Sunday, March 15, 2026
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आखिर क्या है 72 वर्षीय अम्मा की धोखे की कहानी?

आज हम आपको 72 वर्षीय अम्मा की दुखी की कहानी बताने जा रहे है! सड़क किनारे ठेला लगाकर बच्चों की कैप, बैग और क्लिप बेचने वाली 72 साल की सुकुमारीअम्मा का हमेशा से सपना था कि उनका अपना एक घर हो। कमाई इतनी नहीं थी कि वो उससे अपना ये सपना पूरा कर सकें, इसलिए अक्सर सुकुमारीअम्मा लॉटरी खरीदकर अपना भाग्य आजमाया करती थीं। 15 मई 2024 को सुकुमारीअम्मा की किस्मत चमक गई। उन्होंने एक दिन पहले जो लॉटरी का टिकट खरीदा था, उसपर उन्हें पूरे एक करोड़ का इनाम लगा। हालांकि, ये रकम उनके हाथों तक पहुंच पाती, इससे पहले ही उनके साथ एक बड़ा धोखा हो गया। दरअसल, सुकुमारीअम्मा ने 14 मई को टिकट वेंडर कन्नन से एक ही सीरीज के 12 टिकट खरीदे थे। इन टिकटों के लिए उन्होंने उसे 1200 रुपए दिए। कन्नन को जब पता चला कि सुकुमारीअम्मा को 1 करोड़ का पहला इनाम लगा है तो उसके मन में लालच आ गया। उसने सुकुमारीअम्मा से कहा कि उनके सारे टिकटों पर 100-100 रुपए का इनाम मिला है। इसमें काफी समय लग सकता था। ऐसे में कन्नन से समझौता करने के लिए सुकुमारीअम्मा ने एक दूसरी याचिका दाखिल की। ये वो याचिका थी, जिसके तहत समझौते लायक अपराधों के लिए कोर्ट की स्वीकृति से मामलों का निपटारा किया जाता है।सुकुमारीअम्मा की उम्मीदें टूट गईं और उन्होंने कन्नन को अपने टिकट दे दिए। कन्नन ने कहा कि वो कल आकर इनाम के रुपए दे देगा। इसके बाद कन्नन अपने घर पहुंचा और ये कहते हुए मिठाई बांटने लगा कि उसे 1 करोड़ की लॉटरी लगी है।

कन्नन के घर के पास एक दूसरा टिकट वेंडर रहता था, जो जानता था कि जिस टिकट पर जैकपॉट लगा है, वो सुकुमारीअम्मा ने खरीदा था। वो तुरंत उनके पास पहुंचा और कन्नन के धोखे की पूरी कहानी बताई।इससे वो टिकट का मालिक बन गया था। इसीलिए, हमने समझौते के बारे में सोचा, क्योंकि अगर मामला लंबा खिंचता तो लॉटरी ऑफिस में टिकट जमा करने की 30 दिन की समय-सीमा खत्म हो जाती। सुकुमारीअम्मा कन्नन पर काफी भरोसा करती थीं, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वो उनके साथ ऐसी धोखाधड़ी करेगी। उन्होंने कन्नन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और अगले ही दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब यहां समस्या ये थी कि कन्नन उस टिकट के पीछे अपना नाम लिखकर बैंक में जमा कर चुका था।

सुकुमारीअम्मा के सामने अब दोहरा संकट था। नियम के मुताबिक, उन्हें 30 दिनों के भीतर टिकट को लॉटरी ऑफिस में जमा करना था और कन्नन के खिलाफ कोर्ट की कार्यवाही 30 दिनों में पूरी होना संभव नहीं था। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और कानूनी लड़ाई लड़नी शुरू कर दी। शुरुआत में सुकुमारीअम्मा के वकील ने टिकट हासिल करने के लिए धारा 451 के तहत याचिका दायर की थी। लेकिन, इसमें काफी समय लग सकता था। ऐसे में कन्नन से समझौता करने के लिए सुकुमारीअम्मा ने एक दूसरी याचिका दाखिल की। ये वो याचिका थी, जिसके तहत समझौते लायक अपराधों के लिए कोर्ट की स्वीकृति से मामलों का निपटारा किया जाता है।

सुकुमारीअम्मा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कन्नन के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप के तहत मामला दर्ज किया था। कोर्ट में समझौते के तहत सुकुमारीअम्मा ने कन्नन के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने पर अपनी सहमति दे दी। इसके बाद सुकुमारीअम्मा को उनका टिकट वापस मिल गया औ उन्होंने 30 दिन के भीतर इसे लॉटरी ऑफिस में जमा करा दिया। कन्नन को जब पता चला कि सुकुमारीअम्मा को 1 करोड़ का पहला इनाम लगा है तो उसके मन में लालच आ गया। उसने सुकुमारीअम्मा से कहा कि उनके सारे टिकटों पर 100-100 रुपए का इनाम मिला है। सुकुमारीअम्मा की उम्मीदें टूट गईं और उन्होंने कन्नन को अपने टिकट दे दिए।लॉटरी दफ्तर की तरफ से कमीशन और टैक्स काटने के बाद अब सुकुमारीअम्मा को 63 लाख रुपए मिलेंगे। कन्नन के घर के पास एक दूसरा टिकट वेंडर रहता था, जो जानता था कि जिस टिकट पर जैकपॉट लगा है, वो सुकुमारीअम्मा ने खरीदा था। वो तुरंत उनके पास पहुंचा और कन्नन के धोखे की पूरी कहानी बताई। सुकुमारीअम्मा कन्नन पर काफी भरोसा करती थीं, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वो उनके साथ ऐसी धोखाधड़ी करेगी।सुकुमारीअम्मा के वकील ने बताया कि कन्नन ने अपने हस्ताक्षर के साथ टिकट को बैंक में जमा किया था। इससे वो टिकट का मालिक बन गया था। इसीलिए, हमने समझौते के बारे में सोचा, क्योंकि अगर मामला लंबा खिंचता तो लॉटरी ऑफिस में टिकट जमा करने की 30 दिन की समय-सीमा खत्म हो जाती।

आखिर अब डीएम पूजा खेड़कर के साथ क्या होगा?

यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर अब डीएम पूजा खेड़कर के साथ क्या होगा! पूजा खेडकर… 2022 में यूपीएससी की परीक्षा दी और 2023 में 841वीं रैंक पाकर आईएएस अधिकारी बन गईं। महाराष्ट्र के पुणे में अपना प्रोबेशनरी पीरियड पूरा किया और ट्रांसफर होने के बाद वाशिम जिले में असिस्टेंट कलेक्टर बनकर पहुंच गईं। लेकिन कहानी महज इतनी नहीं है। पूजा खेडकर के साथ बहुत सारे विवाद खड़े हो गए हैं। आरोप हैं कि पूजा खेडकर ने पुणे में रहते हुए कई अधिकारियों को परेशान किया। अलग-अलग तरह की डिमांड की। यहीं नहीं, उन्होंने अपनी प्राइवेट ऑडी कार पर लाल बत्ती का इस्तेमाल किया। मीडिया में अधिकारियों से बातचीत की उनकी वॉट्सएप चैट भी सामने आ गई है। विवाद उठे तो पूजा खेडकर को लेकर कुछ और चौंकाने वाली बातें भी सामने आईं। पूजा ने यूपीएससी की परीक्षा के दौरान तीन एफिडेविट जमा किए थे। इनमें से एक में उन्होंने खुद को मानसिक रूप से अक्षम बताया। दूसरे में बताया कि उन्हें देखने में भी समस्या है। और तीसरा एफिडेविट था ओबीसी नॉन क्रीमी लेकर कैटेगरी का। अब खुलासा हुआ है कि अपनी जॉइनिंग के दौरान पूजा ने यूपीएससी की तरफ से कराए जाने वाले मेडिकल टेस्ट को नजरअंदाज किया। उन्हें 6 बार मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया, जिनमें से केवल आखिरी के एक टेस्ट में ही पूजा शामिल हुईं और उसमें उन्होंने एमआईआर कराने से मना कर दिया। ऐसे में मेडिकल संबंधी जो एफिडेविट पूजा खेडकर ने यूपीएससी को दिए, उनपर सवाल खड़े हो गए हैं।

दूसरा विवाद उनके ओबीसी नॉन क्रीमी लेकर कैटेगरी के एफिडेविट को लेकर है। दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि पूजा खेडकर के पिता के पास 40 करोड़ की संपत्ति है। वहीं, पूजा को भी करीब 22 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति का मालिक बताया जा रहा है। यूपीएससी में जमा किए गए इन दस्तावेजों पर विवाद खड़ा होने के बाद अब केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।इन धाराओं के साबित होने पर दोषी को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। एडवोकेट शिवाजी शुक्ला के मुताबिक, ऐसी स्थिति में अगले कदम के तहत यूपीएससी उन्हें पद से बर्खास्त करने की कार्रवाई कर सकता है। पूजा के खिलाफ आरोपों पर एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी जांच करेंगे। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर का अब क्या होगा? क्या उन्हें बर्खास्त किया जाएगा या फिर उनकी नौकरी जारी रहेगी। आइए आपको इस बारे में डिटेल से बताते हैं।

साकेत कोर्ट में सीनियर एडवोकेट शिवाजी शुक्ला से बात की। उन्होंने बताया कि जब सरकार का कोई कर्मचारी भ्रामक या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करता है, तो सबसे पहले उसके रिपोर्टिंग अथॉरिटी के पास शिकायत दर्ज होती है। आईएएस पूजा खेडकर के मामले में रिपोर्टिंग अथॉरिटी चीफ सेक्रेटरी हैं। इनके पास शिकायत दर्ज होने के बाद पूजा खेडकर के खिलाफ विभागीय जांच होगी। केंद्र की तरफ से गुरुवार को ही मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय पैनल बना दिया गया है।

अब अगर पूजा खेडकर विभागीय जांच में दोषी पाई जाती हैं, तो अगला कदम उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई का होगा। विभागीय जांच के आधार पर पूजा के खिलाफ एक चार्जशीट बन सकती है, जो चीफ सेक्रेटरी को सौंपी जाएगी। इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की तरफ कदम बढ़ाए जाएंगे। विभागीय जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक, उनके खिलाफ धारा 318(4), धारा 336 (3) और धारा 340 (2) के तहत एफआईआर दर्ज हो सकती है। ये सभी धाराएं धोखाधड़ी, फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए जालसाजी और जाली डॉक्यूमेंट्स का वास्तविक तौर पर इस्तेमाल करने से जुड़ी हैं।

इन धाराओं के साबित होने पर दोषी को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। एडवोकेट शिवाजी शुक्ला के मुताबिक, ऐसी स्थिति में अगले कदम के तहत यूपीएससी उन्हें पद से बर्खास्त करने की कार्रवाई कर सकता है।अपनी जॉइनिंग के दौरान पूजा ने यूपीएससी की तरफ से कराए जाने वाले मेडिकल टेस्ट को नजरअंदाज किया। उन्हें 6 बार मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया, जिनमें से केवल आखिरी के एक टेस्ट में ही पूजा शामिल हुईं और उसमें उन्होंने एमआईआर कराने से मना कर दिया। चूंकि, एक आईएएस अधिकारी की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा होती है, इसलिए बर्खास्तगी के लिए भी राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है। ऐसे में फाइल को राष्ट्रपति भवन भेजा जाएगा। बर्खास्तगी की कार्रवाई के दौरान दोषी अधिकारी से वो सभी लाभ और सैलरी वापस लिए जाते हैं, जो उसने पद पर रहते हुए पाए हैं।

क्या अब पुणे में बंद होंगे खतरनाक पर्यटन स्थल?

अब पुणे में खतरनाक पर्यटन स्थल बंद होने वाले है! तीन दिन पहले भुशी डैम पर एक भयावह हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें पूरा परिवार पानी में बह गया था। इसके बाद पुणे प्रशासन ने हादसे पर गंभीरता से संज्ञान लिया। कलेक्टर सुहास दिवसे ने पुणे के पर्यटन स्थलों के लिए एक अधिसूचना जारी की है। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार, मावल, मुलशी, अंबेगांव, खेड़, जुन्नार, भोर, वेल्हा, इंदापुर और हवेली में धारा 163 लागू की गई है। पुणे जिला प्रशासन का दावा है कि वह मॉनसून के दौरान पर्यटकों का ख्याल रखता है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए 2 से 31 जुलाई तक मावल तालुका में भूसी बांध और पावना झील क्षेत्र में पर्यटकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने पुणे जिले के खतरनाक स्थानों की एक सूची भी तैयार की है। ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने की संभावना है। कोहरे के कारण रास्ता भटकना पड़ रहा है। वन संरक्षक चव्हाण ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमने 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटन के लिए सेंचुरी में सभी प्राकृतिक मार्गों को बंद करने का फैसला किया है।इसमें मावल तालुका के भूसी बांध, बेंडेवाडी, खंडाला के टाइगर पॉइंट, लायन पॉइंट, राजमाची पॉइंट, सहारा ब्रिज, पावना झील, टाटा बांध, घुबड़ फॉल्स पर पर्यटकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कलेक्टर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गहरे पानी में रीलिंग और तस्वीरें लेने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। नियमों का उल्लंघन करने पर बीएनएनएस और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल जनवरी 2024 में पुणे जिले के लोनावाला में पावना झील के पास चार लोग डूब गए थे, जबकि वन्यजीव संरक्षक मावल की जानकारी के अनुसार, मार्च और मई के बीच मावल के जल पर्यटन स्थलों पर 27 लोगों की जान चली गई। इस खतरे को समझते हुए जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को खतरनाक पर्यटक स्थलों पर खतरनाक सामग्री के चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया है। भीमाशंकर देवस्थान दर्शन के लिए आ रहे पर्यटकों के लिए अहम खबर है। भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी में दुर्घटना संभावित क्षेत्र में पर्यटकों का प्रवेश 30 सितंबर तक बंद कर दिया गया है। वन विभाग (वन्यजीव) ने आदेश जारी किया कि पर्यटक छुट्टियों के लिए इस क्षेत्र में न आएं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल भीमाशंकर क्षेत्र में साल भर भक्तों की भारी भीड़ रहती है। मॉनसून के दौरान पर्यटक भी बड़ी संख्या में इस प्राकृतिक क्षेत्र में घूमने और झरने का आनंद लेने आते हैं।

भीमाशंकर सेंचुरी भाग एक और वन क्षेत्र के भाग दो में झरने के कुंडों में डुबकी लगाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ छुट्टियों पर पुणे मुंबई से पर्यटक आते हैं। वर्तमान में इन झरनों में पानी तेज है। यदि आप तैरते समय पानी के प्रवाह और गहराई का अनुमान नहीं लगाते हैं तो यह एक घातक दुर्घटना का कारण बन सकता है। भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी की पहाड़ी घाटियों में जंगल के रास्ते बारिश के कारण फिसलन भरे हो गए हैं। कई स्थानों पर घास उगने के कारण रास्ते बह गए हैं। ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने की संभावना है। कोहरे के कारण रास्ता भटकना पड़ रहा है। वन संरक्षक (वन्यजीव) तुषार चव्हाण ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमने 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटन के लिए सेंचुरी में सभी प्राकृतिक मार्गों को बंद करने का फैसला किया है।

इस बीच भीमाशंकर में दर्शन के लिए आने वाले सभी पर्यटकों को सेंचुरी के चारों ओर घूमते समय नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। चव्हाण ने कहा कि बिना अनुमति के अवैध रूप से सेंचुरी में प्रवेश न करें और बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए 2 से 31 जुलाई तक मावल तालुका में भूसी बांध और पावना झील क्षेत्र में पर्यटकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने पुणे जिले के खतरनाक स्थानों की एक सूची भी तैयार की है। लोनावला के भूशी डैम इलाके में रविवार को हुए हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद तम्हिनी घाट इलाके में एक 32 वर्षीय युवक बह गया। सोमवार को कोल्हापुर के कलम्मावाडी बांध क्षेत्र में दूधगंगा नदी के तल में पैर गिरने से दो युवक बह गए।

सोने की घड़ी से लेकर 110 एकड़ खेत IAS पूजा खेड़कर विवादों में!

हाल ही में IAS पूजा खेड़कर विवादों में आ गई है क्योंकि उनके पास सोने की घड़ी से लेकर 110 एकड़ खेत मिले हैं! महाराष्ट्र कैडर की आईएएस पूजा खेडकर इन दिनों विवादों मे घिरी हैं। पूरे देश में उन्हें लेकर चर्चा हो रही है। ट्रेनी आईएएस अधिकारी पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे यूपीएससी परीक्षा पास करने का आरोप है। केंद्र ने आरोपों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया। पूजा खेडकर पर दिव्यांगता और ओबीसी कोटा का दुरुपयोग करने का आरोप है। इसके अलावा पूजा खेडकर पर अनुचित व्यवहार के आरोप भी लगे हैं। उन्हें पुणे से वाशिम ट्रांसफर कर दिया गया है। पूजा खेडकर के मामले में एक और खुलासा हुआ है, उनके पास अकूत संपत्ति है। जबकि पूजा ने दावा किया था कि उनकी मां और पिता अलग हो चुके हैं लेकिन इसका भी लोगों ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि आज कभी भी इसका जिक्र नहीं हुआ। पूजा के पिता पूर्व अफसर हैं और राजनीति में भी हैं। बीते लोकसभा चुनाव के शपथपत्र में भी उन्होंने अपनी पत्नी से अलग रहने का कोई जिक्र नहीं किया। उनकी पत्नी भी सरपंच हैं और उनके भी हलफनामे में इसका कोई जिक्र नहीं है। कहा जा रहा है कि पूजा करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं। पुणे की रहने वाली प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर का नाम इस समय काफी चर्चा में है। पूजा खेडकर को अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोपों के बाद पुणे से महाराष्ट्र के वाशिम जिले में ट्रांसफर कर दिया गया है।

पूजा खेडकर को लेकर कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं। उनमें से एक ये जानकारी सामने आई है कि उनके पास अकूत संपत्ति है। उनका करियर भी विवादास्पद रहा, उन्हें एक बार निलंबित भी किया गया था। दिलीप खेडकर के दो बच्चे हैं, पीयूष खेड़कर और डॉ. पूजा खेडकर। पीयूष खेडकर लंदन में पढ़ाई कर रहे हैं।पता चला है कि पूजा खेडकर की सालाना कमाई 42 लाख रुपये है। वहीं उनके पास 17 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति है। पूजा की संपत्ति, नियुक्ति और पद का गलत इस्तेमाल करने को लेकर इस समय विवाद खड़ा हो गया है।

पूजा खेडकर प्रोबेशन के दौरान अवैध मांग करने को लेकर विवादों में घिर गई हैं। पुणे कलेक्टर सुहास दिवासे ने खेडकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, खेडकर परिवार का यह पहला मामला नहीं है। उनके पिता और पूर्व सिविल सेवक दिलीप खेडकर पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर एक पूर्व चार्टर्ड अधिकारी हैं। उनका पैतृक गांव नगर जिले के पाथर्डी तालुका में भलगांव है। डिपिल खेडकर ने मैकेनिकल में ग्रेजुएशन किया है। खेडकर ने रिटायरमेंट के बाद राजनीति में किस्मत आजमाई। उन्होंने वंचित बहुजन अघाड़ी से अहमदनगर लोकसभा चुनाव लड़ा था। लोकसभा चुनाव में उन्हें 13 हजार 749 वोट मिले।

दिलीप खेडकर ने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उनके पास 40 करोड़ की संपत्ति है, तो चर्चा शुरू हुई। इस बात पर राजनीतिक चर्चा होने लगी कि एक चार्टर्ड अधिकारी के पास इतनी संपत्ति कैसे हो सकती है। दिलीप खेडकर की पत्नी डॉ. मनोरमा खेडकर के पिता जगन्नाथ बुधवंत भी एक चार्टर्ड अधिकारी थे। उनका करियर भी विवादास्पद रहा, उन्हें एक बार निलंबित भी किया गया था। दिलीप खेडकर के दो बच्चे हैं, पीयूष खेड़कर और डॉ. पूजा खेडकर। पीयूष खेडकर लंदन में पढ़ाई कर रहे हैं।

दिलीप खेडकर के भाई माणिक खेडकर 5 साल तक बीजेपी के तालुका अध्यक्ष रहे हैं। दिलीप खेडकर ने कहा था कि अगर उन्हें नामांकन मिलता है, तो वह देवी को डेढ़ किलो वजनी चांदी का मुकुट चढ़ाएंगे। खास बात यह है कि उन्होंने अपना वचन निभाते हुए उस प्रतिज्ञा को पूरा किया। पूजा खेडकर ने यूपीएससी परीक्षा 2021 में उत्तीर्ण की थी। इस परीक्षा में उनकी ऑल इंडिया रैंक 821 थी। सामने आया है कि उन्होंने खुद को दिव्यांग बताया है।आज कभी भी इसका जिक्र नहीं हुआ। पूजा के पिता पूर्व अफसर हैं और राजनीति में भी हैं। बीते लोकसभा चुनाव के शपथपत्र में भी उन्होंने अपनी पत्नी से अलग रहने का कोई जिक्र नहीं किया। उनकी पत्नी भी सरपंच हैं और उनके भी हलफनामे में इसका कोई जिक्र नहीं है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के पास एक याचिका भी दायर की गई है। पूजा का तर्क है कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को एससी/एसटी अभ्यर्थियों की तुलना में अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें भी यही लाभ मिलना चाहिए।

अपने विधायकों के साथ बप्पा की शरण में पहुंचे अजीत पवार!

हाल ही में अजीत पवार अपने विधायकों के साथ बप्पा की शरण में पहुंच चुके हैं! महाराष्ट्र में विधान परिषद की 11 सीटों के चुनावों से पहले एक बार फिर से रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की वापसी होती दिख रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के तमाम नेताओं और विधायकों ने एक साथ सिद्धिविनायक के दर्शन किए जीत की हुंकार भरी तो वहीं दूसरी अजित पवार के बप्पा की शरण में जाने पर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने तंज कसा है। सिद्धिविनायक को भी पता है कि कौन झूठ बोल रहा है, कौन मेरे दरवाजे पर पुण्य करने आ रहा है। महाराष्ट्र में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 12 जुलाई को वोट डाले जाएंगे। 11 सीटों के लिए 12 कैंडिडेट होने से चुनाव की नौबत आई है। एक कैंडिडेड को जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 23 वोटों की जरूरत होगी। इन चुनावों में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच सभी दलाें ने अपने विधायकों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। इसी बीच राउत ने कहा कि वे सिद्धिविनायक के दर्शन कर रहे हैं। यह तो अच्छी बात है। बप्पा जानते हैं कि कौन पुण्य कर रहा है और कौन पाप कर रहा है। संजय राउत ने एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने महाराष्ट्र के मामले में जिस तरह का पाप किया है। उप मुख्यमंत्री अजित पवार की अगुवाई में तमाम विधायक मुंबई के सिद्धिविनायक में दर्शन के लिए गए थे। बप्पा के दर्शन करने के बाद अजित पवार ने लिखा था कि लोक कल्याण के लिए श्री गणेश, लोगों के विकास का जुनून। पवार ने लिखा था कि किसी भी कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा से होती है। आज सिद्धिविनायक के दर्शन से हमें नई ऊर्जा मिली है। आने वाले समय में इसी ऊर्जा से जनता का प्यार, विश्वास और आशीर्वाद हासिल करेंगे। बप्पा के दर्शन के बाद अजित पवार ने नेताओं के साथ विक्ट्री साइन बनाकर फोटो भी खिंचवाए थे।ऐसा माना जा रहा है कि 9 जुलाई की रात से 12 जुलाई तक सभी पार्टियों अपने विधायकों को एक जगह पर रखेंगे। सिद्धिविनायक विजिट विजिट के बाद एनसीपी विधायकों को एक स्थान पर ठहराए जाने की चर्चा है। इसे विधान परिषद चुनावों से पहले शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। शरद पवार के खेमे से दावा किया गया था कि अजित पवार के साथ गए 19 विधायक लौटना चाहते हैं।

अजित पवार की पार्टी एनसीपी ने सिद्धिविनायक बप्पा के दर्शन को को विधानसभा अभियान का श्री गणेश करार दिया है तो अजित पवार की सिद्धिविनायक जाने पर संजय राउत ने तंज कसा है। राउत ने कहा है कि सिद्धिविनायक को भी पता है कौन चोरी और झूठ बोल रहा है, कौन उनके पास नेक बनने आ रहा है। राउत ने कहा कि वे सिद्धिविनायक के दर्शन कर रहे हैं। यह तो अच्छी बात है। बप्पा जानते हैं कि कौन पुण्य कर रहा है और कौन पाप कर रहा है। संजय राउत ने एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने महाराष्ट्र के मामले में जिस तरह का पाप किया है। सिद्धिविनायक इस तरह किसी को आशीर्वाद नहीं देते।

विधान परिषद चुनावों के बीजेपी ने पांच और अजित पवार और शिंदे की अगुवाई वाली एनसीपी और शिवसेना ने दो-दो कैंडिडेट खड़े किए हैं। ऐसे में महायुति की तरफ से कुल नौ कैंडिडेट हैं जबकि महाविकास आघाडी की तरफ से तीन कैंडिडेट मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस की तरफ प्रज्ञा सातव, शिवसेना यूबीटी से मिलिंद नार्वेकर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की पीजेंट पार्टी के नेता जयंत पाटिल का समर्थन किया है। 288 सदस्यों वाली विधानसभा में अभी मौजूदा विधायकों की संख्या 274 है। बता दें कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार की अगुवाई में तमाम विधायक मुंबई के सिद्धिविनायक में दर्शन के लिए गए थे। बप्पा के दर्शन करने के बाद अजित पवार ने लिखा था कि लोक कल्याण के लिए श्री गणेश, लोगों के विकास का जुनून। पवार ने लिखा था कि किसी भी कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा से होती है।अजित पवार की पार्टी एनसीपी ने सिद्धिविनायक बप्पा के दर्शन को को विधानसभा अभियान का श्री गणेश करार दिया है तो अजित पवार की सिद्धिविनायक जाने पर संजय राउत ने तंज कसा है। ऐसा माना जा रहा है कि 9 जुलाई की रात से 12 जुलाई तक सभी पार्टियों अपने विधायकों को एक जगह पर रखेंगे। सिद्धिविनायक विजिट विजिट के बाद एनसीपी विधायकों को एक स्थान पर ठहराए जाने की चर्चा है।

आखिर विवादों में कैसे फांसी IAS पूजा खेड़कर?

आज हम आपको बताएंगे कि IAS पूजा खेड़कर विवादों में कैसे फंसी है! महाराष्ट्र कैडर की प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर विवादों में आ गई हैं। पहले उनके ऊपर आरोप था कि कि उन्होंने पहले अपने रसूख का इस्तेमाल करके वीआईपी नंबर प्लेट मांगी। इसके बाद उसे ठेकेदार द्वारा दी गई निजी ऑडी पर लाल बत्ती लगाई। इतना ही नहीं पुणे कलेक्टर का निजी चैंबर छीन लिया था। इस सब के अलावा अब नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसमें कहा जा रहा है कि पूजा खेडकर ने कथित तौर पर आईएएस में शामिल होने के लिए अपना विकलांगता प्रमाण पत्र फर्जी बनाया था। इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र नौकरशाही से लेकर सरकार के गलियारों में हड़कंप की स्थिति है। पूजा खेडकर 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। पिछले महीने सरकार ने पूजा खेडकर का पुणे से वाशिम ट्रांसफर कर दिया गया था। 2023 बैच की आईएएस के विवाद में घिरे के बाद सरकार ने उनका तबादला पुणे से कर दिया था। पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर को मसूरी से ट्रेनिंग के बाद पणे में बतौर अपर कलेक्टर तैनाती मिली थी। वहां पर वह असिस्टेंट कलेक्टर पद की ट्रेनिंग के लिए गई थीं। विवाद में घिरने के बाद अब यह भी चर्चा शुरू हो गई कि यह फैसला राजनीतिक प्रभाव के कारण लिया गया था। मराठी पोर्टल लोकसत्ता ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि उन्होंने पुणे जिले में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर के रूप में शामिल होने से पहले पुणे कलेक्टर सुहास दिवस, रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर ज्योति कदम को एक व्हाट्सएप संदेश भेजा था। इसके बाद उन्होंने पूजा खेडकर द्वारा रखे गए फर्नीचर और अन्य सामान को बाहर निकालने का फैसला किया, लेकिन पूजा ने कलेक्टर को संदेश भेजा कि अगर तुम ऐसा करोगे तो मेरी बेइज्जती होगी।इसमें उन्होंने अलग केबिन, अलग कार, आवास की मांग की। तब यह सामने आया था कि प्रोबेशन पर चल रहे असिस्टेंट कलेक्टर को ये सुविधाएं देना नियमों के अनुरूप नहीं है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से बताया गया कि आवास मुहैया कराया जाएगा।

पूजा खेडकर 3 जून से 14 जून 2024 तक पुणे कार्यालय में रही थीं। इस दौरान उनसे अपेक्षा की गई थी कि वे कलेक्टर कार्यालय, कलेक्टर, रेजिडेंट कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे और काम कैसे किया जाता है, इसके बारे में जानकारी और अनुभव प्राप्त करेंगे। इसके बाद उनका तबादला अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में कर दिया जाएगा। चूंकि पुणे की रेजिडेंट सब-कलेक्टर ज्योति कदम एक महिला हैं, इसलिए खेडकर को 4 जून को मतगणना प्रक्रिया पूरी होने तक कदम के केबिन में बैठने और अनुभव प्राप्त करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया और ज्वाइनिंग के अगले ही दिन अलग कमरा मांगा था।

पूजा खेडकर के लिए पुणे कलेक्टर कार्यालय की कुलकिडा शाखा की चौथी मंजिल पर एक बैठक आयोजित की गई थी। लेकिन उन्होंने बैठक व्यवस्था को खारिज कर दिया। इसके बाद पूजा खेडकर ने अपने पिता दिलीप खेडकर के साथ पुणे कलेक्टर कार्यालय भवन में आवश्यक केबिन की खोज शुरू कर दी।

पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर ने पुणे के अपर कलेक्टर अजय मोरे के केबिन पर दावा किया। आरोप है कि पुणे के अपर कलेक्टर अजय मोरे 18 से 20 जून के बीच सरकारी काम से मुंबई गए थे। उस समय पूजा खेडकर ने अजय मोरे के सामने वाले कक्ष की टेबल, कुर्सियां, सोफा हटवा दिया और उस कक्ष पर कब्जा कर अपने लिए टेबल, कुर्सियां और फर्नीचर की व्यवस्था कर ली। इसकी शिकायत अपर कलेक्टर अजय मोरे ने कलेक्टर सुहास दिवस से की। इसके बाद उन्होंने पूजा खेडकर द्वारा रखे गए फर्नीचर और अन्य सामान को बाहर निकालने का फैसला किया, लेकिन पूजा ने कलेक्टर को संदेश भेजा कि अगर तुम ऐसा करोगे तो मेरी बेइज्जती होगी।

सामने आया है कि इस दौरान पूजा खेडकर अपनी एम्बर लाइट वाली ऑडी कार में आती-जाती थीं। पिछले महीने सरकार ने पूजा खेडकर का पुणे से वाशिम ट्रांसफर कर दिया गया था। 2023 बैच की आईएएस के विवाद में घिरे के बाद सरकार ने उनका तबादला पुणे से कर दिया था। पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर को मसूरी से ट्रेनिंग के बाद पणे में बतौर अपर कलेक्टर तैनाती मिली थी। वहां पर वह असिस्टेंट कलेक्टर पद की ट्रेनिंग के लिए गई थीं।अब सामने आ रहा है कि उन्होंने अपने विकलांगता प्रमाण पत्र फर्जी किया था, हालांकि इस पूरे विवाद पर अभी तक पूजा खेडेकर ने अपनी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जानिए IAS पूजा खेड़कर की कहानी!

आज हम आपको IAS पूजा खेड़कर की कहानी सुनाने जा रहे हैं! 58 वर्षीय एक व्यक्ति तहसीलदार पर चिल्लाता है, तुम कभी भी एडिशनल कलेक्टर के लेवल पर प्रमोट नहीं हो सकोगे। तहसीलदार पुणे की जिला मशीनरी में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति है। वह तहसीलदार का सीनियर नहीं है, जिला प्रशासन का हिस्सा भी नहीं है, फिर भी एक सरकारी कर्मचारी को डांटने की हिम्मत रखता है। ये व्यक्ति जो एक लड़की का पिता है, उसकी इस बात के बाद ऐसा लगता है कि ऐसा व्यवहार इन लोगों की एक पारिवारिक विशेषता है क्योंकि इस शख्स की बेटी, 33 वर्षीय ट्रेनी आईएएस अधिकारी डॉ पूजा खेडकर न केवल अपने अधीनस्थों बल्कि सीनियर जिला अधिकारियों को भी धमकाने और डराने के लिए सुर्खियों में रही हैं। वहीं, अब पूजा की मां मनोरमा का किसानों को ‘डराने’ के लिए पिस्तौल लहराते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। अगर आपने पूजा की कहानी नहीं पढ़ी है, तो बता दें कि वह 2023 बैच की आईएएस प्रोबेशनर हैं, जिन्हें हाल ही में कथित कदाचार के लिए पुणे कलेक्टर के कार्यालय से विदर्भ के वाशिम जिले में ‘सुपरन्यूमेरी असिस्टेंट कलेक्टर’ के रूप में ट्रांसफर किया गया था। यह तब हुआ जब पुणे के जिला कलेक्टर सुहास दिवासे ने 24 जून को महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन गडरे को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि ‘प्रशासनिक जटिलताओं’ से बचने के लिए पूजा को दूसरे जिले में ट्रांसफर किया जाए।

दिलचस्प बात यह है कि पूजा को पुणे कलेक्टर के कार्यालय में सिर्फ तीन हफ्ते पहले, 3 जून को ही तैनात किया गया था। साथ ही, वह एक स्थायी आईएएस अधिकारी नहीं है, बल्कि एक प्रोबेशनर हैं। 30 जुलाई, 2025 को उनका प्रोबेशन खत्म होने के बाद, उन्हें एक परीक्षा पास करने के लिए चार साल मिलेंगे। अगर वह फेल हो जाती हैं, तो उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।

पूजा का बेहद छोटा ‘करियर’ उनकी मांगों के लिए उल्लेखनीय रहा है। आइए उनके पिता दिलीप खेडकर के पुणे के तहसीलदार दीपक आकाडे के साथ हुए झगड़े पर वापस चलते हैं। आकाडे ने कलेक्टर कार्यालय को जो रिपोर्ट दी है, उसमें कहा गया है कि यह 3 जून को काम शुरू करने के कुछ समय बाद हुआ। उन्होंने कहा कि पिता और बेटी उसके लिए एक केबिन चुनने के लिए कार्यालय में घुस गए। उन्हें चौथी मंजिल पर एक अटैच्ड टॉयलेट वाला वीआईपी केबिन पसंद आया और यह पूजा को दे दिया गया। लेकिन फिर, उसने बिजली की फिटिंग में कुछ बदलाव की मांग की जो नहीं किया जा सका। इसलिए, उसने गुस्से में आकर केबिन लेने से इनकार कर दिया, जिसके कारण पापा खेडकर ने आकाडे के निराशाजनक करियर ग्राफ की भविष्यवाणी कर दी। इसके बाद उन्होंने 5वीं मंजिल पर एक केबिन की मांग की। वहां कलेक्टर और अतिरिक्त कलेक्टर के केबिन स्थित हैं और उन्हें यह मिल गया।

पूजा ने आखिरकार अतिरिक्त कलेक्टर अजय मोरे के पहले के चैम्बर पर कब्जा कर लिया। 13 जून को उसकी मोरे के साथ मीटिंग थी और अजीब बात यह है कि उसके पिता भी उसके साथ थे। मीटिंग के अंत तक पूजा को एक स्वीकार्य कार्यालय मिल गया था। पांच दिन बाद, उसने मोरे को, जो 18 से 20 जून तक काम के लिए मुंबई में थे, चैंबर से बेदखल करके अपना आभार व्यक्त किया। पूजा ने कथित तौर पर मोरे की नेमप्लेट हटा दी और उनकी सहमति के बिना फर्नीचर बाहर ले गई। आकाडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने लेटरहेड, विजिटिंग कार्ड, टेबलटॉप ग्लास, पेपरवेट, तिरंगा, प्रतीक, नेमप्लेट, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरकॉम फोन और अन्य सुविधाओं की भी मांग की, जबकि बुनियादी सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध थीं।

खास बात है कि पूजा अपनी पोस्ट जॉइन करने से पहले ही वो मांग कर रही थी जिन्हें पूरा नहीं किया जा सकता था। 23 मई को उन्होंने रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर (RDC) ज्योति कदम को एक वॉट्सएप मैसेज भेजा था। इसमें उसने “आवास, यात्रा, केबिन आदि” के बारे में अपडेट मांगा था। उसने जवाब दिया कि पूजा के जॉइन करने के बाद सभी व्यवस्थाएं नियमों के अनुसार की जाएंगी। एक अन्य मैसेज में पूजा ने RDC को डांटा: ‘वापस कॉल करने में कोई समस्या है?’ 27 मई को पूजा ने RDC कदम को निर्देश जारी किए: ‘कृपया 3 तारीख को मेरे जॉइन करने से पहले निर्धारित केबिन और कार का काम करवा लें। उसके बाद समय नहीं मिलेगा। अगर यह संभव नहीं है, तो मुझे बताएं, मैं कलेक्टर साहब से इस बारे में बात करूंगी।’ प्रशासनिक सेवा में नया होने के बावजूद पूजा का आरडीसी पर आश्चर्यजनक प्रभाव था। कलेक्टर की कार्यकुशलता पर उसे पूरा भरोसा था।

दिलीप खेडकर असल में कौन हैं? वे एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं, जिन्होंने हाल ही में महाराष्ट्र के अहमदनगर निर्वाचन क्षेत्र से वंचित बहुजन अघाड़ी के टिकट लोकसभा चुनाव लड़ा था। वे 1% वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। हालांकि, वे एक अमीर व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में 40 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। साथ ही 43 लाख रुपये की वार्षिक आय का दावा किया है।

वैसे भी, मोरे के चैंबर में बदलाव करने के लिए कलेक्टर द्वारा उनके खिलाफ की गई त्वरित कार्रवाई ने पूजा को बेचैन कर दिया। शुक्रवार, 21 जून को, उन्होंने अपने दुख को व्यक्त करते हुए कलेक्टर को एक वॉट्सएप संदेश भेजा: ‘अगर मुझे मेरे नए केबिन से हटा दिया जाता है, तो मैं बहुत अपमानित महसूस करूंगी और मुझे डर है कि मैं इसे सहन नहीं कर पाऊंगी। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप मेरा अपमान न करें।’ उन्होंने मराठी में लिखा।

पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पूजा की ऑडी की तस्वीरें देखी हैं। उनका विभाग मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू करेगा। पुणे पुलिस ने 11 जुलाई को इस मामले में व्यापक जांच शुरू की। जब वे पूजा के पारिवारिक बंगले पर गए तो उसका गेट अंदर से बंद था। वीडियो में उनकी मां को एक नुकीली चीज से वीडियो कैमरे पर वार करते हुए देखा जा सकता है। उन्हें यह धमकी देते हुए भी सुना गया कि अगर उनकी बेटी को कुछ हुआ तो वह मीडिया कर्मियों को सलाखों के पीछे डाल देंगी। और अब पता चला है कि पूजा की ऑडी पर 26,000 रुपये के 21 ट्रैफिक चालान बकाया हैं। सबसे पुराने चालान 2022 तक पेंडिंग हैं।

आखिर पहाड़ों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

आज हम आपको बताएंगे कि पहाड़ों में मौसम का मिजाज आखिर कैसा रहेगा! दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून में जहां बारिश पर ब्रेक लग गया है और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं मुंबई में भारी बारिश जारी है। बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस हफ्ते दिल्ली में उमस और बढ़ेगी वहीं अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, गुजरात में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम। मुंबई में इस सप्ताह भी बारिश जारी रहेगी। कभी कम तो कभी ज्यादा, लेकिन मॉनसून सुस्त नहीं पड़ेगा। यह बात मौसम विशेषज्ञों ने कही है। इसी बीच, मुंबई के लिए सोमवार को जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट अब मंगलवार के लिए कर दिया गया है। जून महीने में मॉनसून का आगमन भले ही दो दिन पहले हो गया हो, लेकिन मॉनसून सुस्त पड़ने से बारिश का सामान्य कोटा भी तब पूरा नहीं हुआ था। जितनी बारिश जून के पूरे महीने में नहीं हुई, उतनी बारिश जुलाई के 13 दिनों में ही हो चुकी है। मौसम विशेषज्ञ ऋषिकेश आग्रे ने बताया कि इस सप्ताह भी बारिश का जोर जारी रहने वाला है। मॉनसून काफी सक्रिय है।

राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में रविवार को बारिश हुई, जिससे लोगों को लंबे समय से चली आ रही उमस से राहत मिली। शनिवार की रात असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार धेमाजी जिले के गोगामुख राजस्व सर्कल में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस साल बाढ़, भूस्खलन, तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से कुल 107 लोगों की मौत हो चुकी है।आईएमडी के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत तापमान से दो डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने आज भी हल्की बारिश के साथ आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान व्यक्त किया है। दिल्ली में इन दिनों उमस भरी गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है। लगातार तापमान बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस हफ्ते गर्मी और बढ़ सकती है।

मॉनसून की सक्रियता के चलते बीते चौबीस घंटे में राज्य के जयपुर, झालावाड़ व भरतपुर जिले में कई जगह भारी बारिश हुई।मौसम केंद्र, जयपुर के अनुसार रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में राज्य में कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्के से मध्यम स्तर की और जयपुर, झालावाड़ व भरतपुर जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज भी राजस्थान के कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है।

असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को सुधार जारी रहा और पूरे प्रदेश में जलस्तर तेजी से घट रहा है । अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने भी बराक घाटी और मध्य असम के कुछ जिलों में बारिश की भविष्यवाणी के अलावा कोई चेतावनी जारी नहीं की है। शनिवार की रात असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार धेमाजी जिले के गोगामुख राजस्व सर्कल में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस साल बाढ़, भूस्खलन, तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से कुल 107 लोगों की मौत हो चुकी है।

लखनऊ शहर में रविवार को बादलों की आवाजाही जारी रही और कुछेक इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। जितनी बारिश जून के पूरे महीने में नहीं हुई, उतनी बारिश जुलाई के 13 दिनों में ही हो चुकी है। मौसम विशेषज्ञ ऋषिकेश आग्रे ने बताया कि इस सप्ताह भी बारिश का जोर जारी रहने वाला है। मॉनसून काफी सक्रिय है।इससे दिनभर उमस बरकरार रही। इस दौरान अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बता दें कि मुंबई में इस सप्ताह भी बारिश जारी रहेगी। कभी कम तो कभी ज्यादा, लेकिन मॉनसून सुस्त नहीं पड़ेगा। यह बात मौसम विशेषज्ञों ने कही है। इसी बीच, मुंबई के लिए सोमवार को जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट अब मंगलवार के लिए कर दिया गया है। जून महीने में मॉनसून का आगमन भले ही दो दिन पहले हो गया हो, लेकिन मॉनसून सुस्त पड़ने से बारिश का सामान्य कोटा भी तब पूरा नहीं हुआ था। इससे पहले न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, नए हफ्ते में फिलहाल उमस से राहत के आसार नहीं हैं। अमौसी स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एम दानिश ने बताया कि शहर में सोमवार को आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।

भारतीय नौसेना के लिए रूस ने बनाया ‘मेघनाद’, क्या हैं इस स्टील्थ फ्रिगेट की खूबियां?

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आईएनएस तुसिल का नौसेना युद्ध परीक्षण पहले ही शुरू हो चुका है। उस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना के 200 अधिकारी और कर्मी रूस में हैं। वह पीछे से दुश्मन पर घातक प्रहार कर सकता है। रबाम-पुत्रो इंद्रजी यानी मेघनाद की तरह हैं। अब रूस की तकनीकी सहायता से भारतीय नौसेना को ‘मेघनाद’ मिलने जा रहा है।

2016 में हुए समझौते और 2018 में हस्ताक्षरित अंतिम समझौते के अनुसार, रूस के कलिनिनग्राद शिपयार्ड ने भारतीय नौसेना के लिए दो स्टील्थ फ्रिगेट बनाए हैं। इसके पहले चरण यानी आईएनएस तुसिल का समुद्री युद्ध परीक्षण शुरू हो चुका है। उस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना के 200 अधिकारी और कर्मी रूस में हैं। 2018 के सौदे के अनुसार, रूस भारतीय नौसेना के लिए चार आईएनएस तलवार श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट का निर्माण करेगा। कॉन्ट्रैक्ट की कुल रकम 2.5 अरब डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ टका) है। संयोग से, भारतीय नौसेना को आधुनिक बनाने की पहल यूपीए सरकार के दौरान शुरू की गई थी। उस योजना के हिस्से के रूप में, पी-1 परियोजना के तहत कुल सात स्टील्थ फ्रिगेट का निर्माण लगभग डेढ़ दशक पहले शुरू हुआ था। बाद में आधुनिक तलवार श्रेणी के युद्धपोत बनाने के लिए रूस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान युद्ध के खतरे के साथ स्टील्थ तकनीक की शुरुआत हुई। बाद में इस तकनीक का इस्तेमाल युद्धपोतों, पनडुब्बियों और यहां तक ​​कि सैन्य हेलीकॉप्टरों में भी किया गया। हिटलर के जर्मनी ने गुप्त हमलों को अंजाम देने के लिए प्रायोगिक तौर पर पारदर्शी फाइबर से बने लड़ाकू विमान विकसित किए। लेकिन दो समस्याएं हैं. उस लड़ाकू की हथियार ले जाने की क्षमता बहुत कम थी. इसके अतिरिक्त, दिन की उड़ानों के दौरान, सूरज एक निश्चित कोण पर चमकता है और इसे चमकदार बनाता है। आसानी से देखा जा सकता है. परिणामस्वरूप नटी एकनायक की वह योजना सफल नहीं हो सकी।

संयोग से, रडार का उपयोग पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दुश्मन के विमानों का पता लगाने के लिए किया गया था। तभी राडार निगरानी से बचने के लिए प्रौद्योगिकी की खोज शुरू हुई। जर्मनी भी इस संबंध में अग्रणी था। उस देश के वैमानिकी इंजीनियरों ने परीक्षण किया कि रडार द्वारा उत्सर्जित रेडियो तरंगें वापस लौट आती हैं, खासकर विमान के मुख्य भाग से टकराने के बाद। विमान के शरीर को छोटा करने और पंखों को लंबा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के चरणों के दौरान रडार निगरानी से बचने के लिए ‘हार्टन 229’ नामक एक लड़ाकू विमान विकसित किया। लेकिन युद्ध में इसका प्रयोग करने से पहले ही हिटलर हार गया।

यानी अगर आपको राडार निगरानी से बचना है तो आपको उन रेडियो तरंगों से बचना होगा। इसकी पहचान करना. एंटी-रडार ‘स्टील्थ तकनीक’ का लक्ष्य एक ही है – किसी विमान या जहाज से रेडियो तरंगों को रडार पर सटीक रूप से लौटने से रोकना। इसके लिए, रेडियो तरंगों को अवशोषित या प्रतिबिंबित करने के लिए सामग्रियों और प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाता है। विशेष धातुओं और कार्बन फाइबर से बने स्टील्थ लड़ाकू विमान या फ्रिगेट और विध्वंसक भी ऐसा ही कर सकते हैं। सामान्य धातुओं से बने युद्धक विमानों या युद्धपोतों के लिए यह संभव नहीं है।

ओमान के समुद्र में तेल टैंकर डूबने से कुल 16 लोगों की मौत हो गई. इनमें से 13 भारतीय थे. भारतीय नौसेना ने बुधवार को कई घंटों की मशक्कत के बाद नौ लोगों को बचाया. इनमें आठ भारतीयों के अलावा एक श्रीलंकाई भी शामिल है. पांच भारतीयों समेत सात लोग अब भी लापता हैं.

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तेग को ओमान के उस हिस्से के जल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाने के लिए तैनात किया गया था। इसके अलावा P8I विमान इस काम में नौसेना की मदद कर रहा है.

तेल टैंकर ओमान के डुक्म बंदरगाह के पास रास मद्राका के दक्षिण-पूर्व में समुद्र में पलट गया। माना जा रहा है कि हादसा मौसम की वजह से हुआ। बताया जा रहा है कि मौसम की वजह से बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है. क्षेत्र में समुद्र अभी भी उग्र है। हवा चल रही है। जहाज पर कुल 16 लोग सवार थे. इनमें 13 भारतीय और तीन श्रीलंकाई हैं। डुक्म बंदरगाह ओमान के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित है। देश में कुछ महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र हैं। यहां एक बड़ी तेल रिफाइनरी भी है. देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा इस पर निर्भर करता है. भारत, श्रीलंका समेत कई दक्षिण एशियाई देशों से कई लोग उन तेल खदानों और रिफाइनरियों में काम करने जाते हैं। 15 जुलाई को ओमान के तट रक्षक को जहाज़ के डूबने के बारे में एक आपातकालीन संदेश मिला। कथित तौर पर तेल टैंकर यमन के अदन बंदरगाह की ओर जा रहा था।

ओमान के समुद्र में हुए इस हादसे की खबर मिलने के बाद भारतीय प्रशासन ने कार्रवाई की. भारत के मुताबिक, दूतावास ओमानी सरकार और तटरक्षक बल के साथ लगातार संपर्क में है। भारतीय नौसेना भी इलाके में ऑपरेशन चला रही है.

मालूम हो कि 117 मीटर लंबे इस टैंकर का निर्माण 2007 में किया गया था। मूल रूप से यह तेल टैंक ले जाता है। हालाँकि, इस जहाज का उपयोग छोटी यात्राओं पर माल ढोने के लिए किया जाता था। संबंधित प्रशासन ने कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के अलावा जहाज के डूबने के पीछे कोई अन्य कारण है या नहीं, इसकी जांच बचाव अभियान पूरा होने के बाद की जाएगी।

बीयर शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है, लेकिन बालों के लिए!

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अगर सिर की त्वचा स्वस्थ नहीं है तो बालों का झड़ना रोका नहीं जा सकता। नियमित रूप से तेल और शैंपू लगाने से स्कैल्प को साफ रखा जा सकता है। लेकिन, इससे बालों को पोषक तत्व नहीं मिल पाते। कुछ दिनों पहले फैटी लीवर की समस्या का पता चला था। यह जानने के बाद उन्होंने बीयर पीना बंद कर दिया। लेकिन फ्रिज में अभी भी बीयर की कई बोतलें हैं। दोस्तों से मिलने में बहुत देर हो गई. तो अब बोतलबंद बियर का क्या उपयोग? बहुत से लोग नहीं जानते होंगे, लेकिन बीयर बालों के लिए बहुत अच्छी होती है।

अगर सिर की त्वचा स्वस्थ नहीं है तो बालों का झड़ना रोका नहीं जा सकता। नियमित रूप से तेल और शैंपू लगाने से स्कैल्प को साफ रखा जा सकता है। लेकिन बीयर बालों की जड़ों को पोषण देने में विशेष रूप से प्रभावी है। खोपड़ी के संक्रमण को रोकने से लेकर समय से पहले बूढ़ा होने से रोकने तक – बीयर की कई भूमिकाएँ हैं।

बियर में ऐसा क्या है जो बालों के लिए अच्छा है?

1) मादक पेय पदार्थों में विटामिन बी12 होता है। यह घटक समय से पहले बूढ़ा होने से रोकता है।

2) बीयर में जिंक, बायोटिन, फोलेट, कैल्शियम और विटामिन डी भी होता है। ये सभी तत्व बालों और स्कैल्प को स्वस्थ रखते हैं। यह पेय सिर की त्वचा के पीएच संतुलन को बनाए रखने में भी मदद करता है।

3) बीयर में सिलिकॉन और सेलेनियम होता है। खनिज सिलिकॉन बालों के झड़ने को रोकने में मदद करता है। और सेलेनियम बालों के प्राकृतिक काले रंग को बनाए रखने में मदद करता है।

बियर कितनी बार पियें?

हेयर स्टाइलिस्टों का कहना है कि आप सप्ताह में कम से कम दो बार शैंपू करने के बाद अपने बालों को बीयर से धो सकते हैं। बीयर में प्रोटीन होता है. यह हेयर कंडीशनर की तरह काम करता है। यह ड्रिंक बालों को बनाए रखने में भी मदद करता है। सल्फेट-मुक्त शैंपू स्कैल्प के लिए अच्छे होते हैं। लेकिन यह स्कैल्प को अच्छे से साफ नहीं करता है क्योंकि इसमें क्षार की मात्रा कम होती है। आपको एक बार के बजाय कम से कम तीन बार शैंपू करना चाहिए। इसलिए कुछ लोगों के लिए रासायनिक शैंपू बेहतर होते हैं। फिर, ऐसे लोग भी हैं जो सल्फेटेड शैंपू पसंद नहीं करते क्योंकि वे पूरे सिर पर झाग लगाते हैं और एक ही समय में मुट्ठी भर बाल खींचते हैं। और ऐसे लोगों का एक समूह है जो इन दो विचारों के बीच भ्रमित हैं और केवल हर्बल सामग्री पर भरोसा करना चाहते हैं। वे कौन सी सामग्रियां हैं जिनका उपयोग स्टोर से खरीदे गए शैम्पू के स्थान पर किया जा सकता है?

1) रीता

आप बाजार से रीठाफल खरीद सकते हैं और इसे पानी में उबालकर उपयोग कर सकते हैं। फिर से, आप रीटा पाउडर खरीद सकते हैं और इसे गर्म पानी में मिलाकर स्कैल्प पर लगा सकते हैं। शैम्पू की तरह झाग बनाता है, जिससे सिर की त्वचा बिना किसी रसायन के साफ हो जाती है।

2) दही

केवल सिर पर दही लगाने से बाल तैलीय हो सकते हैं। इसलिए स्कैल्प को साफ करने के लिए दही में नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को अपने सिर पर कुछ देर के लिए रखें। इसके बाद गुनगुने पानी से धो लें.

3) जवाफुल

स्वस्थ बालों के लिए जबाफुल का उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है। कुछ लोग जाबाफुल पाउडर को मेहंदी में मिलाते हैं। दूसरे लोग जबाफूल का तेल सिर पर लगाते हैं। लेकिन जबाफुल बाटा को आप स्कैल्प को साफ करने के लिए शैंपू के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

4)एलोवेरा

अगर सिर की त्वचा संवेदनशील है तो आप आंखें बंद करके एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। एलोवेरा की पत्तियों के अर्क को ब्लेंड करके स्कैल्प पर लगाएं। आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से धो लें।

5) मेथी

मेथी को रात भर भिगोकर रखें और सुबह पीस लें। इस बार नहाने से पहले इसे अपने सिर पर लगाएं और कुछ देर तक ऐसे ही रहने दें। सुखाने की जरूरत नहीं. 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें.

कुछ दिनों पहले फैटी लीवर की समस्या का पता चला था। यह जानने के बाद उन्होंने बीयर पीना बंद कर दिया। लेकिन फ्रिज में अभी भी बीयर की कई बोतलें हैं। दोस्तों से मिलने में बहुत देर हो गई. तो अब बोतलबंद बियर का क्या उपयोग? बहुत से लोग नहीं जानते होंगे, लेकिन बीयर बालों के लिए बहुत अच्छी होती है।