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भारतीय समाज में बच्चा यानी खुशियों की चाबी। बच्चा यानी वंश को आगे बढ़ाने वाला पुत्र या पुत्री। हमारा भारतीय समाज सारी खुशियों को परे हटा कर औलाद संतान का सुख सबसे सर्वोपरि मानता है। छोटे-छोटे कोमल मुलायम जिससे हाथों का मम्मी पापा को छूना बेहद ही मन में खुशियां भर देता है और वह घर में गूंजती हुई किलकारियां माहौल को खुशनुमा बनाए रखती हैं।
परंतु इन सब के बावजूद समाज की दशा और दिशा कहीं और ही जा रही है। वर्तमान के कपल्स में इनफर्टिलिटी की दिक्कत अधिक बढ़ गई है। आपको बता दें कि भारत में 3 करोड़ से अधिक कपल्स इनफर्टिलिटी से जूझ रहे हैं। जिसमें 35 साल से कम उम्र के 65% लोग हैं। जिसके कारण आज की सोसाइटी में एग फ्रीजिंग का चलन हो गया है।‌ आजकल 40 से 50% तक ऐसे लोग हैं जो एक स्पर्म फ्रीजिंग करवाते हैं। ऐसा इसलिए की मम्मी या पापा बनने की खुशी छीन ना जाए। ऐसे मैं अनमैरिड लड़कियां अपने एग और लड़के अपने स्पर्म और कपल्स एंब्रोयोफ्रीज करा रहे हैं।
इस तकनीक में युवा और कई युवा जोड़ों की परेशानी को हल कर दिया है एक्टर्स सुपरमॉडल और मिस वर्ल्ड इंडिया रह चुकी नताशा सूरी ने हाल ही में अपने एक्स की फ्रीजिंग का खुलासा किया।

क्या है एग्स फ्रीजिंग?

मेडिकल साइंस की भाषा में एग्स फ्रीजिंग को मैच्योर औसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन कहा जाता है। एग फ्रीजिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें महिलाएं गर्भधारण करने वाले अंडों को फ्रीज करवाते हैं और जब भी पूरी तरीके से प्रेगनेंसी के लिए तैयार हो जाते हैं तब अंडों को निकालकर इकट्ठा किया जाता है और उन्हें पिलाकर एक प्रयोगशाला में शुक्राणु यानी स्पर्म के साथ फर्टिलाइजर किया जाता है और इंब्रोयो को गर्भाशय में डाला जाता है।

एग्स को बाद में किया जा सकता है फर्टिलाइज?

एग फ्रीजिंग के लिए महिला के शरीर से एक से अधिक अंडे निकाले जाते हैं। इस प्रक्रिया में महिलाओं को पहले कुछ टेस्ट और दवाई दी जाती है। भविष्य में अगर वह महिला मां बनना चाहती है तो उसके जन्मे हुए अंडों को विशेषज्ञ शुक्राणुओं के साथ मिलाते हैं और फ़र्टिलाइज़र हो चुके एग को महिला के यूट्रस यानी गर्भाशय में रख दिया जाता है। सिर्फ मशहूर हस्तियों में ही नहीं अब आम महिलाओं में भी एक फ्रीजिंग का चलन बढ़ता जा रहा है।

क्यों जरूरी है एग फ्रीजिंग?

एग फ्रीजिंग आजकल के समाज का चलन बन गया है। और यह जरूरी भी है जन्म के बाद महिलाओं के अंडाशय की संख्या मिलियंस में होती है लेकिन युवावस्था तक पहुंचते-पहुंचते यह संख्या आधी रह जाती है। ऐसे में आपको यह भी पता होना चाहिए कि पुरुषों में शुक्राणु हर दिन बनते हैं लेकिन महिलाओं में अंडे दोबारा नहीं बनते। उम्र बढ़ते ही अंडों की संख्या काफी कम हो जाती है। यही कारण होता है कि बाद में महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान परेशानी होती है। इसलिए इस समस्या को रोकने के लिए एग फ्रीजिंग का सहारा लिया जाता है। इस प्रोसेस के माध्यम से अंडों को सुरक्षित रखते हैं जिससे महिलाएं उन अंडों को बर्बाद होने से बचा सके और बाद में उनका इस्तेमाल कर सके।
हाल ही में नताशा सुरी ने एक फ्रीजिंग की बात कुबूल की।

जानिए क्या कहा नताशा सूरी ने

हाल ही में नताशा सूरी ने एक फ्रीजिंग का खुलासा किया जिसमें एक्टर ने कहा कि वर्किंग महिलाओं के लिए यह सुविधा बहुत ही राहत देने वाली है वह एक फ्रीजिंग के जरिए अपनी सुविधा और समय अनुसार भविष्य में कभी भी मां बनने का सोच सकते हैं। नताशा की पहली महिला नहीं है जिन्होंने एक फ्रीजिंग करवाई है नताशा की तरह ही बॉलीवुड से जुड़ी कई हस्तियां ऐसा कर चुके हैं। आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा में दिखी एक्ट्रेस मोना सिंह, राखी सावंत और एकता कपूर ने भी अपने एग फ्रीजिंग करा चुके हैं। केवल महिलाएं ही नहीं पुरूष भी अपने स्पर्म फ्रीज कराते हैं। यह ट्रेंड आजकल जोर पकड़ रहा है। खास तौर पर सेना और विदेश में जॉब करने वाले पुरुषों के बीच का चलन बढ़ा है।

इन हस्तियों ने कराए हैं एग फ्रिज

नताशा सुरी के अलावा एकता कपूर ने साल 2019 में एग फ्रीजिंग कराने का निर्णय लिया था जिस वक्त वह 36 साल की थी। उसके अलावा तनीषा मुखर्जी यानी काजोल की बहन ने 33 साल की उम्र में यह निर्णय लिया था। मोना सिंह जो कि अभी फिलहाल लाल सिंह चड्ढा मूवी में नजर आई थी उन्होंने 34 साल की उम्र में एग फ्रीजिंग करवाए थे। क्योंकि वह अपनी शादी को इंजॉय कर रही हैं। इसके अलावा सुर्खियों में रहने वाली राखी सावंत ने भी एग फ्रीजिंग करवाई है।