हिंदू मंदिर पर आक्रमण के बाद कनाडा से क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?

0
65

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा में हुए हिंदू मंदिर पर आक्रमण के बाद कनाडा को एक सख्त चेतावनी दे दी है! भारत और कनाडा के बीच तनातनी और खींचतान लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले की पीएम मोदी ने कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘मैं कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। हिंसा की ऐसी घटनाएं भारत के संकल्प को कभी कमजोर नहीं कर पाएंगी।’ पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘हम कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने की उम्मीद करते हैं।’ पीएम मोदी ने दुनियाभर के भारतीयों के लिए आवाज उठाई है। कनाडा विवाद के बाद पीएम मोदी का यह पहला बयान है। पीएम मोदी का यह बयान बहुत महत्वपूर्ण है।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से भारत सरकार ने पहले ही इस मुद्दे पर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से साफ तौर पर कहा है कि वह सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और ऐसे हमलों को रोके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘केंद्र सरकार कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहे हैं कि पूजा के सभी स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए।’

कनाडा के ब्रैम्पटन स्थित हिंदू सभा मंदिर के पास रविवार को खालिस्तानी चरमपंथियों के प्रदर्शन ने हिंसात्मक रूप ले लिया था। उन्होंने मंदिर में आ रहे लोगों पर अटैक कर दिया। मंदिर में हुई हिंसा को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सहित कई नेताओं ने कड़ी निंदा की। ट्रूडो ने कहा कि ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपनी आस्था की स्वतंत्रता और सुरक्षा का अधिकार है। उन्होंने पुलिस का शुक्रिया भी अदा किया, जिन्होंने तुरंत कार्रवाई की और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की।

बता दे कि भारत और कनाडा के बीच तनानती बढ़ती ही जा रही है। इसी बीच कनाडा के मंदिर पर खालिस्तानी समर्थकों ने उस वक्त हमला कर दिया जब वहां पर भारतीय कांसुलर कैंप चल रहा था। खालिस्तानी समर्थकों के हमले के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। कनाडा में हिंदुओं पर हुए इस हमले की पीएम मोदी ने भी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भी इसे अस्वीकार्य बताया है।

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- मैं कनाडा में हिंदू मंदिर पर हुए जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे राजनयिकों को डराने के कायरतापूर्ण प्रयास भी उतने ही निंदनीय हैं। हिंसा के ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कभी कमजोर नहीं कर पाएंगे। हम उम्मीद करते हैं कि कनाडा सरकार न्याय सुनिश्चित करेगी और कानून का राज कायम करेगी। बता दें कि हाल के महीनों में पीएम मोदी का यह बयान दूसरा उदाहरण है, जब उन्होंने भारत के बाहर हिंदुओं पर कथित हमलों का मुद्दा उठाया है। इस साल अगस्त में, उन्होंने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के समक्ष पड़ोसी देश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया था।

वहीं विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कनाडा सरकार से सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम ओंटारियो के ब्रैम्पटन शहर में रविवार को हिंदू सभा मंदिर में कट्टरपंथियों और अलगाववादियों द्वारा की गई हिंसा की घटनाओं की निंदा करते हैं। हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में शामिल लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। वहीं खालिस्तानी समर्थकों के हमले के बीच एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर पुलिस को एक हिंदू युवक को पकड़कर हथकड़ी लगाते हुए दिखाया गया, जिसकी तुलना टिप्पणीकारों ने अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की घटना से की।

कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने इस घटना को खालिस्तानी कार्यकर्ताओं द्वारा एक सीमा पार करने जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से कनाडा के कानून प्रवर्तन में खालिस्तानियों की घुसपैठ का पता चलता है। उन्होंने हमले का विरोध कर रहे हिंदुओं के प्रति ब्रैम्पटन पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस घटना को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में हर किसी को अपनी आस्था के पालन का अधिकार है। उन्होंने घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं। ट्रूडो ने ‘X’ पर लिखा कि ब्रैम्पटन में आज हिंदू सभा मंदिर में हुई हिंसा की घटना अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपनी आस्था का पालन स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से करने का अधिकार है। समुदाय की सुरक्षा और इस घटना की जांच के लिए तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए पील रीजनल पुलिस का धन्यवाद।

भारतीय उच्चायोग ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि हम आवेदकों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जिनकी मांग पर स्थानीय सह-आयोजकों के पूर्ण सहयोग से इस तरह के आयोजनों का आयोजन किया जाता है। भारत विरोधी तत्वों के इन प्रयासों के बावजूद, हमारा वाणिज्य दूतावास भारतीय और कनाडाई आवेदकों को 1,000 से अधिक जीवन प्रमाण पत्र जारी करने में सफल रहा। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब विदेश में हिंदुओं पर हमले हुए हैं। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। भारत सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।