हाल ही में शिल्पा शिरोडकर ने बिग बॉस में अपनी पहचान को लेकर एक बयान दे दिया है! 90 के दशक में ‘खुदा गवाह’, ‘गोपी किशन’, ‘बेवफा सनम’, ‘मृत्युदंड’ जैसी चर्चित फिल्मों का हिस्सा रहीं एक्ट्रेस शिल्पा शिरोडकर शादी के बाद लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध से दूर विदेश में बस गई थीं। लेकिन अब वह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, छोटे पर्दे के विवादित रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 18’ को लेकर, जिसमें वह प्रतियोगी बनकर पहुंची हैं। Shilpa Shirodkar का कहना है कि उन्हें Bigg Boss शो बहुत ज्यादा पसंद है। इसलिए, वह खुद इस अनुभव को जीने जा रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि वह शो से बहुत सारी यादें लेकर वापस आएंगी। साथ ही, इस बड़े मंच की वजह से उनका करियर भी दोबारा रफ्तार पकड़ेगा। शिल्पा की बहन नम्रता शिरोडकर तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारे महेश बाबू की पत्नी हैं। ऐसे में, शिल्पा के बिग बॉस में जाने की ज्यादातर खबरों में उन्हें महेश बाबू की साली ही लिखा गया। खुद कई हिट फिल्में करने वाली शिल्पा अपने इस परिचय के बारे में क्या सोचती हैं? यह पूछने पर उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि महेश (बाबू) मेरे जीजा हैं। वह मेरे लिए परिवार हैं। वह बहुत खुश भी हैं कि मैं बिग बॉस से फिर काम शुरू कर रही हूं, लेकिन जैसा आपने कहा, मैं भी इस इंडस्ट्री में बहुत लंबे समय तक रही हूं और ठीकठाक काम किया है। इसलिए, सिर्फ एक ही तरह से सोचने की कोई वजह नहीं है।’
वो कहती हैं, ‘मेरे बिग बॉस करने की एक वजह यह भी है कि यह बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है। मैं चाहती हूं कि मेरा इस घर में जितना भी लंबा सफर हो, जब मैं वापस आऊं तो लोग मुझे मेरी वजह से जानें और प्यार करें। इसके बाद मुझे अच्छे काम की भी उम्मीद है।’ शिल्पा ने अपनी पहली फिल्म ‘भ्रष्टाचार’ से लेकर ‘किशन कन्हैया’, ‘गोपी किशन’, ‘खुदा गवाह’, ‘मृत्युदंड’ जैसी ज्यादातर दो हीरोइनों वाली फिल्में की हैं? इसकी वजह पूछने पर वह कहती हैं, ‘इसकी वजह कुछ नहीं थी।’
वो आगे बोलती हैं, ‘असल में, उस वक्त में हम फिल्म चुनने में इतना ज्यादा सोचते नहीं थे। हम गिनकर पांच-छह लड़कियां थीं। हमारी सोच यह रहती थी कि अच्छी फिल्में करना बहुत जरूरी था, तो हम देखते थे कि प्रड्यूसर-डायरेक्टर अच्छा हो।’ वो कहती हैं,’तब ये नहीं सोचते थे कि वह सोलो है या दो एक्ट्रेसेज हैं। फिर, तब मल्टीस्टारर फिल्में भी बहुत बनती थीं। इसीलिए, जब आजकल जिस तरह की फिल्में, जिस तरह का कॉन्टेंट बन रहा है, उसे देखकर लगता है कि अगर मैं अब एक्टिंग में होती तो ज्यादा बेहतर काम करती।’ शिल्पा ने उस दौर की ज्यादातर एक्ट्रेसेज की तरह साल 2000 में शादी के बाद एक्टिंग को टाटा बोल दिया। क्या इस फैसले का उन्हें कभी अफसोस होता है? इस पर वह कहती हैं, ‘बिल्कुल भी नहीं।’
शिल्पा ने बताया, ‘शादी के बाद मैं देश छोड़कर चली गई, पर अपने इस फैसले से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं, क्योंकि उन 13 सालों में मैंने बहुत कुछ सीखा। मैं बहुत कमाल के लोगों से मिली। अलग-अलग देशों में रही और वो मेरे जिंदगी के बहुत ही हसीन पल हैं। देखिए, काम अपनी जगह है, लेकिन मैंने हमेशा कहा है कि मैं ऐक्टर होना मिस नहीं करती थी, मैं बिजी रहना मिस करती थी।’ वो आगे कहती हैं, ‘जब आप देश छोड़कर ट्रैवल करते हैं तो ज्यादातर समय अकेले होते हैं तो मैं लोगों का साथ, उनसे बात करना और बिजी रहना मिस करती थी, न कि कैमरे के आगे ऐक्टिंग करना, क्योंकि मेरे हिसाब से वह मेरे लिए एक नई जिंदगी शुरू करने का सही समय था। मेरी शादीशुदा जिंदगी थी, आज मेरी 20 साल की बेटी है। ये चीजें वैसे नहीं होती, अगर मैं यहां होती।’
शिल्पा अपनी पहली फिल्म ‘भ्रष्टाचार’ समेत करीब नौ फिल्मों में मिथुन चक्रवर्ती की जोड़ीदार रहीं। उन दोनों की ऑन स्क्रीन जोड़ी काफी पसंद की जाती थी। हाल ही में मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के सम्मान दिए जाने की घोषणा हुई, इस पर मिथुन संग अपनी यादें साझा करते हुए शिल्पा ने कहा, ‘दादा के बारे में मैं जितना बोलूं, उतना कम है।’
मिथुन के लिए शिल्पा ने आगे कहा, ‘इंडस्ट्री में मेरी शुरुआत दादा की वजह से हुई है। उनकी वजह से मुझे ‘भ्रष्टाचार‘ मिली, जिससे मेरा करियर शुरू हुआ। मैं हमेशा उनकी कर्जदार हूं। वह बहुत प्यारे इंसान हैं। इसलिए नहीं कि उन्होंने मुझे इस इंडस्ट्री में आने में मदद की, बल्कि उन्होंने बहुत सारे लोगों की मदद की है। हर एक इंसान के दिल को वह बहुत ही खूबसूरती से छू लेते थे। इसके अलावा, उनका सेंस ऑफ ह्यूमर भी गजब का है। आप कितने भी खराब मूड में हों, दादा आपको हंसा सकते हैं।’