्य से शुरु की गई इस भर्ती प्रक्रिया पर राजनीति करने का आरोप लगाया। मोदी ने करगिल युद्ध में जीत की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित करगिल विजय दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि पेंशन के पैसे बचाने के लिए अग्निपथ योजना शुरू की गई थी।

पीएम मोदी ने कहा कि वे अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य हमारे सैनिकों को युवा और युद्ध के लिए तैयार करना है। वे कह रहे हैं कि अग्निवीर योजना नरेंद्र मोदी द्वारा पेंशन बचाने के लिए शुरू की गई है। पीएम ने कहा कि ऐसे लोगों की सोच से भ्रम होता है। उन्होंने कहा कि जरा कोई मुझे बताए आज मोदी के शासनकाल में जो भर्ती होगा क्या आज ही उनको पेंशन देना है क्या उनको पेंशन देना तो 30 साल बाद आएगी, मोदी उस समय 105 साल का होगा उसके लिए मोदी आज गाली खाएगा। क्या तर्क दे रहे हैं।

पीएम मोदी के बयान से एक चीज तो साफ है कि कांग्रेस पार्टी और उनके नेता राहुल गांधी की अग्निपथ को खत्म किए जाने की मांग तो पूरी नहीं होगी। हालांकि, कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सरकार में आने पर अग्निपथ योजना को खत्म करने का वादा किया था। सरकार के गठन के बाद भी राहुल गांधी लगातार यह बात कह रहे हैं कि सत्ता में आने पर पर कांग्रेस सेना में भर्ती की इस स्कीम को खत्म कर देगी। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर सरासर झूठ बोल रहे हैं। इस योजना को लेकर युवाओं में रोष है और कांग्रेस इस मांग पर कायम है कि इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।

बीजेपी शासित राज्य अग्निवीरों को लिए एक के बाद आरक्षण की घोषणा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि देश की सेवा करके लौटने वाले अग्निवीरों को यूपी पुलिस और पीएएसी बल में वेटेज दिया जाएगा। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी इस योजना का समर्थन करते हुए राज्य की नौकरियों में अग्निवीरों को नौकरी में आरक्षण देने के निर्णय की घोषणा की है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि राज्य कांस्टेबल, माइनिंग गार्ड, वन रक्षक, जेल वार्डन और एसपीओ के पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों को 10% आरक्षण प्रदान करेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी सरकार अग्निवीरों को उनकी सेवा समाप्ति के बाद पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में आरक्षण प्रदान करेगी। कारगिल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा कि हम सरकारी सेवाओं में उन्हें आरक्षण देने के लिए प्रावधान करेंगे और एक अधिनियम लाएंगे। हम विभिन्न सरकारी विभागों में उनके कौशल और अनुशासन का उपयोग करेंगे।

सरकार ने सेना के तीनों अंगों में औसत आयु वर्ग को युवा रखने के उद्देश्य से 2022 में ‘अग्निपथ भर्ती योजना’ शुरू की थी। इस योजना में साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल की अवधि के लिए अग्निवीर के रूप में भर्ती करने का प्रावधान है। इनमें से 25 प्रतिशत को अगले 15 वर्षों तक बनाये रखने का प्रावधान है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल इस योजना को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं कि चार साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों का क्या होगा। कांग्रेस का कहना है कि अग्निवीर को कोई पेंशन नहीं मिलती, कोई ग्रैच्यूटी नहीं मिलती, परिवार को पेंशन नहीं मिलती, बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई शिक्षा भत्ता नहीं मिलता।

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