Sunday, February 25, 2024
HomeIndian Newsप्रधानमंत्री मोदी ने 25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने 25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन

भारत का जन भी युवा है, और भारत का मन भी युवा है. भारत अपने सामर्थ्य से भी युवा है, भारत अपने सपनों से भी युवा है भारत अपने चिंतन से भी युवा है, भारत अपनी चेतना से भी युवा है -PM Narendra Modi

स्वामी विवेकानंद की 159वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने 25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन किया। पीएम ने पुडुचेरी में 25वें युवा महोत्सव का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्धाटन किया है. वह तमिलनाडु में 11 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का भी उद्घाटन करने वाले हैं पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा |आप सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं! भारत मां की महान संतान स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर मैं नमन करता हूं। आज़ादी के अमृत महोत्सव में उनकी जन्मजयंती और अधिक प्रेरणादायी हो गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं के पास डेमोग्राफिक डिविडेंड के साथ साथ लोकतांत्रिक मूल्य भी हैं, उनका डेमोक्रेटिक डिविडेंड भी अतुलनीय है. भारत अपने युवाओं को डेमोग्राफिक डिविडेंड के साथ साथ डवलपमेंट ड्राइवर भी मानता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का युवा, Global Prosperity के Code लिख रहा है। पूरी दुनिया के यूनिकॉर्न इकोसिस्टम में भारतीय युवाओं का जलवा है. भारत के पास आज 50 हज़ार से अधिक स्टार्ट अप्स का मजबूत इकोसिस्टम है. नए भारत का यही मंत्र है- Compete and Conquer. यानि जुट जाओ और जीतो. जुट जाओ और जंग जीतो.

बेटा-बेटी एक समान, बेहतरी के लिए शादी की उम्र 21 साल की, ताकि बेटियां भी करियर बनाएं-PM Modi

उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि बेटे-बेटी एक समान हैं. इसी सोच के साथ सरकार ने बेटियों की बेहतरी के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का निर्णय लिया है. बेटियां भी अपना करियर बना पाएं, उन्हें ज्यादा समय मिले, इस दिशा में ये एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में हमारे ऐसे अनेक सेनानी रहे हैं, जिनके योगदान को वो पहचान नहीं मिल पाई, जिसके वो हकदार थे. ऐसे व्यक्तियों के बारे में हमारे युवा जितना ज्यादा लिखेंगे, रिसर्च करेंगे, उतना ही देश की आने वाली पीढ़ियों में जागरूकता बढ़ेगी

पीएम मोदी ने कहा, "आज दुनिया भारत को एक आशा की दृष्टि से, एक विश्वास की दृष्टि से देखती है क्योंकि भारत का जन भी युवा है, और भारत का मन भी युवा है। भारत अपने सामर्थ्य से भी युवा है, भारत अपने सपनों से भी युवा है। भारत अपने चिंतन से भी युवा है, भारत अपनी चेतना से भी युवा है। पीएम ने आगे कहा आजादी के अमृत महोत्सव में उनकी जन्मजयंती और अधिक प्रेरणादायी हो गई है. हम इसी वर्ष ऑरबिंदो जी की 150वीं जन्मजयंति मना रहे हैं और इस साल महाकवि सुब्रमण्य भारती जी की भी 100वीं पुण्य तिथि है. इन दोनों मनीषियों का, पुडुचेरी से खास रिश्ता रहा है. ये दोनों एक दूसरे की साहित्यिक और आध्यात्मिक यात्रा के साझीदार रहे हैं.|

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments