Sunday, February 25, 2024
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मॉडल पूनम पांडे की मौत के झूठे नाटक के लिए क्या बोले लोग?

मॉडल पूनम पांडे की मौत के झूठे नाटक के लिए लोगों ने सोशल मीडिया पर कॉमेंट्स की बहार ला दी है! मजाक करने की भी एक सीमा होती है लेकिन पूनम पांडे ने तो सारी हदें ही पार कर दीं। मजाक भी ऐसा कि लोग अब तक इसे नहीं पचा पा रहे हैं। कैंसर जैसी घातक और जानलेवा बीमारी के लिए कोई ऐसे जागरुकता फैलाता है भला! वो कैंसर जिसका नाम सुनकर देश ही नहीं दुनियाभर के लोगों की सांसें ऊपर नीचे होने लगती हैं, जिससे जूझते हुए मरीज ही नहीं पूरा घर टूट जाता है, ऐसा रोग जिससे लड़ते-लड़ते हर साल भारत में 10 लाख लोग काल के गाल में समा जाते हैं। आपने उसके नाम पर ऐसा भद्दा मजाक किया? कैंसर के जिस प्रकार के नाम पर आपने अपने मौत की झूठी स्क्रिप्ट लिखी, उससे जूझने वाली महिलाओं के दर्द की कल्पना मात्र भी कर लेतीं तो शायद आपको यह सब न करना पड़ता। 24 घंटे पहले(शुक्रवार), सर्वाइकल कैंसर की बीमारी के चलते अपने फैंस को अलविदा कहने वाली पूनम ठीक 24 घंटे बाद यानी आज शनिवार को कैमरे पर आती हैं और कहती हैं कि मेरी मौत की अफवाह झूठी थी और मुझे सर्वाइकल कैंसर नहीं था। मैं तो बस महिलाओं में तेजी से फैल रहे इस रोग के लिए जागरूक करना चाहती थी। इस चीप कहें या सस्ती पब्लिसिटी, आपको क्या मिला? फैंस ही नहीं, बाकी लोग भी आपके इस कृत्य से गुस्से में हैं। पूरा सोशल मीडिया आप पर गुस्सा निकाल रहा है। आपको अंदाजा भी नहीं है कि आपने जो किया है, उसका क्या रिजल्ट निकल सकता है। पूनम जी जिस बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के नाम पर आपने अपने आपको ही मार दिया, उस कैंसर की गंभीरता को आप समझिए। शायद आप ऐसा चीप स्टंट करने से पहले 100 बार सोचें। पूनम पांडे का फैन बेस क्या है, किसी से छिपा नहीं है। जो पूनम पांडे को जानते हैं उन्हें यह भलीभांति मालूम है। इसे विस्तार से बताने की जरूरत नहीं है। चूंकि पूनम मॉडल भी हैं तो फिल्म इंडस्ट्री से भी उनका थोड़ा बहुत नाता है। शुक्रवार को जो फैंस उनकी झूठी मौत पर शॉक थे, सांत्वना दे रहे थे, आंसू बहा रहे थे, वही 24 घंटे बाद गुस्सा निकाल रहे हैं। गुस्सा इस बात का कि जिस कैंसर के बाद महिलाएं अपना जीवन गंवा बैठती हैं, उसके नाम पर पूनम ने अपने मौत की फर्जी कहानी गढ़ी थी। सिर्फ इसके लिए कि वह इस घातक बीमारी के बारे में जागरुक कर सकें। सोशल मीडिया पर लोग भड़के हुए हैं। ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर ने कहा कि यह बेहद असंवेदनशील कैंपेन था। बहुत गिरा हुआ था। अरविंद तोंडे नामक यूजर ने लिखा कि जागरुकता ऐसी फैलाओ कि 4 लोग गाली दें। कई इंस्टा यूजर ने तो लिखा की पूनम आपको शर्म आनी चाहिए।

डॉक्टर क्यूटरस के नाम से मशहूर डॉक्टर तान्या ने भी पूनम का विरोध करते हुए कहा कि मुझे अपने इस घटिया जागरुकता अभियान से मत जोड़ो। मैं बहुत दिनों से इस सर्वाइकल कैंसर को लेकर दी जाने वाली वैक्सीन के लिए जागरुकता अभियान चला रही हूं। तब तक शायद आपके इस घटिया सोच का जन्म भी नहीं हुआ था। यह कदम बेहद असंवेदनशील था। जाने-माने फिल्मकार और इंडियन फिल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पंडित ने कहा कि यह बहुत ही दुखद और चौंकाने वाला है। जिस तरह से एक एक्ट्रेस ने सर्वाइकल कैंसर के चलते अपनी मौत की खबर का एलान किया। उन्होंने लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने मॉडल पूनम पांडे और उनके मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मुंबई के विक्रोली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र लिखा है।

अब सर्वाइकल कैंसर क्या है और कैसे शरीर पर हमला कर उसे कमजोर कर देता है, समझते हैं। डॉक्टर के शब्दों में समझेंगे तो आसानी से बात समझ आ जाएगी। मशहूर गायनेकोलॉजिस्‍ट डॉ. शारदा जैन ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर HPV मतलब ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के कारण होता है। यह वायरस पहले महिला के शरीर में प्रवेश कर गर्भाशय के अंदर के हिस्से को संक्रमित करता है। यह इतनी खामोशी से अंदर घुसता है कि महिलाओं को इसका इल्म भी नहीं होता। शरीर में घुसते ही यह अपने आपको बढ़ाने लगता है। कैंसर का रूप ले लेता है। यह किसी भी उम्र में महिलाओं को अपना शिकार बना लेता है। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि 70 फीसदी महिलाओं में यह 30 साल में ही डायग्नोस हो जाता है। यह वायरस शारीरिक संपर्क बनाने की वजह से भी शरीर के अंदर घुस सकता है।

सर्वाइकल कैंसर से जुड़े आंकड़े डराते हैं। महिलाओं में हर तरह के कैंसर के मामले 18 फीसदी हैं। आंकड़े गवाह हैं कि भारत में हर साल 1 लाख 20 हजार महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़िक हो जाती हैं। जिसमें 74 हजार महिलाएं दम तोड़ देती हैं। प्रतिदिन के हिसाब से बात करें तो हर दिन 211 महिलाएं इस जानलेवा कैंसर से अपनी जान गंवा देती हैं। जांच का भी हाल समझिए। देश में ऐसी 1 फीसदी महिलाएं ही हैं जो इस घातक कैंसर की जांच कराती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने बताया कि कम से कम 70 फीसदी महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच होनी चाहिए।

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