हाल ही में बांग्लादेश के नए पीएम ने हिंदुओं की सुरक्षा के लिए एक बयान दिया है! बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रो मोहम्मद युनूस ने पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने इस बात की जानकारी ट्वीट कर दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बांग्लादेश में सरकार के सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने मेरे से फोन पर बात की। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने आगे लिखा कि मोहम्मद युनुसू ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, संरक्षा और संरक्षा का आश्वासन दिया। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद यह पहली बार है कि देश के शीर्ष नेतृत्व ने भारत के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की है।
इससे पहले बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के नवनियुक्त सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) एम. सखावत हुसैन ने अल्पसंख्यकों पर हमले करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रतिबद्धता जताई थी। हुसैन का कहना था कि देश में हिंसा या घृणा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने बांग्लादेश में इंटरनेशल सोसाइटी ऑफ कृष्ण कॉन्सशियसनेस (इसकॉन) बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया था।
बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार गिरने के बाद हिंदू समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है। हसीना नौकरियों में विवादित आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर 5 अगस्त को भारत आ गई थीं। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और नौ अन्य लोगों के खिलाफ नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। हसीना पर ये आरोप 15 जुलाई से पांच अगस्त के बीच उनकी सरकार के खिलाफ छात्रों के व्यापक आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर हैं।
बता दे बांग्लादेश में बीते कुछ समय से चल रही हिंसा और अराजकता में धार्मिक अल्पसंख्यक उपद्रवियों का निशाना बन रहे हैं। कानून व्यवस्था पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता है। हालांकि अभी भी बांग्लादेश में स्थिति संभलती नहीं दिख रही है और लगातार हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं।लगातार हमले और मंदिरों में तोड़फोड़ के खिलाफ हजारों हिन्दुओं ने प्रदर्शन भी किए हैं। इस बीच देश की नई अंतरिम सरकार में गृह विभाग के सलाहकार शखावत हुसैन ने माना है कि अल्पसंख्यकों पर हमले हुए हैं और उनकी सुरक्षा में चूक हुई है। जनरल एम. सखावत हुसैन ने हिन्दुओं से इसके लिए माफी भी मांगी है। साथ ही उन्होंने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर हिंसा फैलाने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शखावत हुसैन ने देश के हिंदू समुदाय से उनकी रक्षा करने में विफलता के लिए माफी मांगते हुए कहा कि ये जिम्मेदारी ना सिर्फ सरकार बल्कि बहुसंख्यकों की भी है। हम अपने फर्ज को पूरा करने में नाकामयाब रहे हैं। हुसैन ने कहा है कि चीजें ठीक हो रही हैं और उम्मीद है कि हालात जल्द ही बेहतर हो जाएंगे। शखावत हुसैन ने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेताओं को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अवामी लीग के लोग किसी भी तरह से अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश करेंगे तो उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
शेख हसीना के इस्तीफे और संसद भंग होने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी है। नई सरकार की ओर से हिंसा बंद करने की कई अपील भी हो चुकी हैं लेकिन देश में अराजकता रुकने का नाम नहीं ले रही है। देश में हिन्दू बीते एक हफ्ते से लगातार हिंसा का सामना कर रहे हैं। कई जगहों पर मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आएं हैं। इसको लेकर बांग्लादेश के हिन्दुओं में गुस्सा है। चटगांव और ढाका समेत कई बड़े शहरों में हिन्दुओं ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।
बांग्लादेश में प्रोफेसर मोहम्मद युनूस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी है। मोहम्मद यूनुस ने भी हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई है। पीएम पद के समकक्ष मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ लेने वाले यूनुस ने देशवासियों से हिंसा रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता है। हालांकि अभी भी बांग्लादेश में स्थिति संभलती नहीं दिख रही है और लगातार हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं।


