असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि COVID-19 टीकाकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन जो लोग वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते, उन्हें घर पर रहना चाहिए. यहां मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कोविड -19 के खिलाफ टीकाकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन

बिना वैक्सीन लगवाए हुए लोग बैठकों में शामिल नहीं हो सकते हैं, कार्यालयों(office) और रेस्तरां (restorent) में नहीं जा सकते. जो लोग वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते, वे घर पर रह सकते हैं उन्होंने कहा कि राज्य में अभी लॉकडाउन (Lockdown) लगाने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है. असम में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 2,355 नए मामले आए थे और पांच लोगों की मौत दर्ज की गई थी. राज्य में पॉजिटिविटी रेट 7.70 फीसदी दर्ज की गई. वहीं एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 15,300 हो चुकी है.

जरूरत होगी तो कोविड -19 टीकाकरण प्रमाण पत्र दिखाना होगा -हिमंत बिस्वा सरमा

सरमा ने पिछले सप्ताह कहा था कि कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट के साथ राज्य में एक जनवरी से इस महामारी की तीसरी लहर आ चुकी है और अब सरकार कोविड-19 के सभी मरीज को ओमिक्रॉन का संभावित मामला मानकर उसका इलाज करेगी.उन्होंने कहा था, “इसलिए, हम मानकर चलते हैं कि इस समय असम में ओमिक्रॉन के ढेर सारे मामले हैं. अब हमने सभी पॉजिटिव मामलों को ओमिक्रॉन के रूप में लेने का फैसला किया और हम उसी के अनुसार उनका इलाज करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने जो कहा है, वही राज्य सरकार भी कह रही है. उन्होंने कहा,’असम में, यदि जरूरत होगी तो कोविड -19 टीकाकरण प्रमाण पत्र दिखाना होगा. हम जनविरोधी कार्य नहीं होने दे सकते. ‘उन्होंने ये भी कहा कि गुवाहाटी में 100 फीसदी लोगों को पहली और दूसरी डोज लग चुकी है

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने जो कहा है, वही राज्य सरकार भी कह रही है. उन्होंने कहा, ‘असम में, यदि जरूरत होगी तो कोविड -19 टीकाकरण प्रमाण पत्र दिखाना होगा. हम जनविरोधी कार्य नहीं होने दे सकते. ‘उन्होंने ये भी कहा कि गुवाहाटी में 100 फीसदी लोगों को पहली और दूसरी डोज लग चुकी है. इस बीच, असम सरकार ने रात के कर्फ्यू के समय को भी अगले आदेश तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बदल दिया है. इससे पहले, असम में रात के कर्फ्यू का समय सुबह 11.30 बजे से शाम 6 बजे तक था.