Tuesday, April 23, 2024
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जब संसद में गीत गाने लगे सांसद?

इस साल के संसद सत्र में एक सांसद ऐसे थे जो गीत गाने लगे! संसद में बहस के दौरान कई बार चर्चा गंभीर हो जाती है तो कई बार कुछ ऐसा होता है जिस पर सांसदों की हंसी छूट जाती है। हालांकि इन दोनों बातों से अलग एक बार ऐसा भी देखने को मिला जब संसद के भीतर चर्चा के बीच संगीतमय माहौल बन गया। बात नवंबर 2019 की है जब संसद के भीतर दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर चर्चा हो रही थी। चर्चा के दौरान बीजेपी की एक सांसद ने कहा कि आने वाले दिनों में शायद बॉलीवुड हरियाली और ताजी हवा की पृष्ठभूमि में गाने के दृश्यों की शूटिंग बंद कर देगा। इस बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दो गानों का जिक्र किया। इसके बाद इस चर्चा में केंद्रीय मंत्री का भी जवाब गाने के तौर पर आता है। वहीं प्रदूषण के ही मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कोई कह रहा है संगीत सुनो तो कोई कह रहा है गाजर खाओ। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल ने चिंता व्यक्त की और इसके साथ ही एक और टिप्पणी भी की। लोकसभा में चर्चा में भाग लेते सुनीता दुग्गल ने कहा कि आने वाले दिनों में शायद बॉलीवुड हरियाली और ताजी हवा की पृष्ठभूमि में गाने के दृश्यों की शूटिंग बंद कर देगा। उन्होंने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए दो गानों का जिक्र किया। वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर नियम 193 के तहत चर्चा में हिस्सा लेते हुए सुनीता दुग्गल ने कहा यहां बाबुल सुप्रियो हैं, हेमा मालिनी जी हैं, रवि किशन हैं। पुराने समय से हम जब चली ठंडी हवा, जब उठी काली घटा, हवा हवा ए हवा खूशबू लुटा दें, जैसे गाने सुनते आ रहे हैं लेकिन प्रदूषण के इस समय में फिर कैसे इस तरह के गाने बनेंगे।

इस पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए तत्कालीन वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि हम पूरी गंभीरता के साथ इसको ले रहे हैं और इस समस्या को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हवा के साथ साथ, घटा के संग संग सभी साथी चलेंगे। लोकसभा में बाबुल सुप्रियो ने लोकप्रिय बॉलीवुड गीत ‘हवा के साथ साथ, घटा के संग-संग की कुछ लाइनों को गाया और इस बात को बताने के लिए पेश किया कि सरकार स्वच्छ हवा के लिए कदम उठा रही है। बाबुल सुप्रियो, जो गायक भी हैं उन्होंने कहा कि सरकार हवा को साफ करने की कोशिश कर रही है ताकि हर कोई फिल्म सीता और गीता से इस गीत को गा सके। सत्तर के दशक में रिलीज हुई इस लोकप्रिय फिल्म में धर्मेंद्र, संजीव कुमार और हेमा मालिनी मुख्य कलाकार थे।

वहीं प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में तत्कालीन कांग्रेस सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वे हमें गाजर खाने के लिए कह रहे हैं। क्या हम बकरियां हैं। राज्यसभा में बाजवा ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के इस सुझाव पर कटाक्ष किया कि गाजर का सेवन प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचने में मदद कर सकता है। लोकसभा में बाबुल सुप्रियो ने लोकप्रिय बॉलीवुड गीत ‘हवा के साथ साथ, घटा के संग-संग की कुछ लाइनों को गाया और इस बात को बताने के लिए पेश किया कि सरकार स्वच्छ हवा के लिए कदम उठा रही है। बाबुल सुप्रियो, जो गायक भी हैं उन्होंने कहा कि सरकार हवा को साफ करने की कोशिश कर रही है ताकि हर कोई फिल्म सीता और गीता से इस गीत को गा सके। सत्तर के दशक में रिलीज हुई इस लोकप्रिय फिल्म में धर्मेंद्र, संजीव कुमार और हेमा मालिनी मुख्य कलाकार थे।उस वक्त हर्षवर्धन सदन में मौजूद थे। राज्यसभा में प्रदूषण पर बहस में भाग लेते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने हाल ही में ट्वीट किया था कि प्रदूषण से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए लोगों को गाजर खाना चाहिए। बाजवा ने तत्कालीन पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के एक ट्वीट का भी हवाला दिया कि लोगों को संगीत सुनकर अपने दिन की शुरुआत करनी चाहिए। बाजवा ने व्यंग्यात्मक ढंग से कहा कि कोई कह रहा है कि गाजर खाओ तो एक मंत्री कह रहे संगीत सुनो। ऐसे कहने के बाद सदन में दूसरे सदस्यों की हंसी छूट गई।

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