Sunday, June 23, 2024
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पिता बोले: बेटा हेल्थ सेक्टर में कुछ करना चाहता था, उसका शरीर मेडिकल छात्रों के आएगा काम

यूक्रेन की खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई करने गए नवीन शेखरप्पा या फिर उसके परिजनों ने नहीं सोचा था कि नवीन अपनी डिग्री के साथ वापस कभी नहीं लौट पाएगा, लौटेगा तो नवीन का शव, नवीन शेखरप्पा वही भारतीय छात्र है जिसकी यूक्रेन में रूसी हमलें में मौत हो गई थी, 21 साल के नवीन की जान तब गई जब वह राशन की लाइन में लगा था, तभी अचानक रूसी सेना के हमलें में उसकी जान चली गई, 20 दिन बाद नवीन का पार्थिव शव 21 मार्च को उसके घर कर्नाटक पहुंचेगा।यूक्रेन के खार्किव शहर में युद्ध के दौरान जान गंवाने वाले MBBS छात्र नवीन शेखरप्पा का पार्थिव देह 21 मार्च को बेंगलुरु पहुंचेगा। नवीन के पिता शंकरप्पा ने बताया- गांव में वीरा शैव परम्परा से पार्थिव शरीर का पूजन करके उसे दावणगेरे के SS अस्पताल को मेडिकल स्टडीज के लिए दान किया जाएगा। नवीन कर्नाटक के हावेरी जिले के रहने वाले थे। 1 मार्च को यूक्रेन के खार्किव में गोली लगने से उनका निधन हो गया था।नवीन के दोस्तों की माने तो स्टूडेंट्स का ग्रुप सोमवार को रवाना हुआ, लेकिन नवीन ने कहा कि थोड़ा इंतजार करते हैं, ताकि जूनियर्स को भी साथ ले जा सकें। नवीन का कहना था कि उन्हें यूक्रेन आए बहुत कम वक्त हुआ है। वे सभी बुधवार की सुबह खारकीव छोड़ने वाले थे। मंगलवार जब वो खाना लेने गया, तब उसकी मौत हो गई।

वीन के पिता शंकरप्पा ने कहा- मेरा बेटा चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ हासिल करना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कम से कम उसके शरीर का उपयोग अन्य मेडिकल छात्र पढ़ाई के लिए कर सकते हैं। इसलिए, हमने चिकित्सा अनुसंधान के लिए अपने बेटे का शरीर दान करने का फैसला किया है।शंकरप्पा ने बताया- नवीन का शव सोमवार को सुबह 3 बजे बेंगलुरु हवाई अड्डे पर पहुंचेंगा। वहां से सुबह 9 बजे तक शव हमारे गांव पहुंच जाएगा, फिर हम वीरा शैव परम्परा के अनुसार पूजा करेंगे और फिर हम उसे जनता के दर्शन के लिए रखेंगे। इसके बाद शरीर को मेडिकल स्टडी के लिए SS अस्पताल दावणगेरे को दान कर देंगे।

 

मुख्यमंत्री ने किया गांव आने का वादा

शंकरप्पा ने बताया- हमें हावेरी जिला कलेक्टर कार्यालय और अमीरात उड़ान सेवा से नवीन की पार्थिव देह आने का मैसेज मिला है। कम से कम अब हम खुश हैं कि हमारे बेटे का शव वापस लाया गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मुझसे बात की और बेंगलुरु हवाई अड्डे और गांव आने का वादा किया है।

रूसी गोलीबारी में हुई थी मौत

MBBS के छात्र नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौदर कर्नाटक के हावेरी जिले के रहने वाले थे। खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी का 21 साल के नवीन खाना खरीदने के लिए कतार में खड़े थे, तभी रूसी गोलीबारी में उनकी मौत हो गई थी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने नवीन के परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया है।

97 फीसदी अंक लाकर भी सीट नहीं मिली थी

नवीन की मौत की खबर मिलने के बाद उनके पिता शंकरप्पा ने मीडिया से कहा था- भारत में जाति के हिसाब से सीटें आवंटित की जाती हैं। PUC में 97 फीसदी अंक हासिल करने के बावजूद मेरा बेटा राज्य में मेडिकल सीट हासिल नहीं कर सका था, इस वजह से उसे पढ़ाई के लिए यूक्रेन भेजना पड़ा था।

क्या है ऑपरेशन गंगा जानिए 

मालूम हो कि यूक्रेन में रूस और यूक्रेन के बीच युध्द के बाद बड़ी संख्या में भारतीय वहां से लौटे हैं। युध्द की वजह से पैदा हुई चुनौतियों के बीच भारतीय सरकार ने लगभग 22,500 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की है। आपरेशन गंगा के तहत निकाले गए लोगों में ज्यादातर मेडिकल छात्र हैं।यूक्रेन (Ukraine) और रूस (Russia) के बीच भीषण जंग जारी है. भारतीय नागरिक बड़ी संख्या में यूक्रेन में फंस गए हैं. ऑपरेशन गंगा (Opration Ganga) के तहत भारत सरकार अपने नागरिकों को वापस लाने के प्रयासों में जुटी है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भारतीय वायुसेना से कहा है कि छात्रों को बाहर निकलने के लिए जवान मिशन में जुट जाएं.प्रधानमंत्री मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंच कर भारतीयों को सुरक्षित एवं सुगम तरीके से निकालने में कॉर्डिनेशन जिम्मेदारी दी है. इसके तहत, केंद्रीय मंत्री वी के सिंह पोलैंड में, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया में, हरदीप पुरी हंगरी में और ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और माल्डोवा से कमान संभाल  रहे है .

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